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US Birthright Citizenship: जिला जज के आदेश का असर- ट्रंप के आदेश पर रोक जारी; सुप्रीम कोर्ट में फिर होगी जिरह
Sat, 19 Jul 2025 02:22 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बोस्टन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बोस्टन
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 19 Jul 2025 02:22 AM IST
सार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जन्म से नागरिकता खत्म करने का आदेश फिलहाल लागू नहीं हो सकता है। अदालतों के फैसले इसकी राहत में बड़ी रुकावट बने हुए हैं। सरकार द्वारा मामले में अपील दायर न करने के चलते शुक्रवार को अमेरिकी जिला जल का आदेश प्रभावी हो गया है। अब मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट में पहुंच सकता है।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों के बच्चों की जन्म से नागरिकता समाप्त करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन उनकी यह योजना अभी भी अटकी हुई है। इसके पीछे का कारण यह है कि ट्रंप सरकार ने मामले को लेकर कोई अपील दायर नहीं की है, जिसके चलते शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को अमेरिकी जिला न्यायाधीश का आदेश प्रभावी हो गया है।
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न्यू हैम्पशायर में अमेरिकी जिला न्यायाधीश जोसेफ लाप्लांटे ने ट्रंप प्रशासन को अपील करने की अनुमति देने के लिए अपने ही फैसले पर रोक लगा दी थी, लेकिन पिछले सप्ताह कोई अपील दायर नहीं होने के कारण उनका आदेश प्रभावी हो गया है।
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सरकार ने नहीं की अपील, अब देश में हर जगह लागू निषेधाज्ञा: वोफ्सी
ट्रंप के प्रतिबंधों से प्रभावित होने वाले बच्चों का प्रतिनिधित्व करने वाले एसीएलयू के वकील कोडी वोफ्सी ने कहा, 'न्यायाधीश का आदेश हर उस बच्चे की रक्षा करता है, जिनकी नागरिकता इस अवैध कार्यकारी आदेश के कारण सवालों के घेरे में है। सरकार ने अपील नहीं की है और न ही आपातकालीन राहत मांगी है, इसलिए यह निषेधाज्ञा अब देश में हर जगह लागू है।'
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अभी भी अपील कर सकता है ट्रंप प्रशासन
हालांकि, ट्रंप प्रशासन के पास अभी भी अपील करने का अधिकार है। वह न्यायाधीश लाप्लांटे के आदेश को सीमित करने की मांग भी कर सकता है, लेकिन अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे माता-पिता के बच्चों के लिए जन्म से नागरिकता समाप्त करने का प्रयास फिलहाल लागू नहीं हो सकता। वहीं, न्याय विभाग ने भी इस मामले को लेकर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है।
बोस्टन में न्यायाधीश ने 12 से अधिक राज्यों की सुनीं दलीलें
इस बीच, बोस्टन में एक न्यायाधीश ने 12 से ज्यादा राज्यों की दलीलें सुनी, जिनका कहना है कि ट्रंप का जन्म से नागरिकता आदेश पूरी तरह से असांविधानिक है और इससे सरकारी सेवाओं पर करोड़ों डॉलर का असर पड़ सकता है। राज्यों ने अमेरिकी जिला न्यायाधीश लियो सोरोकिन से अनुरोध किया है कि वह पहले दी गई देशभर में रोक को जारी रखें, या सरकार की उस मांग को खारिज करें, जिसमें कहा गया है कि रोक का दायरा कम किया जाए या रोक हटा दी जाए। सोरोकिन ने अभी कोई फैसला नहीं दिया है, लेकिन ऐसा लगता है कि वो राज्यों की बातों को गंभीरता से ले रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में जल्द वापस जा सकता है मामला
वहीं, सरकार के वकीलों ने तर्क दिया है कि न्यायाधीश सोरोकिन को प्रारंभिक निषेधाज्ञा देने वाले अपने पहले के फैसले के दायरे को सीमित करना चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इसे 'राज्यों की कथित वित्तीय क्षति के अनुरूप' बनाया जाना चाहिए। ऐसा माना जा रहा है कि यह मामला अब जल्द ही देश की सर्वोच्च अदालत में वापस जाएगा।
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न्यायाधीश लाप्लांटे ने ट्रंप के आदेश को रोकने का सुनाया था फैसला
इससे पहले, अमेरिकी जिला न्यायाधीश जोसेफ लाप्लांटे ने पिछले सप्ताह एक नए सामूहिक मुकदमे में ट्रंप के कार्यकारी आदेश को देश भर में लागू होने से रोकने का फैसला सुनाया था, और मैरीलैंड की एक न्यायाधीश ने इस सप्ताह कहा कि अगर अपील अदालत इस पर हस्ताक्षर करती है, तो वह भी ऐसा ही करेंगी।
देशव्यापी निषेधाज्ञा जारी नहीं कर सकतीं निचली अदालतें: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने पिछले महीने फैसला सुनाया था कि निचली अदालतें आम तौर पर देशव्यापी निषेधाज्ञा जारी नहीं कर सकतीं, लेकिन उन्होंने ऐसे अन्य अदालती आदेशों को भी खारिज नहीं किया जिनका देशव्यापी प्रभाव हो सकता है, जिनमें सामूहिक मुकदमे और राज्यों द्वारा दायर किए गए मुकदमे भी शामिल हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक ये नहीं कहा है कि ट्रंप का नागरिकता आदेश संविधान के अनुसार है या नहीं।