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Hindi News ›   World ›   US EB-5 Green Card Fee Hike: Investor Visa Fees More Than Double, Impact on Indian Investors

ईबी-5 ग्रीन कार्ड पर ट्रंप प्रशासन का सख्त फैसला: फीस दोगुने से ज्यादा बढ़ी; भारतीय निवेशकों पर असर?

Thu, 01 Oct 2026 07:32 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, वाशिंगटन/नई दिल्ली।
एजेंसी, वाशिंगटन/नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 01 Oct 2026 07:32 AM IST
सार

अमेरिका में निवेश के जरिए ग्रीन कार्ड पाने वाले ईबी-5 वीजा की फीस दोगुने से ज्यादा बढ़ा दी गई है। नए नियम 30 नवंबर से लागू होंगे और भारतीय निवेशकों पर भी इसका असर पड़ सकता है। आखिर कितनी बढ़ी फीस और भारतीयों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव? पढ़िए इस रिपोर्ट में।

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US EB-5 Green Card Fee Hike: Investor Visa Fees More Than Double, Impact on Indian Investors
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

प्रवासियों के लिए अमेरिका में स्थायी निवास को लगातार मुशि्कल बना रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर अब ईबी-ग्रीन कार्ड वीजा प्रोग्राम पर पड़ गई है। ट्रंप प्रशासन ने निवेश के जरिये ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) पाने वाले लोकप्रिय वीजा प्रोग्राम की फीस को दोगुने से भी अधिक बढ़ाने का फैसला किया है।
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अमेरिकी नागरिकता और अप्रवासन सेवा ने बीते मंगलवार को इस नए नियम को अंतिम रूप दे दिया है, जो आगामी 30 नवंबर से आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा। सरकार के फैसले के बाद मुख्य आव्रजन फॉर्मों की फीस में भारी इजाफा किया गया है। इसके तहत स्टैंडअलोन इन्वेस्टर (फॉर्म आई-526) की फीस 3,675 डॉलर से बढ़ाकर 7,615 डॉलर (करीब 7.30 लाख रुपये) कर दी गई है।
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वहीं, रीजनल सेंटर इन्वेस्टर (फॉर्म आई-526ई) के लिए शुरुआती आवेदन शुल्क 3,675 से बढ़ाकर 7,850 डॉलर किया गया है। इसके साथ ही ग्रीन कार्ड की शर्तों को स्थायी कराने की फीस 3,750 से बढ़कर 5,000 डॉलर हो जाएगी। इतना ही नहीं, प्रशासन के फैसले के मुताबिक नए आवेदनों पर 75 डॉलर की टेक्नोलॉजी फीस भी लागू होगी और रीजनल सेंटर निवेशकों को 'इंटीग्रिटी फंड फीस' अलग से देनी होगी।
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एच-1बी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल कर रहे भारतीय: भारतीय निवेशकों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के वर्षों में लॉटरी सिस्टम, वीजा शुल्क में बढ़ोतरी समेत एच-1बी वीजा की अनिश्चितताओं से बचने व विकल्प के तौर पर रिकॉर्ड संख्या में अमीर भारतीयों ने ईबी-5 इन्वेस्टर वीजा प्रोग्राम का रुख किया है। ऐसे में इसका शुल्क बढ़ने पर अब समस्याएं और बढ़ जाएंगी।
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