UK: 'भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर के मुरीद मस्क, बेटे का नाम में भी उनका जिक्र'; केंद्रीय मंत्री ने कही यह बात
एआई शिखर सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ब्रिटेन पहुंचे। वहां उन्होंने टेस्ला मालिक एलन मस्क से मुलाकात की। उन्होंने कहा, मस्क के बेटे का मध्य नाम (मिडल नेम) चंद्रशेखर है। उन्होंने कहा, नोबेल भौतिक वैज्ञानिक प्रोफेसर एस चंद्रशेखर के नाम पर रखा है।
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एलन मस्क ने बैठक के दौरान कहा था कि उनके बेटे शिवोन जिलिस का मध्य नाम चंद्रशेखऱ है, जिसे उन्होंने नोबेल भौतिक वैज्ञानिक प्रोफेसर एस चंद्रशेखर के नाम पर रखा है। एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "देखिए, यूके के बैलेचले पार्क में मेरी मुलाकात किससे हुई। एलन मस्क ने साझा किया कि शिवोन के साथ उनके बेटे का मध्य नाम (मिडल नेम) चंद्रशेखर है, जिसे उन्होंने नाम 1983 के नोबेल भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर एस चंद्रशेखर के नाम पर रखा गया है।
Look who i bumped into at #AISafetySummit at Bletchley Park, UK.@elonmusk shared that his son with @shivon has a middle name "Chandrasekhar" - named after 1983 Nobel physicist Prof S Chandrasekhar pic.twitter.com/S8v0rUcl8P
विज्ञापन विज्ञापन— Rajeev Chandrasekhar 🇮🇳 (@Rajeev_GoI) November 2, 2023
ब्रिटेन में आयोजित शिखर सम्मेलन में कई सरकारों, शिक्षाविदों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में काम करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जोखिमों, अवसरों और एआई अवसरों के पैमाने, महत्व और तात्कालिकता पर आम सहमति को उजागर करने से पहले अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बहस और पहचान की। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य एआई तकनीक द्वारा प्रदान किए जा सकने वाले परिवर्तनकारी लाभों पर प्रकाश डालना है, जिसमें शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग के क्षेत्रों पर प्रमुख ध्यान केंद्रित किया गया है। जिन समूहों में भाग लेने की पुष्टि की गई है उनमें एलन ट्यूरिंग इंस्टीट्यूट, आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) और एडा लवलेस इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
The threat of AI does not respect borders.
— Rishi Sunak (@RishiSunak) November 2, 2023
No country can do this alone.
We’re taking international action to make sure AI is developed in a safe way, for the benefit of the global community. pic.twitter.com/yQn6rCTGmf
प्रधानमंत्री सुनक ने पिछले सप्ताह कहा था कि शिखर सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरों को समझने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण खोने से होने वाले खतरे भी शामिल होंगे।