फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Shehbaz Sharif thanks 'dear brother' Recep Tayyip Erdogan for backing Pakistan against India

India Pakistan Tension: शहबाज की करतूतों से तुर्किये बेनकाब, एर्दोगन को शुक्रिया कह उजागर किया नापाक चेहरा

Mon, 26 May 2025 07:41 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 26 May 2025 07:41 AM IST
सार

बैठक तुर्किये और भारत के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच हुई। तुर्किये पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है। भारत और पाकिस्तान के संघर्ष के दौरान पड़ोसी मुल्क ने तुर्किये निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल किया था। इसे लेकर अंकारा को नई दिल्ली से कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा था। हालांकि, तुर्किये के अधिकारियों ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को कोई हथियार नहीं भेजा गया।

विज्ञापन
Shehbaz Sharif thanks 'dear brother' Recep Tayyip Erdogan for backing Pakistan against India
शहबाज शरीफ, रेसेप तैयप एर्दोगन - फोटो : X/@CMShehbaz

विस्तार

सच ज्यादा दिनों तक छिपाया नहीं जा सकता। भारत के खिलाफ साजिश में मदद करने को लेकर आरोपों का सामना कर रहे तुर्किये और चीन कितना भी नकार लें, लेकिन अब सच सबके सामने आ गया है। इसका खुलासा खुद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया है। शरीफ की करतूतों से तुर्किये बेनकाब हो गया है। उन्होंने तुर्किये के राष्ट्रपति  रेसेप तैयप एर्दोगन को शुक्रिया कह सबकुछ उजागर कर दिया है।

विज्ञापन


दरअसल, एर्दोगन ने शहबाज के साथ इस्तांबुल में मुलाकात की। बातचीत पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ने के कुछ ही सप्ताह बाद हुई। शहबाज ने भारत के खिलाफ दृढ़ समर्थन के लिए एर्दोगन को धन्यवाद दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शहबाज ने लिखा, 'इस्तांबुल में अपने प्रिय भाई राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मिलने का मौका मिला। हाल ही में पाकिस्तान-भारत गतिरोध में पाकिस्तान को उनके दृढ़ समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।'
विज्ञापन


शहबाज ने आगे लिखा, 'पाकिस्तान के लोगों की ओर से अपने तुर्किये के भाइयों और बहनों के प्रति आभार व्यक्त किया। हमने अपने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों, खात तौर पर व्यापार और निवेश में चल रही प्रगति की भी समीक्षा की। भाईचारे और सहयोग के अटूट बंधनों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखने के अपने संकल्प को दोहराया।'
विज्ञापन
विज्ञापन


एर्दोगन का जवाब
तुर्किये के राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान के मुताबिक, बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना था। ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और रक्षा क्षेत्रों में मतबूत होते रिश्तों को और आगे ले जाना था। एर्दोगन ने खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद विरोधी जैसे क्षेत्रों में तुर्किये-पाकिस्तान के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखना चाहिए।

शरीफ के पोस्ट के जवाब में राष्ट्रपति एर्दोगन ने लिखा, 'हमने उनके साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। खासकर अर्थव्यवस्था, व्यापार और सुरक्षा पर। हमने तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हर क्षेत्र में गहरे ऐतिहासिक, मानवीय और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने की अपनी इच्छा को ढृढ़ किया। जैसा कि मेरे प्यारे भाई शहबाज ने कहा, हमने अपने देश और लोगों के बीच अटूट संबंधों, सहयोग, एकजुटता और भाईचारे को और मजबूत किया है। मैं शरीफ के माध्यम से अपने पाकिस्तानी भाइयों को अपना हार्दिक प्यार व्यक्त करता हूं।'



5 बिलियन डॉलर का व्यापार लक्ष्य
बैठक के बाद तुर्किये के संचार निदेशालय ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि बैठक के दौरान राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि तुर्किये और पाकिस्तान अपने संबंधों को आगे बढ़ाने और पांच बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कदम उठाना जारी रखेंगे।

एर्दोगन ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों का समर्थन किया
भारत के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद एर्दोगन ने पाकिस्तान का समर्थन किया। 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया। आतंकियों ने 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक की नृशंस हत्या कर दी। भारत ने पाकिस्तान पर इस हमले की साजिश रचने का, आतंकियों को पनाह देने का और उनकी मदद करने का आरोप लगाया। पाकिस्तान ने इसका खंडन किया। पाकिस्तान ने पहलगाम हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की। एर्दोगन ने इसका भी समर्थन किया। जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत में नागरिकों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की कोशिश की। भारत ने उसके हर मंसूबों पर पानी फेरा। पाकिस्तान ने जिन ड्रोन का इस्तेमाल किया, वह तुर्किये में बनाए गए थे। चार दिन के संघर्ष के बाद 10 मई को दोनों पक्ष संघर्ष विराम पर सहमत हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed