{"_id":"692ae471c8082c7dd6072048","slug":"critical-ex-pm-khaleda-zia-s-son-says-return-to-bangladesh-not-entirely-in-his-control-2025-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bangladesh Politics: खालिदा जिया की हालत नाजुक; बेटे तारिक रहमान ने कहा- स्वदेश वापसी मेरे बस में नहीं","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Bangladesh Politics: खालिदा जिया की हालत नाजुक; बेटे तारिक रहमान ने कहा- स्वदेश वापसी मेरे बस में नहीं
Sat, 29 Nov 2025 05:48 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका / नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका / नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 29 Nov 2025 05:48 PM IST
सार
Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को छाती में इंफेक्शन होने के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह संक्रमण दिल और फेफड़ों दोनों को प्रभावित कर रहा है। वहीं अपनी मां की तबीयत और वतन वापसी को लेकर उनके बेटे ने कहा है कि यह पूरी तरह उनके बस में नहीं है।
विज्ञापन
तारिक रहमान, खालिदा जिया के बेटे
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री और बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया की हालत बेहद नाजुक है। इसी बीच उनके बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान, जो 2008 से लंदन में रह रहे हैं, ने कहा है कि उनका बांग्लादेश लौटना पूरी तरह उनके नियंत्रण में नहीं है।
यह भी पढ़ें - Black Sea: 'मिसाइल-ड्रोन्स से हमला...', काला सागर में रूसी तेल टैंकरों में आग की घटना पर तुर्किये ने जताया शक
'मां के पास होना चाहता हूं, लेकिन…'
तारिक रहमान ने शनिवार तड़के फेसबुक पर लिखी पोस्ट में कहा, 'हर बेटे की तरह मैं भी इस कठिन समय में अपनी मां के पास रहना चाहता हूं। लेकिन यह फैसला मैं अकेले नहीं ले सकता। कुछ संवेदनशील कारण हैं, जिन पर अभी विस्तार से बोलना संभव नहीं है।' उन्होंने बताया कि उनकी 80 वर्षीय मां खालिदा जिया को छाती में इंफेक्शन होने के बाद 23 नवंबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह संक्रमण दिल और फेफड़ों दोनों को प्रभावित कर रहा है।
विज्ञापन
हालत बेहद गंभीर, डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी
रहमान ने कहा कि उनकी मां की हालत गंभीर संकट में है और वह आईसीयू में लगातार निगरानी मेंहैं। देश-विदेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। बीएनपी ने शुक्रवार को बयान जारी कर लोगों से उनके लिए दुआ करने की अपील की थी।
लौटने में क्या बाधा?
तारिक रहमान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-सी परिस्थिति उनके वापस आने में बाधा है। ब्रिटेन ने भी उनकी कानूनी स्थिति पर गोपनीयता नियमों का हवाला देते हुए कोई जानकारी नहीं दी है। रहमान ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि 'जब राजनीतिक हालात सही मुकाम पर पहुंचेंगे, तब मेरे वतन लौटने का इंतजार खत्म होगा।'
बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल
बीएनपी इस समय बांग्लादेश की राजनीति में अहम भूमिका में है। अगस्त 2025 में छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाया गया। इसके बाद, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी, आवामी लीग को आतंकवाद कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया, अब फरवरी 2026 में चुनाव होने हैं। दिलचस्प बात यह है कि दोनों प्रमुख दलों- बीएनपी और अवामी लीग, के संभावित उत्तराधिकारी (तारिक रहमान और सजीब वाजेद जॉय) देश से बाहर हैं।
यह भी पढ़ें - Indonesia: इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, हताहतों की संख्या बढ़कर 248 पहुंची
जॉय का दावा- विदेशों में खेल चल रहा है
एक इंटरव्यू में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि देश की दोनों बड़ी पार्टियों के नेतृत्व में बदलाव लाने के लिए विदेशी खेल चल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह खेल कौन खेल रहा है। वहीं जब पूछा गया कि क्या वह अपनी मां की जगह अवामी लीग का नेतृत्व करेंगे, उन्होंने जवाब दिया, 'इस पर फैसला पार्टी करेगी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Black Sea: 'मिसाइल-ड्रोन्स से हमला...', काला सागर में रूसी तेल टैंकरों में आग की घटना पर तुर्किये ने जताया शक
विज्ञापन
'मां के पास होना चाहता हूं, लेकिन…'
तारिक रहमान ने शनिवार तड़के फेसबुक पर लिखी पोस्ट में कहा, 'हर बेटे की तरह मैं भी इस कठिन समय में अपनी मां के पास रहना चाहता हूं। लेकिन यह फैसला मैं अकेले नहीं ले सकता। कुछ संवेदनशील कारण हैं, जिन पर अभी विस्तार से बोलना संभव नहीं है।' उन्होंने बताया कि उनकी 80 वर्षीय मां खालिदा जिया को छाती में इंफेक्शन होने के बाद 23 नवंबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह संक्रमण दिल और फेफड़ों दोनों को प्रभावित कर रहा है।
विज्ञापन
हालत बेहद गंभीर, डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी
रहमान ने कहा कि उनकी मां की हालत गंभीर संकट में है और वह आईसीयू में लगातार निगरानी मेंहैं। देश-विदेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। बीएनपी ने शुक्रवार को बयान जारी कर लोगों से उनके लिए दुआ करने की अपील की थी।
लौटने में क्या बाधा?
तारिक रहमान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-सी परिस्थिति उनके वापस आने में बाधा है। ब्रिटेन ने भी उनकी कानूनी स्थिति पर गोपनीयता नियमों का हवाला देते हुए कोई जानकारी नहीं दी है। रहमान ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि 'जब राजनीतिक हालात सही मुकाम पर पहुंचेंगे, तब मेरे वतन लौटने का इंतजार खत्म होगा।'
बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल
बीएनपी इस समय बांग्लादेश की राजनीति में अहम भूमिका में है। अगस्त 2025 में छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाया गया। इसके बाद, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी, आवामी लीग को आतंकवाद कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया, अब फरवरी 2026 में चुनाव होने हैं। दिलचस्प बात यह है कि दोनों प्रमुख दलों- बीएनपी और अवामी लीग, के संभावित उत्तराधिकारी (तारिक रहमान और सजीब वाजेद जॉय) देश से बाहर हैं।
यह भी पढ़ें - Indonesia: इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, हताहतों की संख्या बढ़कर 248 पहुंची
जॉय का दावा- विदेशों में खेल चल रहा है
एक इंटरव्यू में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि देश की दोनों बड़ी पार्टियों के नेतृत्व में बदलाव लाने के लिए विदेशी खेल चल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह खेल कौन खेल रहा है। वहीं जब पूछा गया कि क्या वह अपनी मां की जगह अवामी लीग का नेतृत्व करेंगे, उन्होंने जवाब दिया, 'इस पर फैसला पार्टी करेगी।