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US: 'परमाणु हथियारों पर नियंत्रण..' राष्ट्रपति के तौर पर आखिरी बैठक में जिनपिंग से ऐसा क्यों बोले बाइडन, जानें
Sun, 17 Nov 2024 07:54 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लीमा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लीमा
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 17 Nov 2024 07:54 AM IST
सार
बाइडन के साथ जिनपिंग की परमाणु हथियारों को लेकर चर्चा पर चीन की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, बाइडन की कोशिशों के बाद नवंबर में दोनों देशों के बीच कुछ समय के लिए परमाणु हथियारों पर आधिकारिक बातचीत हुई थी।
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शी जिनपिंग, जो बाइडन।
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन शनिवार को पेरू में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन (एपीईसी) से इतर बैठक की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिनपिंग ने इस बैठक के दौरान कहा कि चीन नए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीनी सरकार संचार बनाए रखने, सहयोग को बढ़ाने और मतभेदों को कम करने के लिए काम करेगी। इतना ही नहीं दोनों नेताओं के बीच परमाणु हथियारों के नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई।
दोनों के बीच क्या बात हुई?
अमेरिका और चीन के राष्ट्राध्यक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी की परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का फैसला कभी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भरोसे पर नहीं छोड़ा जा सकता। इसका फैसला हमेशा इंसानों को करना चाहिए। दोनों नेताओं ने तकनीक से जुड़े इन मामलों में जिम्मेदारीपूर्ण रवैया अपनाने पर बात की।
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, "दोनों नेताओं ने एआई तकनीक को सैन्य क्षेत्र में जिम्मेदारी से विकसित करने और इसके जोखिमों को सावधानी से समझने पर सहमति जताई।" बता दें कि चीन लंबे समय से अपने परमाणु जखीर को मजबूत कर रहा है। वहीं, अमेरिका पहले से ही परमाणु हथियारों में संपन्न रहा है। हालांकि, बाइडन प्रशासन काफी समय से रूस और चीन के साथ परमाणु हथियारों के उत्पादन पर रोक लगाने के लिए चर्चा चाहता था।
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बाइडन के साथ जिनपिंग की परमाणु हथियारों को लेकर चर्चा पर चीन की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, बाइडन की कोशिशों के बाद नवंबर में दोनों देशों के बीच कुछ समय के लिए परमाणु हथियारों पर आधिकारिक बातचीत हुई थी। इसके बाद से ही समझौते अटके हुए हैं। अमेरिका ने चीन पर प्रतिक्रिया न दने का भी आरोप लगाया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, चीन के पास इस वक्त 500 परमाणु हथियार हैं और वह 2030 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 1000 करना चाहता है।
चीन की ओर से जारी बयान में क्या?
चीन की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, शी जिनपिंग ने अमेरिका में हो रहे बदलावों के मुद्दे पर बात की और कहा कि उनका लक्ष्य दोनों देशों के बीच स्थिर, स्वस्थ और टिकाऊ रिश्ते बनाए रखना है। शी ने कहा कि चीन नए अमेरिकी प्रशासन के साथ कामन करने के लिए तैयार है और लोगों की भलाई वाले बदलावों की उम्मीद करता है।
बैठक में चीनी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "जब दोनों देश एक-दूसरे से साझेदार और दोस्त की तरह बर्ताव करते हैं और मतभेद खत्म करने के लिए हल निकालते हैं तो रिश्ते आगे बढ़ते हैं। लेकिन अगर हम एक-दूसरे को दुश्मन के तौर पर देखते हैं और नुकसान पहुंचाने के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा पर उतर आते हैं तो इससे रिश्ते खराब होते हैं।"
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दोनों के बीच क्या बात हुई?
अमेरिका और चीन के राष्ट्राध्यक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी की परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का फैसला कभी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भरोसे पर नहीं छोड़ा जा सकता। इसका फैसला हमेशा इंसानों को करना चाहिए। दोनों नेताओं ने तकनीक से जुड़े इन मामलों में जिम्मेदारीपूर्ण रवैया अपनाने पर बात की।
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व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, "दोनों नेताओं ने एआई तकनीक को सैन्य क्षेत्र में जिम्मेदारी से विकसित करने और इसके जोखिमों को सावधानी से समझने पर सहमति जताई।" बता दें कि चीन लंबे समय से अपने परमाणु जखीर को मजबूत कर रहा है। वहीं, अमेरिका पहले से ही परमाणु हथियारों में संपन्न रहा है। हालांकि, बाइडन प्रशासन काफी समय से रूस और चीन के साथ परमाणु हथियारों के उत्पादन पर रोक लगाने के लिए चर्चा चाहता था।
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बाइडन के साथ जिनपिंग की परमाणु हथियारों को लेकर चर्चा पर चीन की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, बाइडन की कोशिशों के बाद नवंबर में दोनों देशों के बीच कुछ समय के लिए परमाणु हथियारों पर आधिकारिक बातचीत हुई थी। इसके बाद से ही समझौते अटके हुए हैं। अमेरिका ने चीन पर प्रतिक्रिया न दने का भी आरोप लगाया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, चीन के पास इस वक्त 500 परमाणु हथियार हैं और वह 2030 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 1000 करना चाहता है।
चीन की ओर से जारी बयान में क्या?
चीन की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, शी जिनपिंग ने अमेरिका में हो रहे बदलावों के मुद्दे पर बात की और कहा कि उनका लक्ष्य दोनों देशों के बीच स्थिर, स्वस्थ और टिकाऊ रिश्ते बनाए रखना है। शी ने कहा कि चीन नए अमेरिकी प्रशासन के साथ कामन करने के लिए तैयार है और लोगों की भलाई वाले बदलावों की उम्मीद करता है।
बैठक में चीनी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "जब दोनों देश एक-दूसरे से साझेदार और दोस्त की तरह बर्ताव करते हैं और मतभेद खत्म करने के लिए हल निकालते हैं तो रिश्ते आगे बढ़ते हैं। लेकिन अगर हम एक-दूसरे को दुश्मन के तौर पर देखते हैं और नुकसान पहुंचाने के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा पर उतर आते हैं तो इससे रिश्ते खराब होते हैं।"