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दोबारा कोरोना न होने का दावा हुआ फुस्स: अमेरिकी युवक 48 दिन में दूसरी बार कोविड का शिकार

Tue, 13 Oct 2020 11:43 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 13 Oct 2020 11:43 AM IST
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US confirms its first case of COVID-19 reinfection, Healthy Nevada man contracted coronavirus twice in 48 days
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

अमेरिका में शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस से दोबारा संक्रमित होने वाले मरीज की पुष्टि की है। यह मरीज पहले भी कोविड-19 से संक्रमित हुआ था, हालांकि यह एक बार फिर संक्रमण की चपेट में आ गया। इस मामले के सामने आने के बाद उन दावा करने वाली रिपोर्टों को खारिज किया जा सकता है, जिसमें कहा गया था कि एक बार संक्रमित होने के बाद मरीज दोबारा वायरस की चपेट में नहीं आ सकता है।  

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एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के नेवाडा राज्य के वाशो काउंटी में रहने वाले 25 वर्षीय व्यक्ति को मध्य अप्रैल में कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। यह कोरोना मरीज वायरस से उबर गया और दो बार उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। 
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हालांकि, मई के आखिर में एक बार फिर उसमें लक्षण दिखाई देने शुरू हुए। एक बार फिर उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन इस बार उसकी स्थिति ज्यादा बिगड़ गई। उसे ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को द लांसेट पत्रिका में इसके परिणाम प्रकाशित किए गए। 
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शोधकर्ताओं की टीम का कहना है कि इस मामले में आगे के शोध की आवश्यकता है। अभी सामने आए निष्कर्ष से पता चलता है कि वायरस के संपर्क में आने के बाद आपको इससे बचने की प्रतिरक्षा की गारंटी नहीं मिलती है। इसलिए हर किसी को मास्क, सामाजिक दूरी और हाथ धोने सहित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, 25 मार्च को व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए। उसे गले में खराश, खांसी, सिरदर्द, मतली, और दस्त होना शुरू हुआ। 18 अप्रैल को कोरोना परीक्षण में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उसे आइसोलेशन में भेज दिया, जहां मई में उसकी दोनों परीक्षण रिपोर्ट निगेटिव आई। 

हालांकि, 28 मई को एक बार फिर उसे वही सारे लक्षण दिखाई देने शुरू हुए, जो उसे कोरोना संक्रमित होने से पहले महसूस हो रहे थे। वह अस्पताल गया, जहां उसकी छाती का एक्स रे किया गया और उसे बिना रिपोर्ट के ही घर भेज दिया गया। 


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पांच दिनों के बाद वह एक प्राथमिक देखभाल चिकित्सक के पास गया। जिसने बताया कि वह हाइपोक्सिया से पीड़ित है। इस बीमारी में ऊतकों में शारीरिक कार्यों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं होता है। 

उसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक बार फिर उसकी कोरोना जांच की गई, जिसमें वह कोविड-19 से संक्रमित पाया गया। वह 48 दिनों में दूसरी बार संक्रमण की चपेट में आ गया। इस बार उसकी स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गई। इलाज के दौरान उसे ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत तक पड़ गई। 
 

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