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यूक्रेन पर हमला: कीव की तरफ बढ़ रहा रूस का 64 किमी लंबा सैन्य काफिला अचानक रुक क्यों गया? 

Thu, 03 Mar 2022 10:49 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: Amit Mandal Updated Thu, 03 Mar 2022 10:49 PM IST
सार

यूके के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह सैन्य काफिला पिछले तीन दिनों में बहुत कम आगे बढ़ा है। यह कीव से करीब 30 किमी. दूर है। बताया जा रहा है कि इसके कई कारण हो सकते हैं।

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Ukraine: Why has Russia's 64km convoy near Kyiv stopped moving?
कीव के बाहर रूसी सैन्य काफिले की सैटेलाइट तस्वीर - फोटो : @ckoettl

विस्तार

यूक्रेन की राजधानी कीव के पास रूस का 40 मील लंबा (64 किमी) विशाल सैन्य काफिला पिछले तीन दिनों में बमुश्किल ही आगे बढ़ा है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है, लेकिन अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि रूस अभी भी उस कीव शहर को घेरने और उस पर कब्जे का इरादा रखता है जहां करीब 30 लाख लोग रहते हैं। काफिले के आकार को दिखाने वाली हाल की सैटेलाइट तस्वीर से आशंका जताई गई है कि कीव पर भीषण हमला होगा। ब्रिटेन और अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि रसद की दिक्कतों के कारण शायद काफिले की रफ्तार थम गई है। 

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तीन दिन में बहुत कम आगे बढ़ा सैन्य काफिला
गुरुवार की सुबह एक खुफिया अपडेट में यूके के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह सैन्य काफिला पिछले तीन दिनों में बहुत कम आगे बढ़ा है। यह कीव से करीब 30 किमी. दूर है। इसके कई कारण हो सकते हैं। विशाल सैन्य काफिला जिसमें बख्तरबंद वाहन, टैंक और तोपखाने शामिल हैं, वह अचानक राजधानी कीव से ठीक पहले रुक गया है। ऐसा सैन्य दिक्कतों, अप्रत्याशित यूक्रेनी प्रतिरोध और रूसी सैनिकों के बीच कम होते मनोबल के कारण हो सकता है। 
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काफिला रुकने की हो सकती हैं ये वजहें
ब्रिटिश सरकार के अनुसार, मशीनी खराबी और भीड़भाड़ समस्या पैदा कर रही है। कहा जा रहा है कि भोजन और ईंधन की आपूर्ति कम है और ऐसी खबरें भी हैं कि खराब गुणवत्ता और खराब रखरखाव वाले टायर भी इसकी एक वजह हो सकती है। यूके ज्वाइंट फोर्सेज के पूर्व कमांडर जनरल सर रिचर्ड बैरोन्स कहते हैं कि ईंधन, भोजन, स्पेयर पार्ट्स और टायर उपलब्ध कराने में भारी लॉजिस्टिक विफलता सामने आई है।  
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इसके अलावा हो सकता है कि उम्मीदों से अधिक मजबूत यूक्रेनी सेना के प्रतिरोध ने रूसी मनोबल को प्रभावित किया हो। यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के पूर्व सचिव अलेक्जेंडर डैनिल्युक ने बीबीसी को बताया कि इस काफिले में शामिल सैनिकों का मनोबल हर दिन गिर रहा है। मंगलवार को एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि रूसी सेना में मनोबल की समस्या का संकेत मिलता है जो बड़ी संख्या में कॉन्सक्रिप्ट सैनिकों का उपयोग करता है। उनमें से सभी को इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि उन्हें युद्ध अभियान के लिए भेजा जाएगा। 

तुर्की निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल कर रही यूक्रेनी सेना
यूक्रेन की हवाई क्षमता अच्छी है और अन्य रूसी काफिले पर हमला करने के लिए शक्तिशाली तुर्की निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन जनरल बैरोन्स के अनुसार, कीव के पास रूसी सैनिकों के इतने बड़े जमावड़े को नष्ट करने के लिए जरूरी सैन्य बल नहीं है। वे आगे और दाएं-बाएं से रूसी काफिले पर हमला करने में अच्छे रहे हैं। लेकिन हवा से हमला करने पर उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है। जनरल बैरोन्स ने कहा कि रूस के पास काफिले के चारों ओर हवाई सुरक्षा भी होगी जो यूक्रेनी विमानों पर पलटवार कर सकती है।  


अब आगे क्या?
तमाम समस्याओं के बावजूद हकीकत यह है कि रूसी सैनिक भारी मात्रा में हथियारों के साथ कीव के उत्तर में मौजूद हैं और किसी भी समय इसके आगे बढ़ने की संभावना है। ब्रिटिश सेना के पूर्व प्रमुख जनरल लॉर्ड डैनट ने बीबीसी को बताया कि यह विशाल कॉलम राजधानी कीव को घेर लेगा और घेराबंदी कर देगा। रूसी सैनिकों द्वारा कीव को आमने-सामने की लड़ाई में जीतने की कोशिश बेहद नुकसानदायक होगी। 
 

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