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नेपाल जलप्रलय: आपदा में मकान, सड़कें और पुल बह गए, भारत-चीन कर रहे मदद; बेली ब्रिज भेजे गए
Wed, 09 Sep 2026 06:24 AM IST
नितिन गौतम
अमर उजाला ब्यूरो, काठमांडू
अमर उजाला ब्यूरो, काठमांडू
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 09 Sep 2026 06:24 AM IST
सार
नेपाल त्रासदी से नेपाल के आधारभूत ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। आपदा प्रभावित इलाकों में अधिकतर सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं। हालांकि अब भारत और चीन नेपाल की मदद में जुटे हैं और दोनों देश बेली ब्रिज भेजे रहे हैं।
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नेपाल में आपदा से भारी नुकसान।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नेपाल विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित इलाकों में पुलों और सड़कों को फिर से बनाने की कोशिश में जुटा है, और भारत और चीन से मदद मांगी है। पड़ोसी देशों ने अस्थायी पुल मुहैया कराने के नेपाल के आग्रह पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। आपदा में उत्तरी और मध्य नेपाल में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए थे। रसुवा और चितवन के बीच 63 पुल में 41 पुल नष्ट हो गए और चार अन्य आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। काठमांडो पोस्ट की खबर के अनुसार, चीन मुस्तांग में कोरला सीमा चौकी पर दो बेली ब्रिज पहले ही भेज चुका है। भारत ने भी नेपाल को बेली ब्रिज उपलब्ध कराने की पेशकश की है।
वो जंगल गए हैं...12 साल के मासूम को नहीं पता अब कभी नहीं आएंगे मां-बाप
काठमांडो के एक बौद्ध मठ में बने राहत शिविर में इन दिनों 520 ऐसे बेघर लोगों ने शरण ले रखी है जिन्होंने अपना सब कुछ गंवा दिया है। शिविर में एक कोने में बैठे 12 वर्ष के मासूम त्सेरिंग की आंखें लगातार दरवाजे पर टिकी हैं। उसे भरोसा है कि उसके माता-पिता जल्द लौट आएंगे, लेकिन सच्चाई यही है कि वो अब इस दुनिया में नहीं हैं।
अब 5.3 तीव्रता का भूकंप कई जिलों में महसूस हुए झटके
नेपाल में जल प्रलय के बाद अब उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मंगलवार रात 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र मुस्तांग जिले के लोमानथांग में था। इससे कोई हताहत नहीं है।
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