{"_id":"5ef423ac8ebc3e431b2fc05c","slug":"us-president-donald-trump-says-america-will-halve-the-number-of-american-troops-present-in-germany-russia-will-get-a-strong-message","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्मनी में मौजूद अमेरिकी सैनिकों की संख्या आधी करेगा अमेरिका, रूस को जाएगा कड़ा संदेश: ट्रंप","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
जर्मनी में मौजूद अमेरिकी सैनिकों की संख्या आधी करेगा अमेरिका, रूस को जाएगा कड़ा संदेश: ट्रंप
Thu, 25 Jun 2020 09:40 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 25 Jun 2020 09:40 AM IST
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जर्मनी में मौजूद अमेरिकी सैनिकों में से कुछ को पोलैंड भेजा जाएगा। ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि अमेरिका जर्मनी में मौजूद अपने 52,000 सैनिकों की संख्या घटाकर 25,000 करेगा।
विज्ञापन
अमेरिकी यात्रा पर आए पोलैंड के राष्ट्रपति एंड्रेज डूडा के साथ व्हाइट हाउस रोज गोर्डन में एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि ‘हम संभवत: जर्मनी से सैनिकों को पोलैंड भेजेंगे।’ ट्रंप ने जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाने के सवाल पर ही यह जवाब दिया।
विज्ञापन
ट्रंप ने कहा कि ‘उन्होंने (पोलैंड ने) हमसे पूछा है कि क्या हम अतिरिक्त सैनिक भेज सकते हैं। वे इसके लिए भुगतान करेंगे। वे अतिरिक्त सैनिक भेजने के लिए भी भुगतान करेंगे। हम संभवत: जर्मनी से सैनिकों को पोलैंड भेजेंगे।’
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ‘हम जर्मनी में अपने सैनिकों की संख्या घटाकर 25,000 करने वाले हैं। अभी हमारे वहां 52,000 सैनिक हैं, जिन्हें घटाकर हम 25,000 करेंगे।’ उन्होंने कहा कि ‘उनमें से कुछ देश लौटेंगे और कुछ अन्य स्थानों पर जाएंगे। उन अन्य स्थानों में से एक पोलैंड है। बाकी स्थान यूरोप में हैं।’
एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि इस फैसले से रूस को बहुत कड़ा संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘जर्मनी पाइपलाइन से रूस से ऊर्जा खरीदने के लिए अरबों डॉलर का भुगतान कर रहा है। आप रूस को अरबों डॉलर दे रहे हैं और फिर हमसे रूस से अपनी रक्षा करने की उम्मीद करते हैं? इसलिए मुझे लगता है कि यह बहुत बुरा है...मुझे लगता है कि जर्मनी के लोग भी इससे काफी नाखुश हैं।’