{"_id":"62f3fc97fdc58150a74b9de2","slug":"us-lawmaker-ro-khanna-said-biden-will-not-delay-in-lifting-caatsa-ban-from-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"US CAATSA: भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा- भारत से काटसा प्रतिबंध हटाने में देर नहीं करेंगे बाइडन","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US CAATSA: भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा- भारत से काटसा प्रतिबंध हटाने में देर नहीं करेंगे बाइडन
Thu, 11 Aug 2022 12:14 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 11 Aug 2022 12:14 AM IST
सार
रूस ने वर्ष 2014 में क्रीमिया को यूक्रेन से अलग कर दिया। इसके बाद वर्ष 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को उसके कथित तौर पर प्रभावित करने की बात सामने आई। इसके बाद अमेरिका ने काटसा लागू किया। इसके तहत रूस से रक्षा उपकरण खरीदने वाले देशों पर अमेरिकी प्रशासन दंडात्मक प्रतिबंध लगाता है।
विज्ञापन
भारतीय मूल के अमेरिकी कांग्रेस सदस्य रो खन्ना।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय मूल के अमेरिकी प्रभावशाली कांग्रेस सदस्य रो खन्ना ने कहा कि बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे भारत को विशेष काटसा प्रतिबंधों से छूट देने में बाइडन देर नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें इससे खुद राजनीतिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को कांग्रेस के 300 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।
विज्ञापन
रूस ने वर्ष 2014 में क्रीमिया को यूक्रेन से अलग कर दिया। इसके बाद वर्ष 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को उसके कथित तौर पर प्रभावित करने की बात सामने आई। इसके बाद अमेरिका ने काटसा लागू किया। इसके तहत रूस से रक्षा उपकरण खरीदने वाले देशों पर अमेरिकी प्रशासन दंडात्मक प्रतिबंध लगाता है। रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर भारत के खिलाफ भी यह प्रतिबंध लागू किए गए थे।
विज्ञापन
जुलाई में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने भारत को इन प्रतिबंधों से छूट देने के लिए रो खन्ना की ओर से पेश प्रस्ताव पास कर दिया था। इस प्रस्ताव में कहा गया कि एस-400 से भारत को चीन जैसे देशों की आक्रामकता से मुकाबले में मदद मिलेगी। रो खन्ना ने कहा, चीन और रूस की विस्तारवादी नीतियों के मद्देनजर भारत और अमेरिकी संबंध इतने महत्वपूर्ण कभी नहीं थे। मुझे यकीन है कि 21वीं सदी भारत-अमेरिका संबंधों को परिभाषित करेगी। हमें भारत को स्पष्ट संदेश भेजना चाहिए कि अमेरिका उससे रिश्तों की कितनी कद्र करता है।
विज्ञापन
भारत को छूट की राह में अभी दो बाधाएं
भारत को छूट का प्रस्ताव अभी सीनेट से पास होना है। इसके बाद यह राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए जाएगा। 45 वर्षीय डेमोक्रेट रो खन्ना ने कहा कि प्रतिबंध लागू होने का खतरा भारत के साथ हमारे संबंधों को मजबूत होने से रोकता है। यह ऑस्ट्रेलिया और जापान की भागीदारी वाले क्वाड के मजबूत होने में भी बाधा है।