फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US on alert after link between Nevada government website and ISI linked company

नेवादा में सरकारी वेबसाइट के पाक लिंक से अमेरिका में अलर्ट

Tue, 08 Dec 2020 02:42 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: Jeet Kumar Updated Tue, 08 Dec 2020 02:42 AM IST
विज्ञापन
US on alert after link between Nevada government website and ISI linked company
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत या पड़ोसी देशों में ही अपना जाल नहीं बिछा रही है बल्कि उसका लाहौर की एक ऐसी कंपनी से लिंक भी पाया गया है जो अमेरिकी राज्य नेवादा में सरकारी वेबसाइट को सेवाएं दे रही है। यह लिंक उजागर होने के बाद अमेरिका की संघीय एजेंसी और नेवादा सरकार को एक एंटी-वोटर ग्रुप द्वारा अलर्ट पर रखा गया है।

विज्ञापन


5 दिसंबर को ब्रेइटबार्ट न्यूज में ‘एंटी-वोटर फ्रॉड समूह के संदिग्ध लिंक के बीच नेवादा स्टेट वेबसाइट और इंटेलिजेंस-लिंक्ड पाकिस्तानी कंपनी’ शीर्षक से एक लेख छपा है।
विज्ञापन



क्रिस्टीना वॉन्ग के लिखे इस लेख के मुताबिक, ट्रू दि वोट संगठन ने नेवादा राज्य वोटर रजिस्ट्रेशन सूची से कुछ जानकारी मांगी थी। यह जानकारी उसे एक ईमेल के रूप में मिली जिसके बाद राज्य और संघीय प्राधिकरण को अलर्ट किया गया। संगठन ने ईमेल के साथ मतदाता फाइल डाउनलोड की।
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रू दि वोट के अध्यक्ष जॉन सी. डिमर्स ने बताया कि इस ईमेल की एक प्रति पाकिस्तानी कंपनी कैवटेक कार्बन के एक कर्मचारी के पास भी पहुंची जिसे देखकर वे हैरान रह गए। यह प्रति वकास बट के नाम पर गई जो लाहौर में कैवटेक सोल्यूशन लिमि. का सीईओ हैं। इस कंपनी का संबंध पाकिस्तानी खुफिया सेवा आईएसआई से पाया गया है जिससे चिंता पैदा हुई।

राज्य सरकार की सूचनाएं हैकरों तक संभव
घटना से परिचित चुनाव शोधकर्ताओं का मानना है कि सीसी लाइन में एक अन्य ईमेल पते का होना सरकारी वेबसाइट के मंत्री के अंतर्गत काम करने वाले किसी ठेकेदार का हो सकता है। लेकिन इसके पाकिस्तानी होने और उसकी कंपनी के आईएसआई से रिश्ते होने के कारण नेवादा की सरकारी वेबसाइट से जुड़ी सूचनाएं परोक्ष रूप से किसी तीसरे देश या हैकरों तक भी पहुंच बना सकती है। इसे लेकर चिंता जताई गई।


पूरे मामले की जांच होना चाहिए
घटना के बाद एक विशेषज्ञ एंगेलब्रेक्ट ने ब्रेइटबार्ट न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि पाकिस्तानी कंपनी को अमेरिकी राज्य की सरकारी वेबसाइट की जानकारी क्यों देनी चाहिए। महत्वपूर्ण सूचनाओं के ईमेल की कॉपी किसी तीसरे देश को मिलना एक गंभीर मामला है क्योंकि वे अपनी खुफिया सेवा द्वारा हमारे सर्वर तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं। उन्होंने कहा, इस पूरे मामले की जांच होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed