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JetBlue: न्यूयॉर्क में जेएफके एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, विमान से ड्रोन टकराने का दावा; घटना की जांच शुरू
Tue, 30 Jun 2026 03:46 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 30 Jun 2026 03:46 AM IST
सार
न्यूयॉर्क के जेएफके एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान जेटब्लू के विमान से ड्रोन टकराने की खबर मिली। पायलट ने कॉकपिट के ऊपर टक्कर की बात कही, लेकिन जांच में विमान को कोई नुकसान नहीं मिला। एफएए इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
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यात्री विमान।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
सोमवार सुबह न्यूयॉर्क के जेएफके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया। जेटब्लू एयरलाइन के एक पायलट ने जानकारी दी कि लैंडिंग के दौरान उनका विमान एक ड्रोन से टकरा गया। यह घटना सुबह करीब 7:15 बजे हुई जब विमान समुद्र तट को पार कर रहा था। उस समय विमान लगभग 3,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।
पायलट ने दी टक्कर की जानकारी
पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को बताया कि मोड़ लेते समय एक ड्रोन उनके विमान से टकराया। पायलट के अनुसार, यह टक्कर कॉकपिट के ठीक ऊपर हुई। यह एयरबस A321 विमान लास वेगास से रात भर की उड़ान भरकर न्यूयॉर्क आ रहा था। गनीमत रही कि विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया और उसे किसी अतिरिक्त मदद की जरूरत नहीं पड़ी।
जांच में नहीं मिला कोई नुकसान
लैंडिंग के बाद सभी यात्री सामान्य रूप से विमान से बाहर निकले। इसके बाद विमान को जांच के लिए सेवा से हटा दिया गया। जेटब्लू एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि गहन जांच के बाद विमान पर किसी भी तरह के नुकसान या टक्कर के सबूत नहीं मिले हैं। एयरलाइन ने सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया और कहा कि वे इस मामले की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) इस घटना की जांच कर रहा है।
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ड्रोन उड़ाने के नियम और पाबंदियां
आमतौर पर ड्रोन को 400 फीट से नीचे उड़ाने की अनुमति होती है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट और वर्ल्ड कप जैसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के आसपास ड्रोन उड़ाने पर सख्त पाबंदी है। कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग सिर्फ वीडियो बनाने के लिए ड्रोन उड़ाते हैं। लेकिन इससे सुरक्षा अधिकारियों का ध्यान भटकता है और वे अन्य संभावित खतरों पर ध्यान नहीं दे पाते।
ये भी पढ़ें: Meta: व्हाट्सएप जल्द लाएगा यूजरनेम फीचर, बिना मोबाइल नंबर साझा किए कर सकेंगे चैट; यूजर्स के प्राइवेसी पर फोकस
एयरपोर्ट के पास बढ़ता खतरा
एफएए के आंकड़ों के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हर महीने एयरपोर्ट के पास ड्रोन देखे जाने की 100 से अधिक घटनाएं सामने आती हैं। प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने वाले ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा उनका लाइसेंस रद्द हो सकता है या ड्रोन जब्त किया जा सकता है। यूक्रेन और ईरान के युद्धों में ड्रोन से हुई तबाही ने भी अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
पुरानी घटनाओं का संदर्भ
कई बार पायलटों की शुरुआती रिपोर्ट जांच के बाद गलत भी साबित होती है। उदाहरण के लिए, अप्रैल में सैन डिएगो में यूनाइटेड एयरलाइंस के एक विमान के पास ड्रोन देखा गया था। बाद में एफएए की जांच में पता चला कि ड्रोन विमान से करीब 1,000 फीट नीचे था और कोई टक्कर नहीं हुई थी। फिलहाल जेएफके एयरपोर्ट वाली घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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पायलट ने दी टक्कर की जानकारी
पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को बताया कि मोड़ लेते समय एक ड्रोन उनके विमान से टकराया। पायलट के अनुसार, यह टक्कर कॉकपिट के ठीक ऊपर हुई। यह एयरबस A321 विमान लास वेगास से रात भर की उड़ान भरकर न्यूयॉर्क आ रहा था। गनीमत रही कि विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया और उसे किसी अतिरिक्त मदद की जरूरत नहीं पड़ी।
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जांच में नहीं मिला कोई नुकसान
लैंडिंग के बाद सभी यात्री सामान्य रूप से विमान से बाहर निकले। इसके बाद विमान को जांच के लिए सेवा से हटा दिया गया। जेटब्लू एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि गहन जांच के बाद विमान पर किसी भी तरह के नुकसान या टक्कर के सबूत नहीं मिले हैं। एयरलाइन ने सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया और कहा कि वे इस मामले की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) इस घटना की जांच कर रहा है।
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ड्रोन उड़ाने के नियम और पाबंदियां
आमतौर पर ड्रोन को 400 फीट से नीचे उड़ाने की अनुमति होती है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट और वर्ल्ड कप जैसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के आसपास ड्रोन उड़ाने पर सख्त पाबंदी है। कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग सिर्फ वीडियो बनाने के लिए ड्रोन उड़ाते हैं। लेकिन इससे सुरक्षा अधिकारियों का ध्यान भटकता है और वे अन्य संभावित खतरों पर ध्यान नहीं दे पाते।
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एयरपोर्ट के पास बढ़ता खतरा
एफएए के आंकड़ों के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हर महीने एयरपोर्ट के पास ड्रोन देखे जाने की 100 से अधिक घटनाएं सामने आती हैं। प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने वाले ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा उनका लाइसेंस रद्द हो सकता है या ड्रोन जब्त किया जा सकता है। यूक्रेन और ईरान के युद्धों में ड्रोन से हुई तबाही ने भी अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
पुरानी घटनाओं का संदर्भ
कई बार पायलटों की शुरुआती रिपोर्ट जांच के बाद गलत भी साबित होती है। उदाहरण के लिए, अप्रैल में सैन डिएगो में यूनाइटेड एयरलाइंस के एक विमान के पास ड्रोन देखा गया था। बाद में एफएए की जांच में पता चला कि ड्रोन विमान से करीब 1,000 फीट नीचे था और कोई टक्कर नहीं हुई थी। फिलहाल जेएफके एयरपोर्ट वाली घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच जारी है।