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Afghanistan: UN के विशेष दूत को अफगानिस्तान में प्रवेश की नहीं मिली अनुमति, मानवाधिकार उल्लंघन का लगा था आरोप

Wed, 21 Aug 2024 05:56 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 21 Aug 2024 05:56 AM IST
सार

Afghanistan: तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि यूएन के विशेष दूत रिचर्ड बेनेट के आने पर इसलिए रोक लगाई गई है, क्योंकि वे दुष्प्रचार फैलाने के लिए नियुक्त किए गए हैं और उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। 

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UN Rights Expert Richard Bennett Barred From Afghanistan: Report
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के विशेष दूत रिचर्ड बेनेट को अफगानिस्तान में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। एक राजनयिक सूत्र ने मंगलवार को एएफपी को बताया कि बेनेट को कई महीने पहले बताया गया था कि उन्हें अफगानिस्तान लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें यह सूचना तालिबान शासन के एक प्रवक्ता ने दी थी। बेनेट ने इस पद पर रहते हुए एक जुलाई को दो साल पूरे किए। 

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अगस्त 2021 में सत्ता में लौटने के बाद तालिबान ने सख्त इस्लामी कानून लागू किए हैं। तबसे महिलाओं को कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने 'लिंग आधारित भेदभाव'के रूप में वर्गीकृत किया है। महिलाओं को माध्यमिक और उच्च शिक्षा से वंचित कर दिया गया है। कई नौकरियों में उनको काम करने से रोका गया है और सार्वजनिक पार्क, जिम और यात्रा में बिना पुरुष साथी के जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। 
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तालिबान सरकार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मान्यता नहीं मिली है और महिलाओं पर लागू प्रतिबंध इसका एक बड़ा कारण है। तालिबान ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की आलोचनाओं को नजरअंदाज किया है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि बेनेट को इसलिए प्रतिबंधित किया गया है, क्योंकि वे दुष्प्रचार फैलाने के लिए नियुक्त किए गए हैं और उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। 
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बेनेट ने अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों पर कई बयान दिए हैं। ये बयान ऐसे समय में दिए गए हैं, जब अफगानिस्तान पर पूरी तरह से दुनिया का ध्यान था। पिछले हफ्ते उन्होंने 29 अन्य संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों के साथ एक बयान जारी किया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तालिबान सरकार और उनके मानवाधिकार उल्लंघनों पर बात की गई थी। उन्होंने कतर में आयोजित संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भी तालिबान सरकार की आलोचना की कि अफगान महिलाओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल नहीं किया गया है। 


हालांकि, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने बेनेट के प्रवेश पर रोक लगाए जाने की पुष्टि नहीं की। लेकिन कहा कि विशेष दूत वैश्विक मानवाधिकार ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें पूरा सहयोग दिया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र का सहायता मिशन अफगानिस्तान (यूएनएएमए) देश में मानवाधिकारों की निगरानी करता है। 

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