{"_id":"692b1c880733e8436d09f293","slug":"ukraine-s-naval-drones-strike-russian-oil-tankers-in-black-sea-off-turkish-coast-2025-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Drone Attack: काला सागर में रूसी टैंकरों पर हुआ ड्रोन हमला, शैडो फ्लीट का थे हिस्सा; यूक्रेनी अधिकारी का दावा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Drone Attack: काला सागर में रूसी टैंकरों पर हुआ ड्रोन हमला, शैडो फ्लीट का थे हिस्सा; यूक्रेनी अधिकारी का दावा
Sat, 29 Nov 2025 09:47 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 29 Nov 2025 09:47 PM IST
सार
Drone Attack: यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के एक अधिकारी ने दावा किया है कि काला सागर में रूस के शैडो फ्लीट के दो तेल टैंकरों पर ड्रोन से हमला किया गया है। ड्रोन हमले के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।
विज्ञापन
तुर्किये में तेल टैंकर में आग।
- फोटो : Video Screengrab
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूक्रेन ने स्वदेशी रूप से निर्मित 'सी बेबी' नौसैनिक ड्रोन का इस्तेमाल करके काला सागर में रूस के दो तेल टैंकरों पर हमला किया। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) के एक अधिकारी ने शनिवार को एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दोनों तेल टैंकरों काइरोस और विराट को रूस के छिपे हुए बेडे़ (शैडो फ्लीट) का हिस्सा बताया जा रहा है। इनका इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने के लिए होता था। दोनों को तुर्किये के काला सागर तट के पास शुक्रवा को हमले में निशाना बनाया गया।
ये भी पढ़ें: ट्रंप-मादुरो में तनाव बढ़ा, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- पूरी तरह बंद किया जाएगा वेनेजुएला का हवाई क्षेत्र
विज्ञापन
हमलों के बाद तुर्किये की तटरक्षक टीम और अन्य दलों ने बचाव अभियान शुरू किया। दोनों जहाजों पर मौजूद चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ऑपरेशन के संवेदनशीलता के कारण एसबीयू के अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बात की। उन्होंने हमले का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें समुद्र में दो टैंकरो को नष्ट होते दिखाया गया है।
अधिकारी ने कहा कि इन दोनों टैंकरों पर पहले से ही पश्चिमी देशों के प्रतिबंध थे और यूक्रेनी खुफिया एजेंसियां रूस की युद्ध की वित्तीय क्षमता को कम करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि सी बेबी नौसेनिक ड्रोन ने ऐसे जहाजों को निष्क्रिय किया, जो करीब सत्तर मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य का तेल ढो सकते थे। इससे रूस की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा देने की कोशिशों को बड़ा नुकसान पहुंचा।
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया की हालत नाजुक; बेटे तारिक रहमान ने कहा- स्वदेश वापसी मेरे बस में नहीं
इससे पहले तुर्किये के परिवहन और बुनियादी ढांचा मंत्री अब्दुल कादिर उरालोग्लू ने कहा था कि टैंकरों को शायद मिसाइल, समुद्री पोत या ड्रोन से मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि यह घटनाएं तुर्किये के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के भीतर हुईं और तुर्किये के अधिकारी अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संपर्क में हैं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि दोनों तेल टैंकरों काइरोस और विराट को रूस के छिपे हुए बेडे़ (शैडो फ्लीट) का हिस्सा बताया जा रहा है। इनका इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने के लिए होता था। दोनों को तुर्किये के काला सागर तट के पास शुक्रवा को हमले में निशाना बनाया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: ट्रंप-मादुरो में तनाव बढ़ा, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- पूरी तरह बंद किया जाएगा वेनेजुएला का हवाई क्षेत्र
विज्ञापन
हमलों के बाद तुर्किये की तटरक्षक टीम और अन्य दलों ने बचाव अभियान शुरू किया। दोनों जहाजों पर मौजूद चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ऑपरेशन के संवेदनशीलता के कारण एसबीयू के अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बात की। उन्होंने हमले का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें समुद्र में दो टैंकरो को नष्ट होते दिखाया गया है।
अधिकारी ने कहा कि इन दोनों टैंकरों पर पहले से ही पश्चिमी देशों के प्रतिबंध थे और यूक्रेनी खुफिया एजेंसियां रूस की युद्ध की वित्तीय क्षमता को कम करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि सी बेबी नौसेनिक ड्रोन ने ऐसे जहाजों को निष्क्रिय किया, जो करीब सत्तर मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य का तेल ढो सकते थे। इससे रूस की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा देने की कोशिशों को बड़ा नुकसान पहुंचा।
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया की हालत नाजुक; बेटे तारिक रहमान ने कहा- स्वदेश वापसी मेरे बस में नहीं
इससे पहले तुर्किये के परिवहन और बुनियादी ढांचा मंत्री अब्दुल कादिर उरालोग्लू ने कहा था कि टैंकरों को शायद मिसाइल, समुद्री पोत या ड्रोन से मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि यह घटनाएं तुर्किये के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के भीतर हुईं और तुर्किये के अधिकारी अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संपर्क में हैं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन