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US: PAK पर फिर मेहरबान हुआ अमेरिका, F-16 लड़ाकू विमानों को अपडेट करने के लिए 686 मिलियन डॉलर में बेचेगा तकनीक
Thu, 11 Dec 2025 03:29 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 11 Dec 2025 03:29 PM IST
सार
US: अमेरिका का डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन एक बार फिर पाकिस्तान पर मेहरबान हुआ है। उसने पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमानों को अपडेट करने के लिए 686 मिलियन डॉलर में आधुनिक तकनीक बेचने की मंजूरी दी है। यह अपडेट पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े को आधुनिक बनाएगा और विमानों की सुरक्षा और जीवनकाल को 2040 तक बढ़ाएगा।
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पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
अमेरिका ने पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमानों को अपडेट करने के लिए 686 मिलियन अमेरिकी डॉलर में आधुनिक तकनीक की बिक्री को मंजूरी दी है। अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) ने सोमवार को कांग्रेस को भेजे पत्र में यह मंजूरी दी। इस पैकेज में लिंक16 प्रणाली क्रिप्टोग्राफिक उपकरण, एवियोनिक्स अपडेट, प्रशिक्षण और व्यापक लॉजिस्टिक समर्थन शामिल हैं।
डीएससीए के पत्र में बिक्री का कारण स्पष्ट किया गया है। इसमें कहा गया है कि यह अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करेगा, जिससे पाकिस्तान अमेरिकी और साझेदार बलों के साथ आतंकवाद विरोधी प्रयासों और भविष्य की आकस्मिक परिस्थितियों के लिए अंतर-संचालन बनाए रख सकेगा। इसका उद्देश्य पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े को आधुनिक बनाना और परिचालन सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करना भी है।
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पत्र में जिक्र किया गया है कि यह वर्तमान और भविष्य के खतरों का सामना करने के लिए पाकिस्तान की क्षमता को बनाए रखेगा। पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान के ब्लॉक–52 और मिड लाइफ अपग्रेड मॉडल हैं, उन्हें अपडेट किया जाएगा। ये अपडेट पाकिस्तान वायु सेना और अमेरिकी वायु सेना के बीच युद्ध अभियानों, अभ्यासों और प्रशिक्षण में अधिक सहज एकीकरण और अंतर-संचालन प्रदान करेंगे। अपडेट विमानों के जीवनकाल को 2040 तक बढ़ाएगा और अहम उड़ान सुरक्षा चिंताओं को दूर करेगा।
पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान ने तकनीक को अपनाने में उत्सुकता दिखाई है और देश अपनी सैन्य ताकत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और उसे इन उपकरणों और सेवाओं को अपने सशस्त्र बलों में शामिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
ये भी पढ़ें: UNSC में भारत ने PAK को लताड़ा: कहा- अफगानिस्तान को व्यापार के लिए बनाए कठिन हालात, यह आतंकवाद जैसी कार्रवाई
पत्र में कहा गया है कि इस उपकरण और समर्थन की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में सैन्य संतुलन नहीं बदलेगा। कुल अनुमानित बिक्री मूल्य 686 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिसमें मुख्य रक्षा उपकरण का मूल्य 37 मिलियन और अन्य चीजों का मूल्य 649 मिलियन डॉलर है।
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डीएससीए के पत्र में बिक्री का कारण स्पष्ट किया गया है। इसमें कहा गया है कि यह अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करेगा, जिससे पाकिस्तान अमेरिकी और साझेदार बलों के साथ आतंकवाद विरोधी प्रयासों और भविष्य की आकस्मिक परिस्थितियों के लिए अंतर-संचालन बनाए रख सकेगा। इसका उद्देश्य पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े को आधुनिक बनाना और परिचालन सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करना भी है।
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पत्र में जिक्र किया गया है कि यह वर्तमान और भविष्य के खतरों का सामना करने के लिए पाकिस्तान की क्षमता को बनाए रखेगा। पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान के ब्लॉक–52 और मिड लाइफ अपग्रेड मॉडल हैं, उन्हें अपडेट किया जाएगा। ये अपडेट पाकिस्तान वायु सेना और अमेरिकी वायु सेना के बीच युद्ध अभियानों, अभ्यासों और प्रशिक्षण में अधिक सहज एकीकरण और अंतर-संचालन प्रदान करेंगे। अपडेट विमानों के जीवनकाल को 2040 तक बढ़ाएगा और अहम उड़ान सुरक्षा चिंताओं को दूर करेगा।
पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान ने तकनीक को अपनाने में उत्सुकता दिखाई है और देश अपनी सैन्य ताकत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और उसे इन उपकरणों और सेवाओं को अपने सशस्त्र बलों में शामिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
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पत्र में कहा गया है कि इस उपकरण और समर्थन की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में सैन्य संतुलन नहीं बदलेगा। कुल अनुमानित बिक्री मूल्य 686 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिसमें मुख्य रक्षा उपकरण का मूल्य 37 मिलियन और अन्य चीजों का मूल्य 649 मिलियन डॉलर है।
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