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Syria Tension: 'सीरिया पर तुर्किये ने कब्जा नहीं किया...', अंकारा ने डोनाल्ड ट्रंप के दावों को किया खारिज

Thu, 19 Dec 2024 10:24 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 19 Dec 2024 10:24 AM IST
सार

Turkiye: रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए तुर्किये के विदेश मंत्री फिदान हाकान ने कहा कि उनके देश को सीरिया पर कब्जा करने वाली शक्ति कहना गलत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जो हुआ, उससे वह बहुत कुछ सीख चुके हैं।  

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Turkiye Rejects Donald Trump Claim Of Ankara Takeover In Syria
तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान - फोटो : एएनआई/एक्स/हाकान फिदान

विस्तार

तुर्किये ने बुधवार को अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाने में तुर्किये का हाथ था। ट्रंप ने कहा था कि तुर्किये ने अपने पड़ोसी देश पर अमित्रतापूर्ण कब्जा किया। 

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अल जजीरा से बातचीत में तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा, 'हम इसे कब्जा नहीं कहेंगे। सीरिया में जो हो रहा है, उसे इस रूप में पेश करना एक बड़ी गलती होगी।' उन्होंने कहा, 'सीरिया के लोगों के लिए यह कब्जा नहीं है। अगर कोई कब्जा है, तो यह सीरिया के लोगों की इच्छा है, जो अब सामने आ रही है।'
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ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि सीरिया में जो लोग विद्रोह कर रहे हैं, उन्हें तुर्किये नियंत्रित कर रहा है और इसमें कोई समस्या नहीं है। अरबपति कारोबारी ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'तुर्किये ने बिना ज्यादा जान गंवाए एक दुश्मन पर अमित्रतापूर्ण कब्जा कर लिया।'
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2011 में असद के खिलाफ विद्रोह के शुरुआती दिनों से ही तुर्किये को असद विरोधी ताकतों का एक प्रमुख समर्थक माना जाता है। तुर्किये ने असद शासन के राजनीतिक विरोधियों को शरण दी थी, लाखों शरणार्थियों को अपने यहां जगह दी थी और साथ ही असद के खिलाफ लड़ने वाले विद्रोही समूहों को भी समर्थन दिया था। 

फिदान ने कहा कि तुर्किये को सीरिया पर कब्जा करने वाली शक्ति कहना गलत होगा। उन्होंने कहा, हम ऐसा कभी नहीं चाहेंगे, क्योंकि हमारे क्षेत्र में जो हो रहा है, उससे हम बहुत कुछ सीख चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम अपनी संस्कृति में एक तरह का प्रभुत्व बनाएंगे, तो वह हमारे क्षेत्र को ही नुकसान पहुंचाएगा। इसलिए, यहां तुर्किये, ईरान या अरबों का प्रभुत्व नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी देशों का सहयोग होना चाहिए। सीरिया के लोगों के साथ हमारी एकजुटता को इस तरह से नहीं दिखाना चाहिए, जैसे हम सीरिया पर शासन कर रहे हैं। मुझे लगता है, यह गलत है। 
 

तुर्किये के विदेश मंत्री ने हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) समूह के बारे में भी बात की, जो कभी अल-कायदा से जुड़ा था। हालांकि, इस समूह ने अपनी व्यवहार में नरमी दिखाई है, लेकिन पश्चमी देश इसे एक आतंकवादी संगठन मानते हैं। फिदान ने कहा, अब समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका इसे आतंकवादियो की सूची से हटा दे। 


उन्होंने कहा, 'एचटीएस ने अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) जैसे कट्टरपंथी समूहों से खुद को अलग कर दिया है।' तुर्किये एचटीएस को एक आतंकवादी संगठन मानता है। फिर भी वह इसके साथ काम करता है। 

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