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US: 'प्रतिबंध हटे तो परमाणु क्षमता बढ़ाएगा ईरान', अमेरिका के पूर्व एनएसए बोल्टन ने ट्रंप को किया आगाह
Wed, 08 Apr 2026 10:07 PM IST
Nirmal Kant
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।
Published by: Nirmal Kant
Updated Wed, 08 Apr 2026 10:07 PM IST
सार
US: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को आगाह किया। उन्होंने कहा कि ईरान बुरी तरह घायल है, लेकिन वह खुद को फिर से खड़ा करने की कोशिश करेगा। यदि प्रतिबंध हट जाते हैं, तो ईरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को फिर से मजबूत कर सकता है। पढ़िए रिपोर्ट-
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जॉन बोल्टन
- फोटो : एक्स/जॉन बोल्टन
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विस्तार
ईरान के साथ 14 दिन के युद्धविराम के एलान पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने बुधवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान बुरी तरह घायल है। लेकिन वह खुद को फिर से खड़ा करने की कोशिश करेगा।
जॉन बोल्टन ने क्या कहा?
जॉन बोल्टन ने कहा, ईरान बुरी तरह घायल हो चुका है और अब वह फिर से खुद को खड़ा करने की कोशिश करेगा। अगर प्रतिबंध हट जाते हैं, तो इससे ईरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को फिर से खड़ा करने की क्षमता बढ़ा सकता है।
ये भी पढ़ें: शेख हसीना के 'सियासी अंत' पर मुहर?: आवामी लीग आतंकी संगठन घोषित, बांग्लादेश संसद ने लगाया स्थायी बैन
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संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के पूर्व राजदूत बोल्टन ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेल की कीमतें कम करने और शेयर बाजार को ऊपर ले जाने के लिए कोई बड़ा कदम चाहते थे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान का सारा संवर्धित यूरेनियम हासिल हो जाए तो यह बहुत अच्छा होगा। लेकिन अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि ईरान इसके लिए तैयार हुआ है।
युद्ध विराम पर सहमति
अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दो हफ्ते के अस्थायी युद्ध विराम पर सहमति बन गई। यह समझौता ऐसे समय में हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को तबाह करने की धमकी देते रहे। ट्रंप ने तीन दिन पहले ही धमकी दी थी कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला और अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचा तो इसका अंजाम बुरा होगा। ट्रंप ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि 7 अप्रैल के रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल सुबह 5.30 बजे) तक युद्ध शुरू हो सकता है और अमेरिका संघर्ष में ईरान के ऊर्जा संयंत्रों (पावर प्लांट्स) और पुलों को निशाना बनाएगा।
हालांकि, युद्ध विराम के एलान के कुछ ही घंटों बाद ईरान के लावन द्वीप में तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। ईरान ने भी जवाब में कुवैत में ऊर्जा ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। संयुक्त अरब अमीरात ने भी कहा कि वह ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों का गोलीबारी से जवाब दे रहा है। एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
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जॉन बोल्टन ने क्या कहा?
जॉन बोल्टन ने कहा, ईरान बुरी तरह घायल हो चुका है और अब वह फिर से खुद को खड़ा करने की कोशिश करेगा। अगर प्रतिबंध हट जाते हैं, तो इससे ईरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को फिर से खड़ा करने की क्षमता बढ़ा सकता है।
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संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के पूर्व राजदूत बोल्टन ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेल की कीमतें कम करने और शेयर बाजार को ऊपर ले जाने के लिए कोई बड़ा कदम चाहते थे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान का सारा संवर्धित यूरेनियम हासिल हो जाए तो यह बहुत अच्छा होगा। लेकिन अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि ईरान इसके लिए तैयार हुआ है।
युद्ध विराम पर सहमति
अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दो हफ्ते के अस्थायी युद्ध विराम पर सहमति बन गई। यह समझौता ऐसे समय में हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को तबाह करने की धमकी देते रहे। ट्रंप ने तीन दिन पहले ही धमकी दी थी कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला और अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचा तो इसका अंजाम बुरा होगा। ट्रंप ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि 7 अप्रैल के रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल सुबह 5.30 बजे) तक युद्ध शुरू हो सकता है और अमेरिका संघर्ष में ईरान के ऊर्जा संयंत्रों (पावर प्लांट्स) और पुलों को निशाना बनाएगा।
हालांकि, युद्ध विराम के एलान के कुछ ही घंटों बाद ईरान के लावन द्वीप में तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। ईरान ने भी जवाब में कुवैत में ऊर्जा ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। संयुक्त अरब अमीरात ने भी कहा कि वह ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों का गोलीबारी से जवाब दे रहा है। एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
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