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दिल्ली में हसीना के संबोधन पर घमासान: आमने-सामने आए भारत और बांग्लादेश; दोनों देशों के रिश्तों पर छिड़ी नई बहस

Mon, 03 Aug 2026 10:18 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 03 Aug 2026 10:18 PM IST
सार

बांग्लादेश ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त को नई दिल्ली से प्रस्तावित मीडिया संबोधन को लेकर भारत से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। ढाका का कहना है कि भारत की धरती से हसीना की राजनीतिक गतिविधियां दोनों देशों के संबंधों पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। वहीं भारत ने कहा है कि वह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ सकारात्मक सहयोग जारी रखना चाहता है।

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Uproar over Hasina address in Delhi India and Bangladesh at odds fresh debate erupts over bilateral ties
शेख हसीना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बांग्लादेश ने अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त को नई दिल्ली में प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भारत से उसका आधिकारिक रुख स्पष्ट करने को कहा है। सोमवार को विदेश राज्य मंत्री शमा ओबाएद इस्लाम ने कहा कि यदि हसीना भारत की धरती से सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेती हैं तो इसका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।

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शेख हसीना के कार्यक्रम को लेकर बांग्लादेश की आपत्ति क्या है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 78 वर्षीय शेख हसीना 5 अगस्त को फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया द्वारा नई दिल्ली में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हो सकती हैं। इस कार्यक्रम में उनके अमेरिका में रह रहे बेटे सजीब वाजेद जॉय, बांग्लादेश के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नाउफेल और बांग्लादेश ह्यूमन राइट्स वॉच के महासचिव मोहम्मद अली सिद्दीक भी शामिल होने वाले हैं।
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भारत से बांग्लादेश ने क्या मांग की है?
शमा ओबाएद इस्लाम ने कहा कि बांग्लादेश चाहता है कि भारत इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे। उन्होंने यह भी कहा कि ढाका नहीं चाहता कि यह मामला दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित करे। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत में रह रहे ऐसे 'फरार या दोषी ठहराए गए व्यक्तियों' को बांग्लादेश के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियां चलाने या देश में अस्थिरता पैदा करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ढाका पहले भी कई बार इस संबंध में भारत के सामने अपना पक्ष रख चुका है। शमा ओबाएद इस्लाम ने कहा कि हम चाहते हैं कि भारत के साथ हमारे संबंध बेहतर हों। मेरा मानना है कि भारत भी यही चाहता है।
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तारीक रहमान के सलाहकार ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री तारीक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने भी कहा कि यदि शेख हसीना भारत की धरती से सार्वजनिक संबोधन करती हैं तो इससे दोनों देशों के बीच बन रहे सकारात्मक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, उन्होंने यह टिप्पणी सोमवार को भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात के दौरान की।

भारत के उच्चायुक्त ने क्या भरोसा दिलाया?
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-बांग्लादेश संबंधों और आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के लोगों के हित में सहयोग को और मजबूत करना था। उच्चायोग ने कहा कि भारत, बांग्लादेश की सरकार के साथ सकारात्मक और रचनात्मक सहयोग जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि दोनों देशों के लोगों की विकास संबंधी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाया जा सके।

5 अगस्त से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों कड़ी की गई है?
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि 5 अगस्त से पहले पूरे देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि 5 अगस्त से पहले पूरे देश में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

5 अगस्त 2024 को क्या हुआ था?
5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के नेतृत्व में हुए व्यापक और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद वह भारत चली गईं। उनके सत्ता से हटने के बाद बनी अंतरिम सरकार ने आतंकवाद निरोधी कानून के तहत कार्यकारी आदेश जारी कर उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया।


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शेख हसीना पर क्या आरोप हैं और प्रत्यर्पण का मामला कहां तक पहुंचा?
नवंबर 2025 में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हिंसक कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में शेख हसीना को अनुपस्थिति में दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। हालांकि शेख हसीना ने इन सभी आरोपों को 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताते हुए खारिज किया है। बांग्लादेश लंबे समय से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। भारत ने इस अनुरोध की प्राप्ति की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है।

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