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प्रवासियों को लेकर ब्रिटेन-फ्रांस का समझौता खत्म: क्यों बंद हुई 'एक के बदले एक’ योजना'; क्या होगा असर?

Thu, 01 Oct 2026 03:04 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 01 Oct 2026 03:04 AM IST
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UK-France deal aimed at reducing number of migrants crossing Channel in small boats is scrapped
इंग्लिश चैनल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
ब्रिटेन और फ्रांस के बीच चल रही एक योजना को खत्म कर दिया गया है। इस योजना का मकसद छोटी नावों से इंग्लिश चैनल पार करके ब्रिटेन आने वाले प्रवासियों की संख्या कम करना था। ब्रिटेन सरकार ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
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गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तथाकथित 'एक के बदले एक' समझौते के तहत अब नए मामलों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। 
इस योजना के तहत जो लोग खतरनाक तरीके से इंग्लिश चैनल पार करके ब्रिटेन पहुंचते थे, उन्हें हिरासत में लिया जा सकता था। उन्हें फ्रांस वापस भेजा जा सकता था। इसके बदले फ्रांस से उतने ही शरण मांगने वाले लोगों को ब्रिटेन लाया जाना था। इन लोगों ने सुरक्षित और कानूनी रास्ते से ब्रिटेन में शरण के लिए आवेदन किया था।
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इस समझौते के तहत करीब 1,500 लोगों को फ्रांस वापस भेजा गया है। इसके बदले इससे थोड़े कम लोगों को ब्रिटेन लाया गया है। योजना अब सक्रिय नहीं है। लेकिन गृह मंत्रालय ने कहा कि जिन लोगों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है, उन्हें आने वाले हफ्तों में विमान से वापस भेजने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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इस साल क्यों घटे छोटी नावों से आने वाले लोग?
फिलहाल हालात पिछले साल से काफी अलग हैं। इस साल इंग्लिश चैनल पार करने वाले लोगों की संख्या तेजी से घटी है। यह संख्या पांच साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसके पीछे कई वजहें बताई गई हैं। इनमें पुलिस की बढ़ी हुई गश्त और उत्तरी फ्रांस में निगरानी बढ़ाना शामिल है। इस साल अब तक करीब 19 हजार लोगों ने इंग्लिश चैनल पार किया है। पिछले साल इसी अवधि की तुलना में यह संख्या करीब 40 प्रतिशत कम है।

छोटी नावों से यात्रा कितनी खतरनाक?
सोमवार को हुई एक घटना ने इस यात्रा के खतरे को सामने ला दिया। 10 साल के एक बच्चे और दो महिलाओं की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाव में 100 से ज्यादा लोग सवार थे। भीड़ में दबकर कुचले जाने से तीनों की मौत हुई।

ये भी पढ़ें: ब्रिटिश पीएम का दावा: 'वायुसेना अड्डे के पास संदिग्ध आतंकी घटना में ईरान की भूमिका', जांच में क्या मिला?


ब्रिटेन और फ्रांस के बीच सहयोग क्यों रुका था?
2020 में ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के बाद छोटी नावों से आने वाले लोगों को रोकने के मुद्दे पर दोनों देशों का सहयोग धीमा पड़ गया था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ब्रिटेन और फ्रांस ने इस समस्या से निपटने के लिए कई समझौते किए हैं।

छोटी नावों से इंग्लिश चैनल पार करना हाल के वर्षों में ब्रिटेन का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। लगातार आने वाली सरकारों पर इस समस्या को रोकने में असमर्थ रहने का आरोप लगाकर नाराजगी बढ़ी है। इसी नाराजगी के कारण कई प्रदर्शन और दंगे हुए हैं। इस मुद्दे ने दक्षिणपंथी रिफॉर्म यूके पार्टी के बढ़ते प्रभाव में भी भूमिका निभाई है।
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