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US: 'टैरिफ से वसूला हुआ पैसा वापस होना चाहिए', टैरिफ पर बवाल के बीच बोले अमेरिकी सांसद

Sat, 21 Feb 2026 02:36 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sat, 21 Feb 2026 02:36 PM IST
सार

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया। इसके बाद सीनेटर चक शूमर ने कहा कि वसूला गया पैसा लौटाया जाए। ट्रंप ने फैसले को शर्मनाक बताते हुए 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ लागू कर दिया। मामला अब अदालत और राजनीति दोनों में गर्म है।

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US lawmaker Chuck Schumer amid tariff uproar statement Money collected through tariffs should be returned
अमेरिकी सांसद चक शूमर - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापार नीति पर सियासी घमासान और तेज हो गया है। अमेरिकी सीनेटर चक शूमर ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को “गैरकानूनी” बताते हुए साफ कहा है कि जो पैसा वसूला गया है, वह लौटाया जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी 2026 को ट्रंप की व्यापक वैश्विक टैरिफ नीति को 6-3 के बहुमत से अवैध करार दिया है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों से आगे जाकर फैसला लिया।
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सीनेटर शूमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जो कानून के अनुसार सही था। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने देश से जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां बढ़ने के बजाय घटी हैं। कीमतें कम होने की जगह बढ़ी हैं। शूमर के अनुसार, टैरिफ के कारण आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने अपने भाषण में बढ़ती कीमतों पर कोई बात नहीं की और न्यायाधीशों पर व्यक्तिगत टिप्पणी की, जो गलत है।
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत ट्रंप ने जो व्यापक टैरिफ लगाए, वह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर था। अदालत ने स्पष्ट किया कि टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। इस फैसले को ट्रंप की व्यापार नीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया
फैसले के बाद ट्रंप ने इसे शर्मनाक बताया और तुरंत एक अन्य कानून के तहत अस्थायी 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लागू करने पर हस्ताक्षर कर दिए। उन्होंने कहा कि वह देश के हित में आयात शुल्क बनाए रखने के लिए कानूनी विकल्प तलाशेंगे। इससे साफ है कि व्यापार नीति को लेकर उनका रुख अभी भी सख्त है।


पैसा नहीं लौटा तो फिर अदालत
जब शूमर से पूछा गया कि अगर पैसा वापस नहीं किया गया तो क्या होगा, तो उन्होंने कहा, “अदालत में मिलेंगे।” उनका कहना है कि अगर टैरिफ अवैध हैं तो उससे वसूला गया पैसा भी अवैध है और उसे लौटाना ही होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप कई मामलों में कानून की अनदेखी करते रहे हैं, लेकिन अदालतों ने उन्हें कई बार जिम्मेदार ठहराया है।

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राजनीतिक और आर्थिक असर
इस फैसले के बाद अमेरिका में व्यापार नीति, महंगाई और राष्ट्रपति की शक्तियों की सीमा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कई सांसदों ने फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ ने चिंता जताई है कि इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सरकार टैरिफ से वसूली गई रकम लौटाएगी और आगे की नीति क्या होगी। यह मामला आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर असर डाल सकता है।


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