पूर्व PM इमरान खान की जांच पर सवाल: PTI ने पूछा- एंजियोग्राफी क्यों नहीं हुई? शिफा अस्पताल की मांग दोहराई
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्वास्थ्य जांच को लेकर पाकिस्तान में विवाद बढ़ गया है। PTI ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की सलाह के बावजूद उनकी CT कोरोनरी एंजियोग्राफी नहीं कराई गई। पार्टी ने शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में जांच की मांग दोहराई। आखिर जांच क्यों नहीं हुई? आइए, जानते हैं...
विस्तार
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पूर्व प्रधानमंत्री और पार्टी संस्थापक इमरान खान की स्वास्थ्य जांच को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मांग की है कि इमरान खान की CT कोरोनरी एंजियोग्राफी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में कराई जाए। पीटीआई ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) में डॉक्टरों की सलाह के बावजूद यह जांच नहीं कराई गई।
डॉक्टरों ने क्यों सुझाई थी CT कोरोनरी एंजियोग्राफी?
पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम के मुताबिक, 10 अगस्त को एक सरकारी मेडिकल बोर्ड ने इमरान खान की जांच की थी। इससे पहले PIMS के एक हृदय रोग विशेषज्ञ ने 1 अगस्त को उनकी बदलती ब्लड प्रेशर स्थिति, बेचैनी और संभावित हृदय संबंधी जटिलताओं के जोखिम को देखते हुए CT कोरोनरी एंजियोग्राफी की सलाह दी थी। अकरम ने कहा कि इमरान की उम्र और लंबे समय से अलगाव में रहने को देखते हुए यह जांच जरूरी मानी गई थी। उनका दावा है कि सरकारी डॉक्टरों ने भी इस जांच को चिकित्सकीय रूप से आवश्यक माना था।
पीटीआई नेता के अनुसार, इमरान खान को PIMS ले जाने के बाद भी सुझाई गई जांच नहीं की गई। अस्पताल अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा कि इसके लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं था। अकरम ने दावा किया कि अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में CT स्कैनर मौजूद था और वह इस तरह की जांच करने में सक्षम था। उन्होंने कहा कि इस घटना से इमरान को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
PTI ने शिफा अस्पताल में इलाज की मांग क्यों की?
पीटीआई का कहना है कि शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में जरूरी विशेषज्ञ और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। पार्टी ने इमरान खान की CT कोरोनरी एंजियोग्राफी इसी अस्पताल में स्वतंत्र विशेषज्ञों और उनके निजी डॉक्टरों की निगरानी में कराने की मांग की है। पार्टी ने इमरान के परिवार, निजी मेडिकल टीम और कानूनी सलाहकारों को उनके सभी मेडिकल रिकॉर्ड, रिपोर्ट और जांच के नतीजे उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को लेकर क्या आदेश दिया था?
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को चिकित्सा जांच और इलाज के लिए दो दिनों के भीतर इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया था। अदालत ने उनके इलाज के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने को भी कहा था। तीन सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति शाहिद वहीद, न्यायमूर्ति नईम अख्तर अफगान और न्यायमूर्ति इश्तियाक इब्राहिम शामिल थे। पीठ इमरान के चिकित्सा उपचार, परिवार और वकीलों से मुलाकात समेत उनसे जुड़े कई मामलों की सुनवाई कर रही थी।
PIMS ले जाने पर क्यों हुआ विवाद?
पीटीआई के मुताबिक, सरकार ने 20 अगस्त को इमरान खान को कुछ समय के लिए PIMS पहुंचाया और मेडिकल जांच के बाद उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया। सरकार ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था। विपक्ष ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताया। अब PTI ने यह स्पष्ट करने की मांग की है कि इमरान को शिफा इंटरनेशनल के बजाय PIMS क्यों ले जाया गया और डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई CT कोरोनरी एंजियोग्राफी क्यों नहीं कराई गई।
PTI ने किन मांगों को उठाया?
पीटीआई ने इमरान खान की तत्काल CT कोरोनरी एंजियोग्राफी कराने के साथ-साथ उनके इलाज से जुड़े सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में व्यापक चिकित्सा जांच और इलाज से जुड़े निर्देशों को पूरी तरह लागू करने की भी मांग की। इसके अलावा पार्टी ने पूरे मामले की पारदर्शी और गैर-पक्षपातपूर्ण जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि इमरान को PIMS ले जाने का फैसला किसने लिया और अनुशंसित जांच क्यों नहीं कराई गई।