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UK: 'भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर के मुरीद मस्क, बेटे का नाम में भी उनका जिक्र'; केंद्रीय मंत्री ने कही यह बात

Thu, 02 Nov 2023 10:24 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लंदन Published by: आदर्श शर्मा Updated Thu, 02 Nov 2023 10:24 PM IST
सार

एआई शिखर सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ब्रिटेन पहुंचे। वहां उन्होंने टेस्ला मालिक एलन मस्क से मुलाकात की। उन्होंने कहा, मस्क के बेटे का मध्य नाम (मिडल नेम) चंद्रशेखर है। उन्होंने कहा, नोबेल भौतिक वैज्ञानिक प्रोफेसर एस चंद्रशेखर के नाम पर रखा है। 

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Union Minister Rajiv Chandrashekhar said that middle name of Elon Musk son is Chandrashekhar
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर और टेस्ला मालिक एलन मस्क की मुलाकात - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ऐसी बात कही कि अब उसकी हर जगह चर्चा होने लगी है। उन्होंने कहा, एलन मस्क के बेटे का मध्य नाम (मिडल नेम) चंद्रशेखर है। सम्मेलन में टेस्ला के मालिक एलन मस्क से मुलाकात की। दोनों के बीच बैठक हुई। इस दौरान मस्क ने केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर से यह बात साझा की।
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एलन मस्क ने बैठक के दौरान कहा था कि उनके बेटे शिवोन जिलिस का मध्य नाम चंद्रशेखऱ है, जिसे उन्होंने नोबेल भौतिक वैज्ञानिक प्रोफेसर एस चंद्रशेखर के नाम पर रखा है। एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "देखिए, यूके के बैलेचले पार्क में मेरी मुलाकात किससे हुई। एलन मस्क ने साझा किया कि शिवोन के साथ उनके बेटे का मध्य नाम (मिडल नेम) चंद्रशेखर है, जिसे उन्होंने नाम 1983 के नोबेल भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर एस चंद्रशेखर के नाम पर रखा गया है।
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ब्रिटेन में आयोजित शिखर सम्मेलन में कई सरकारों, शिक्षाविदों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में काम करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जोखिमों, अवसरों और एआई अवसरों के पैमाने, महत्व और तात्कालिकता पर आम सहमति को उजागर करने से पहले अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बहस और पहचान की। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य एआई तकनीक द्वारा प्रदान किए जा सकने वाले परिवर्तनकारी लाभों पर प्रकाश डालना है, जिसमें शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग के क्षेत्रों पर प्रमुख ध्यान केंद्रित किया गया है। जिन समूहों में भाग लेने की पुष्टि की गई है उनमें एलन ट्यूरिंग इंस्टीट्यूट, आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) और एडा लवलेस इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
 

प्रधानमंत्री सुनक ने पिछले सप्ताह कहा था कि शिखर सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरों को समझने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण खोने से होने वाले खतरे भी शामिल होंगे।
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