तेहरान पर अमेरिकी हमले का मकसद: रुबियो बोले- स्कूल और नागरिक नहीं, केवल ईरान की मिसाइल और नौसैनिक ताकत पर वार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का लक्ष्य नागरिक नहीं, बल्कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान खुद नागरिक ढांचों को निशाना बना रहा है और जनता को खतरे में डाल रहा है।
विस्तार
अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर किए जा रहे सैन्य कार्रवाई और फिर ईरान की जवाबी हमले ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिकी सैन्य अभियान के लक्ष्य पर जोर दिया। रुबियो ने बताया कि अमेरिका का ईरान पर हमला किसी स्कूल या नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए नहीं है। उनका कहना है कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल बनाने और लॉन्च करने की क्षमता और उसकी नौसैनिक ताकत को कमजोर करना है।
#WATCH | Washington DC: On Iran, US Secretary of State Marco Rubio says, "Clearly the United States would not deliberately target a school. Our objectives are missiles, both the ability to manufacture them and the ability to launch them, and the one-way attractor. That would be… pic.twitter.com/YjjQPjnmma
— ANI (@ANI) March 2, 2026
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रुबियो ने ईरान पर लगाए गंभीर आरोप
इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान पर आरोप लगाया कि ईरान खुद नागरिक ढांचों को निशाना बना रहा है और जानबूझकर आम लोगों को खतरे में डाल रहा है, क्योंकि उनका शासन आतंक को बढ़ावा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरानी लोग अपने देश में शासन परिवर्तन कर सकें और नए भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं। मार्को रुबियो के बयान के महत्वपूर्ण बिंदु
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अमेरिका तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को कम करने के लिए कदम उठाएगा। ईरान संघर्ष के कारण तेल के दाम बढ़े हैं।
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फिलहाल अमेरिका ईरान में जमीनी सैनिक भेजने की तैयारी में नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास यह विकल्प मौजूद है।
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वॉशिंगटन का मानना है कि उसका सैन्य लक्ष्य बिना जमीनी सेना भेजे भी हासिल किया जा सकता है।
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रुबियो ने चेतावनी दी कि ईरान पर हमलों में अभी और कड़े वार बाकी हैं।
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ईरान पर अमेरिकी हमले का मकसद?
मार्को रुबियो ने आगे बताया कि ईरान पर अमेरिका के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल और नौसैनिक क्षमताओं को नष्ट करना है, ताकि वे अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए खतरा न बन सकें। इस दौरान रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी मिशन का मकसद केवल सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, नागरिकों या नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना नहीं।
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