US: चीन-फिलीपींस विवाद में अमेरिका की एंट्री, बाइडन बोले- फिलिपिनो सरकार के साथ मिलकर ड्रैगन के खिलाफ लड़ेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि फिलीपींस के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका का रक्षा समझौता दृढ़ है। फिलीपींस के जहाज, विमान या सेना पर हुआ कोई भी हमला हमारे रक्षा संधि के तहत आता है।
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दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच खींचतान लगातार जारी है। इस बीच अमेरिका ने फिलीपींस का समर्थन किया। अमेरिका के राष्ट्रपति का कहना है कि वह फिलीपींस की ओर से चीन के साथ युद्ध लड़ने के लिए तैयार है। बता दें, हाल ही में दोनों देशों के जहाजों की टक्कर हो गई थी, जिससे विवाद एक बार फिर बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि फिलीपींस के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका का रक्षा समझौता दृढ़ है। फिलीपींस के जहाज, विमान या सेना पर हुआ कोई भी हमला हमारे रक्षा संधि के तहत आता है। रक्षा समझौते के अनुसार, अमेरिका और फिलीपींस संयुक्त रूप से सशस्त्र हमले के खिलाफ लड़ेंगे।
इस कारण से एक बार फिर बढ़ा विवाद
इसी सप्ताह की शुरुआत में रविवार को दो फिलीपीनी जहाज और चीनी विमान आपस में टकरा गए थे। इसके बाद, फिलीपीन सरकार की टास्क फोर्स ने एक बयान जारी किया था। बयान में कहा गया था कि रविवार सुबह हुई पहली घटना में चीन के तट रक्षक जहाज 5203 के खतरनाक युद्धाभ्यास के कारण फिलीपींस की सैन्य नाव से टक्कर हो गई थी। वहीं, दूसरी घटना में फिलीपीन तट रक्षक जहाज बाईं ओर से चीनी मिलिशिया जहाज से टकरा गया था। जिस जगह पर जहाजों की टक्कर हुई वह घटनास्थल दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
चीनी विदेश मंत्री ने बाइडन से की थी मुलाकात
एक दिन पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी। बाइडन प्रशासन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा था कि बाइडन और वांग ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट कमरे में मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद, जो बाइडन ने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन दोनों को रिश्ते मजबूत करने और खुली लाइनें बनाए रखने की जरूरत है। संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन को वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक साथ काम मिलकर काम करने की आवश्यकता है।