Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US-Nigeria Conflict: Trump Warns of Possible Military Action Over Christian Persecution Allegations

US Nigeria Conflict: ‘जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई करेंगे’; ईसाइयों पर अत्याचार के आरोपों पर ट्रंप का सख्त रुख

Mon, 03 Nov 2025 08:44 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबुजा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबुजा Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 03 Nov 2025 08:44 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में ईसाइयों पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर नाइजीरियाई सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो अमेरिका सहायता बंद कर सकता है और सैन्य कदम भी उठा सकता है।

विज्ञापन
US-Nigeria Conflict: Trump Warns of Possible Military Action Over Christian Persecution Allegations
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में ईसाई समुदाय के खिलाफ हो रहे कथित अत्याचारों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर नाइजीरियाई सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो अमेरिका वहां सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा अगर नाइजीरियाई सरकार ईसाइयों की हत्याओं को नहीं रोकती है, तो अमेरिका तुरंत नाइजीरिया को दी जाने वाली सभी मदद बंद कर देगा और जरूरत पड़ी तो गन्स-ए-ब्लेजिंग उस देश में कार्रवाई करेगा।

विज्ञापन


‘जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई करेंगे’
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को संभावित कार्रवाई की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लिखा अगर हमला किया गया, तो वह तेज, कठोर और निर्णायक होगा, ठीक वैसे ही जैसे आतंकवादी हमारे प्यारे ईसाइयों पर हमला करते हैं। एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब अमेरिकी सैनिकों को भेजना या हवाई हमले करना है, तो ट्रंप ने कहा संभव है। वे ईसाइयों की बड़ी संख्या में हत्या कर रहे हैं, और हम ऐसा नहीं होने देंगे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- US Nuclear Test: क्या अमेरिका फिर करेगा परमाणु परीक्षण? ट्रंप की नई योजना से मचा हड़कंप; ऊर्जा सचिव ने दी सफाई
विज्ञापन
विज्ञापन


राष्ट्रपति ने बताया धार्मिक रूप से चिंताजनक देश
ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू ने शुक्रवार को अमेरिका की उस घोषणा का विरोध किया जिसमें नाइजीरिया को धार्मिक रूप से चिंताजनक देश बताया गया था। टिनुबू ने कहा नाइजीरिया में धार्मिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता हमारी पहचान का अहम हिस्सा है। हमारा संविधान सभी धर्मों की रक्षा की गारंटी देता है।


ये भी पढ़ें:- US: अमेरिका में शटडाउन पर गतिरोध 33वें दिन भी जारी, ट्रंप के इस कदम से अभी और खिंच सकता है

22 करोड़ की आबादी में धार्मिक विभाजन
नाइजीरिया की 22 करोड़ आबादी लगभग बराबर हिस्सों में मुस्लिम और ईसाई समुदायों में बंटी हुई है। देश लंबे समय से बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों के हमलों से जूझ रहा है, जो इस्लामी कानून लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि नाइजीरिया में ज्यादातर हमले मुस्लिम बहुल उत्तरी क्षेत्रों में होते हैं और इन हमलों में कई मुस्लिम भी मारे जाते हैं।

अमेरिका ने 2020 में नाइजीरिया को कंट्री ऑफ पार्टिकुलर कंसर्न की सूची में शामिल किया था, लेकिन 2023 में यह टैग हटा लिया गया था। अब ट्रंप की नई चेतावनी से दोनों देशों के रिश्तों में फिर से तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed