{"_id":"6833d4bef3726d7a2b094589","slug":"us-military-shifts-messaging-in-africa-telling-allies-to-prepare-to-stand-more-on-their-own-2025-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: अफ्रीका को लेकर अपनी रक्षा नीति में अमेरिका ने किया बदलाव, अब सिर्फ अपनी सुरक्षा पर फोकस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: अफ्रीका को लेकर अपनी रक्षा नीति में अमेरिका ने किया बदलाव, अब सिर्फ अपनी सुरक्षा पर फोकस
Mon, 26 May 2025 08:21 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 26 May 2025 08:21 AM IST
सार
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में रक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया गया है। बदलाव के तहत अब अफ्रीकी देशों को अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए तैयार करने की बात कही जा रही है। वहीं अमेरिका जहां अफ्रीका से अपने प्रभाव को समेट रहा है, वहीं रूस और चीन, अफ्रीका में अपनी मौजूदगी को बढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन
डोनाल्ड का पश्चिम एशिया दौरा
- फोटो : PTI
विस्तार
अब तक अमेरिका अफ्रीकी देशों की सुरक्षा पर फोकस कर रहा था और इसके लिए उसकी नीति सुशासन पर फोकस और उग्रवाद के मुकाबले की रही थी, लेकिन अब अमेरिका ने अफ्रीका को लेकर अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल अमेरिका और अफ्रीकी देशों के संयुक्त सैन्यभ्यास अफ्रीकी लॉयन के आखिरी दिन मीडिया से बात करते हुए अफ्रीका में अमेरिकी सेना के शीर्ष कमांडर जनरल माइकल लैंगले ने कहा कि अब अफ्रीकी देशों को अपनी सुरक्षा के लिए अपने पैरों पर खड़े होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे सहयोगी देश अब स्वतंत्र रूप से सैन्य संचालन में सक्षम हो जाएं।
ट्रंप प्रशासन ने अपनी रक्षा नीति में किया बड़ा बदलाव
चार हफ्ते तक चले संयुक्त सैन्यभ्यास में 40 से ज्यादा देशों के सैनिकों ने हवाई, जमीन, और समुद्री चुनौतियों से निपटने की तैयारी की। इस दौरान ड्रोन्स, आमने-सामने की मुठभेड़ और सैटेलाइट गाइडेड रॉकेट्स का अभ्यास किया गया। अमेरिका ने अफ्रीका में शांति और स्थिरता के लिए कूटनीति, सुरक्षा और विकास की नीति अपनाई हुई थी, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में इस नीति में बड़ा बदलाव किया गया है। बदलाव के तहत अब अफ्रीकी देशों को अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए तैयार करने की बात कही जा रही है।
ये भी पढ़ें- India Pakistan Tension: शहबाज की करतूतों से तुर्किये बेनकाब, एर्दोगन को शुक्रिया कह उजागर किया नापाक चेहरा
विज्ञापन
रूस और चीन अफ्रीका में बढ़ा रहे अपनी मौजूदगी
जनरल लैंगले ने कहा कि अब हमारी प्राथमिकता अपने घर की सुरक्षा पहले है। अमेरिका अपनी सेना के आकार में कमी कर उसे और सक्षम, उन्नत और आधुनिक बनाना चाहता है। यही वजह है कि वह दुनियाभर में अपने सैनिकों की तैनाती को समेट रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका, अफ्रीका में ऐसे समय अपनी मौजूदगी घटाने पर विचार कर रहा है, जब रूस और चीन लगातार इस महाद्वीप में अपने पैर पसार रहे हैं। चीन ने भी अफ्रीकी देशों की सेनाओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है। रूस के वैगनर ग्रुप जैसे संगठन भी लगातार उत्तर, पश्चिम और मध्य अफ्रीका में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- US: EU के लिए बड़ी राहत; ट्रंप ने प्रस्तावित 50% टैरिफ जुलाई तक टाला, हार्वर्ड विवि अनुदान के मसले पर भी बोले
अफ्रीकी देशों में आतंकवादी फिर जमा सकते हैं अपने पैर
अफ्रीकी देश इस्लामिक आतंकवाद का गढ़ रहे हैं। कई देशों में अल कायदा और आईएसआईएस जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के केंद्र हैं। ऐसे में जब अमेरिका, अफ्रीका से अपनी सैन्य मौजूदगी को कम करने पर विचार कर रहा है, तो इससे अफ्रीका में फिर से आतंकी संगठन अपने पैर जमा सकते हैं। साथ ही उग्रवाद भी अफ्रीकी देशों की बड़ी समस्या रही है, कई देश गृहयुद्ध जैसे हालात में हैं। यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन की रक्षा नीति में बदलाव के अफ्रीका समेत पूरे विश्व पर गहरे असर होंगे।
विज्ञापन
ट्रंप प्रशासन ने अपनी रक्षा नीति में किया बड़ा बदलाव
चार हफ्ते तक चले संयुक्त सैन्यभ्यास में 40 से ज्यादा देशों के सैनिकों ने हवाई, जमीन, और समुद्री चुनौतियों से निपटने की तैयारी की। इस दौरान ड्रोन्स, आमने-सामने की मुठभेड़ और सैटेलाइट गाइडेड रॉकेट्स का अभ्यास किया गया। अमेरिका ने अफ्रीका में शांति और स्थिरता के लिए कूटनीति, सुरक्षा और विकास की नीति अपनाई हुई थी, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में इस नीति में बड़ा बदलाव किया गया है। बदलाव के तहत अब अफ्रीकी देशों को अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए तैयार करने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- India Pakistan Tension: शहबाज की करतूतों से तुर्किये बेनकाब, एर्दोगन को शुक्रिया कह उजागर किया नापाक चेहरा
विज्ञापन
रूस और चीन अफ्रीका में बढ़ा रहे अपनी मौजूदगी
जनरल लैंगले ने कहा कि अब हमारी प्राथमिकता अपने घर की सुरक्षा पहले है। अमेरिका अपनी सेना के आकार में कमी कर उसे और सक्षम, उन्नत और आधुनिक बनाना चाहता है। यही वजह है कि वह दुनियाभर में अपने सैनिकों की तैनाती को समेट रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका, अफ्रीका में ऐसे समय अपनी मौजूदगी घटाने पर विचार कर रहा है, जब रूस और चीन लगातार इस महाद्वीप में अपने पैर पसार रहे हैं। चीन ने भी अफ्रीकी देशों की सेनाओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है। रूस के वैगनर ग्रुप जैसे संगठन भी लगातार उत्तर, पश्चिम और मध्य अफ्रीका में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- US: EU के लिए बड़ी राहत; ट्रंप ने प्रस्तावित 50% टैरिफ जुलाई तक टाला, हार्वर्ड विवि अनुदान के मसले पर भी बोले
अफ्रीकी देशों में आतंकवादी फिर जमा सकते हैं अपने पैर
अफ्रीकी देश इस्लामिक आतंकवाद का गढ़ रहे हैं। कई देशों में अल कायदा और आईएसआईएस जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के केंद्र हैं। ऐसे में जब अमेरिका, अफ्रीका से अपनी सैन्य मौजूदगी को कम करने पर विचार कर रहा है, तो इससे अफ्रीका में फिर से आतंकी संगठन अपने पैर जमा सकते हैं। साथ ही उग्रवाद भी अफ्रीकी देशों की बड़ी समस्या रही है, कई देश गृहयुद्ध जैसे हालात में हैं। यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन की रक्षा नीति में बदलाव के अफ्रीका समेत पूरे विश्व पर गहरे असर होंगे।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन