{"_id":"6853e6a3093a3a68c80f1d8a","slug":"uk-minister-lisa-nandy-presents-first-igf-archer-amish-award-storytellers-to-indian-doctor-2025-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"UK: ब्रिटेन में भारतीय डॉक्टर को मिला लेखन का शीर्ष सम्मान, इंडिया ग्लोबल फोरम में किया गया सम्मानित","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UK: ब्रिटेन में भारतीय डॉक्टर को मिला लेखन का शीर्ष सम्मान, इंडिया ग्लोबल फोरम में किया गया सम्मानित
Thu, 19 Jun 2025 03:59 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 19 Jun 2025 03:59 PM IST
सार
अवार्ड मिलने पर डॉ. शालिनी ने कहा कि बतौर एक लेखक मैं पूरी तरह से निशब्द और बेहद खुश हूं। डॉ. शालिनी ने कहा कि इस अवार्ड से अब उन्हें दूसरी किताब लिखने की भी प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन
ब्रिटेन की संस्कृति मंत्री लिजा नंदी
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटेन की संस्कृति मंत्री लिजा नंदी ने भारतीय डॉक्टर शालिनी मलिक को आईजीएफ आर्चर-अमीश अवार्ड से सम्मानित किया। सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए यह अवार्ड दिया जाता है, जो ब्रिटेन और भारत के मशहूर लेखकों लॉर्ड जेफ्री आर्चर और अमीश त्रिपाठी के नाम पर बना है। इस अवार्ड के तहत डॉ. शालिनी मलिक को 25 हजार डॉलर की इनामी राशि मिली।
इंडिया ग्लोबल फोरम में दिया गया अवार्ड
डॉ. शालिनी मलिक को यह अवार्ड उनके उपन्यास 'द वे होम' के लिए दिया गया। इस उपन्यास में तीन युवाओं की कहानी है, जो गोवा में शरण लेते हैं और अपने निजी दुखों से जूझते हैं। इस उपन्यास को दुख, पहचान और उपचार की मार्मिक खोज के लिए सर्वश्रेष्ठ कृति के रूप में चुना गया। इंडिया ग्लोबल फोरम में लंदन में डॉ. शालिनी को इस अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान ब्रिटिश मंत्री ने भारत और ब्रिटेन के सांस्कृतिक संबंधों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के लोगों से संबंध बेहद अहम हैं।
ये भी पढ़ें- Putin: ईरान-इस्राइल के बीच शांति समझौता करा सकता है रूस, राष्ट्रपति पुतिन ने की मध्यस्थता की पेशकश
विज्ञापन
अवार्ड मिलने पर डॉ. शालिनी ने कहा कि बतौर एक लेखक मैं पूरी तरह से निशब्द और बेहद खुश हूं। डॉ. शालिनी ने कहा कि इस अवार्ड से अब उन्हें दूसरी किताब लिखने की भी प्रेरणा मिलेगी। यह आईजीएफ आर्चर अमीश अवार्ड बीते साल ही शुरू किया गया था और डॉ. शालिनी को ही यह पहला अवार्ड मिला है।
विज्ञापन
इंडिया ग्लोबल फोरम में दिया गया अवार्ड
डॉ. शालिनी मलिक को यह अवार्ड उनके उपन्यास 'द वे होम' के लिए दिया गया। इस उपन्यास में तीन युवाओं की कहानी है, जो गोवा में शरण लेते हैं और अपने निजी दुखों से जूझते हैं। इस उपन्यास को दुख, पहचान और उपचार की मार्मिक खोज के लिए सर्वश्रेष्ठ कृति के रूप में चुना गया। इंडिया ग्लोबल फोरम में लंदन में डॉ. शालिनी को इस अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान ब्रिटिश मंत्री ने भारत और ब्रिटेन के सांस्कृतिक संबंधों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के लोगों से संबंध बेहद अहम हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Putin: ईरान-इस्राइल के बीच शांति समझौता करा सकता है रूस, राष्ट्रपति पुतिन ने की मध्यस्थता की पेशकश
विज्ञापन
अवार्ड मिलने पर डॉ. शालिनी ने कहा कि बतौर एक लेखक मैं पूरी तरह से निशब्द और बेहद खुश हूं। डॉ. शालिनी ने कहा कि इस अवार्ड से अब उन्हें दूसरी किताब लिखने की भी प्रेरणा मिलेगी। यह आईजीएफ आर्चर अमीश अवार्ड बीते साल ही शुरू किया गया था और डॉ. शालिनी को ही यह पहला अवार्ड मिला है।