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US: 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों की सघन जांच करेगी ट्रंप सरकार, वॉशिंगटन में आतंकी हमले के बाद लिया फैसला
Fri, 28 Nov 2025 08:47 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 28 Nov 2025 08:47 AM IST
सार
यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के निदेशक जोसेफ बी एल्डो ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर मैं सभी संबंधित देशों से आने वाले एलियंस के ग्रीन कार्ड की सघन जांच के निर्देश दिए हैं।'
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
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विस्तार
वॉशिंगटन डीसी में अफगान मूल के व्यक्ति द्वारा नेशनल गार्ड्स पर किए गए हमले के बाद ट्रंप प्रशासन सख्ती के मूड में है। यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन ने अब 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों के दस्तावेजों की सघन जांच का फैसला लिया है। ट्रंप सरकार के इस फैसले से ग्रीन कार्ड धारकों में डर का माहौल पैदा हो गया है।
वॉशिंगटन डीसी हमले से बेहद नाराज ट्रंप
गुरुवार को वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड्स पर हमले के आरोपी की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो अफगानिस्तान का मूल निवासी है और साल 2021 में अमेरिका आया था। वह अफगानिस्तान में सीआईए के साथ काम कर चुका था और अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद बाइडन सरकार की पुनर्वास नीति के तहत अमेरिका आया था। हमले को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप बेहद नाराज हैं और उन्होंने इसे आतंकी हमला करार दिया था। गुरुवार के हमले के बाद अमेरिका की यूएस सिटीजन एंड इमीग्रेशन सर्विसेज ने एलान किया है कि अफगान नागरिकों के सभी अप्रवासन आवेदनों को अनिश्चितकाल के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।
यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के निदेशक जोसेफ बी एल्डो ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर मैं सभी संबंधित देशों से आने वाले एलियंस के ग्रीन कार्ड की सघन जांच के निर्देश दिए हैं।' उन्होंने लिखा कि 'अमेरिका और अमेरिका के लोगों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। अमेरिकी लोग पूर्व की सरकार की बेकार पुनर्वास नीति की कीमत नहीं चुकाएंगे। अमेरिकी लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।'
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ये भी पढ़ें- US: व्हाइट हाउस के पास आतंकी हमले में घायल एक नेशनल गार्ड की मौत, ट्रंप ने बताया- दूसरे की हालत नाजुक
ट्रंप प्रशासन के फैसले से कौन-कौन से देश के नागरिक होंगे प्रभावित
जिन 19 देशों के ग्रीन कार्ड होल्डर्स के दस्तावेजों की जांच का फैसला किया गया है, उनमें अफगानिस्तान, बर्मा, चाड, कांगो गणतंत्र, इक्वेटोरियल गिनी, एरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला का नाम शामिल है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने वॉशिगंटन डीसी में हमले के बाद देश को संबोधित करते हुए कहा, 'यह घिनौना हमला बुराई, नफरत और आतंक का काम था। यह देश और इंसानियत के खिलाफ एक जुर्म था।' उन्होंने कहा कि हिरासत में लिया गया संदिग्ध व्यक्ति अफगानिस्तान से हमारे देश में आया है, जो धरती पर एक नरक है। इसके साथ ही उन्होंने हमलावर को शरणार्थी स्टेटस के तहत देश में आने देने के लिए पिछली बाइडन सरकार को दोषी ठहराया।
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वॉशिंगटन डीसी हमले से बेहद नाराज ट्रंप
गुरुवार को वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड्स पर हमले के आरोपी की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो अफगानिस्तान का मूल निवासी है और साल 2021 में अमेरिका आया था। वह अफगानिस्तान में सीआईए के साथ काम कर चुका था और अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद बाइडन सरकार की पुनर्वास नीति के तहत अमेरिका आया था। हमले को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप बेहद नाराज हैं और उन्होंने इसे आतंकी हमला करार दिया था। गुरुवार के हमले के बाद अमेरिका की यूएस सिटीजन एंड इमीग्रेशन सर्विसेज ने एलान किया है कि अफगान नागरिकों के सभी अप्रवासन आवेदनों को अनिश्चितकाल के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।
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यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के निदेशक जोसेफ बी एल्डो ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर मैं सभी संबंधित देशों से आने वाले एलियंस के ग्रीन कार्ड की सघन जांच के निर्देश दिए हैं।' उन्होंने लिखा कि 'अमेरिका और अमेरिका के लोगों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। अमेरिकी लोग पूर्व की सरकार की बेकार पुनर्वास नीति की कीमत नहीं चुकाएंगे। अमेरिकी लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।'
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ट्रंप प्रशासन के फैसले से कौन-कौन से देश के नागरिक होंगे प्रभावित
जिन 19 देशों के ग्रीन कार्ड होल्डर्स के दस्तावेजों की जांच का फैसला किया गया है, उनमें अफगानिस्तान, बर्मा, चाड, कांगो गणतंत्र, इक्वेटोरियल गिनी, एरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला का नाम शामिल है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने वॉशिगंटन डीसी में हमले के बाद देश को संबोधित करते हुए कहा, 'यह घिनौना हमला बुराई, नफरत और आतंक का काम था। यह देश और इंसानियत के खिलाफ एक जुर्म था।' उन्होंने कहा कि हिरासत में लिया गया संदिग्ध व्यक्ति अफगानिस्तान से हमारे देश में आया है, जो धरती पर एक नरक है। इसके साथ ही उन्होंने हमलावर को शरणार्थी स्टेटस के तहत देश में आने देने के लिए पिछली बाइडन सरकार को दोषी ठहराया।
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