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UN Security Council: रूस ने बुलाई सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक, अमेरिका-ब्रिटेन समेत कई देशों ने किया बहिष्कार
Thu, 06 Apr 2023 08:00 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 06 Apr 2023 08:00 AM IST
सार
रूस को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिली है। ऐसे में रूस की तरफ से बुलाई गई इस बैठक का बहिष्कार करते हुए अमेरिका ने कहा कि रूस युद्ध अपराधी है। ऐसे में उसकी अध्यक्षता में बैठक करना ठीक नहीं है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रूस इस वक्त संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UN सिक्योरिटी काउंसिल की अध्यक्षता कर रहा है। रूस को सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता ऐसे वक्त मिली है, जब वह यूक्रेन के साथ युद्ध कर रहा है। खैर, बुधवार को अपनी अध्यक्षता में रूस ने सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई। इसका मुद्दा यूक्रेन के युत्र ग्रसित क्षेत्र से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था। हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन, अल्बानिया, माल्टा समेत कई देशों ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया। इन देशों ने कहा कि रूस युद्ध अपराधी है। ऐसे में उसकी अध्यक्षता में बैठक करना ठीक नहीं है। इन देशों के राजनयिकों ने संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन कक्ष छोड़ दिया जहां रूसी आयुक्त मारिया लावोवा-बेलोवा इस मुद्दे पर चर्चा कर रहीं थीं।
बैठक का बहिष्कार करने वाले देशों ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने प्रेस से बातचीत की। उन्होंने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका वेबकास्ट को अवरुद्ध करने में ब्रिटेन के साथ शामिल हो गया है।' ग्रीनफील्ड ने कहा, रूस इस अंतरराष्ट्रीय मंच का प्रयोग यूक्रेन में किए गए अपने बुरे कामों के बचाव के लिए कर रहा है। ये ठीक नहीं है। अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट की तरफ से रूस के खिलाफ सुनाए गए सजा का भी जिक्र किया।
पिछली अध्यक्षता के दौरान ही किया था यूक्रेन पर हमला
संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद की रूसी अध्यक्षता का विरोध कई देश कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह है ये है कि रूस अब से पहले फरवरी 2022 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का अध्यक्ष बना था, यह वही दौर था, जब रूसी सेना सेनाओं ने यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ दी थी और ऐसा करने से दुनिया रूस को नहीं रोक पाई थी। यूक्रेन के प्रतिनिधि विश्व बिरादरी से खुद को बचाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन चूंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता रूस के पास थी, तो विश्व बिरादरी कोई ठोस एक्शन नहीं ले पाई।
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पुतिन के खिलाफ जारी हुआ है वारंट
इसी साल मार्च में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। रूस को युद्ध अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है। इसपर रूस ने अपने बयान में कहा कि कानूनी दृष्टिकोण से यह हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि वह 2016 में आईसीसी संधि से हट गया था। वारंट को खारिज करते हुए रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि रूस रोम स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय का सदस्य नहीं है और इसके नियमों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस का अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के साथ कोई सहयोग नहीं है, इसलिए इसके द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट हमारे लिए कानूनी रूप से अमान्य हो जाएगा।
वहीं, रूस के पूर्व राष्ट्रपति और रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने पुतिन के खिलाफ आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट की तुलना टॉयलेट पेपर से की है। मेदवेदेव ने टॉयलेट पेपर की इमोजी के साथ ट्वीट किया, आईसीसी ने व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इस पेपर का इस्तेमाल कहां किया जाना चाहिए।, इसकी वर्णन करने की जरूरत नहीं है।
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बैठक का बहिष्कार करने वाले देशों ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने प्रेस से बातचीत की। उन्होंने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका वेबकास्ट को अवरुद्ध करने में ब्रिटेन के साथ शामिल हो गया है।' ग्रीनफील्ड ने कहा, रूस इस अंतरराष्ट्रीय मंच का प्रयोग यूक्रेन में किए गए अपने बुरे कामों के बचाव के लिए कर रहा है। ये ठीक नहीं है। अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट की तरफ से रूस के खिलाफ सुनाए गए सजा का भी जिक्र किया।
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पिछली अध्यक्षता के दौरान ही किया था यूक्रेन पर हमला
संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद की रूसी अध्यक्षता का विरोध कई देश कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह है ये है कि रूस अब से पहले फरवरी 2022 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का अध्यक्ष बना था, यह वही दौर था, जब रूसी सेना सेनाओं ने यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ दी थी और ऐसा करने से दुनिया रूस को नहीं रोक पाई थी। यूक्रेन के प्रतिनिधि विश्व बिरादरी से खुद को बचाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन चूंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता रूस के पास थी, तो विश्व बिरादरी कोई ठोस एक्शन नहीं ले पाई।
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पुतिन के खिलाफ जारी हुआ है वारंट
इसी साल मार्च में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। रूस को युद्ध अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है। इसपर रूस ने अपने बयान में कहा कि कानूनी दृष्टिकोण से यह हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि वह 2016 में आईसीसी संधि से हट गया था। वारंट को खारिज करते हुए रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि रूस रोम स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय का सदस्य नहीं है और इसके नियमों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस का अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के साथ कोई सहयोग नहीं है, इसलिए इसके द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट हमारे लिए कानूनी रूप से अमान्य हो जाएगा।
वहीं, रूस के पूर्व राष्ट्रपति और रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने पुतिन के खिलाफ आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट की तुलना टॉयलेट पेपर से की है। मेदवेदेव ने टॉयलेट पेपर की इमोजी के साथ ट्वीट किया, आईसीसी ने व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इस पेपर का इस्तेमाल कहां किया जाना चाहिए।, इसकी वर्णन करने की जरूरत नहीं है।