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अपील: भारत ने कहा- दृढ़ हो यौन हिंसा में शरीक लोगों को सूचीबद्ध करने की व्यवस्था
Fri, 16 Apr 2021 01:05 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 16 Apr 2021 01:05 AM IST
सार
- कहा, विश्व मानकों के अनुरूप व्यापक कानूनी ढांचा विकसित होना जरूरी
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यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत ने सशस्त्र संघर्षों में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा में शामिल लोगों और संस्थाओं को काली सूची में डालने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध संबंधित प्रशासन मजबूत बनाने की अपील की है। भारत का कहना है कि यौन हिंसा का इस्तेमाल लोगों के उत्पीड़न के लिए किया जाता है।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने संघर्षों में यौन हिंसा विषय पर सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की खुली चर्चा में कहा कि यौन हिंसा को अपराध बनाकर उसके प्रभावी अभियोजन को सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि सदस्य देश विश्व मानकों के अनुरूप व्यापक कानूनी ढांचा विकसित करें।
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उन्होंने कहा, राज्य या राज्येतर तत्वों द्वारा सश्स्त्र संघर्षों में यौन हिंसा का इस्तेमाल लोगों के दमन के लिए किया जाता है। यह समुदायों के विस्थापन, अस्थिरीकरण और उत्पीड़न को बढ़ावा देता है और शासन को कमजोर करने के साथ ही संघर्षों के बाद पुनर्वास और स्थिरता के अवसरों को जोखिम में डालता है।
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उन्होंने कहा, राष्ट्रीय सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे अपने देशों में संघर्ष की स्थितियों में हुए ऐसे अपराधों को न होने दें। इस मुद्दे पर यूएन को सदस्य देशों की क्षमता बढ़ाने में मदद करनी चाहिए।