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Sweden: तुर्किये में गिरफ्तार स्वीडिश पत्रकार रिहा होकर लौटे स्वीडन, प्रेस की आजादी को बताया सबसे बड़ी ताकत

Sat, 17 May 2025 09:25 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 17 May 2025 09:25 PM IST
सार

स्वीडिश पत्रकार जोआकिम मेदिन को तुर्की में एर्दोआन के अपमान और पीकेके से जुड़ाव के आरोप में मार्च में गिरफ्तार किया गया था। स्वीडन सरकार के लगातार कोशिशों के बाद अब उन्हें रिहा किया गया। रिहाई के बाद स्वदेश लौटने के साथ ही उन्होंने कहा कि जिंदाबाद प्रेस की आजादी।

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Turkiye frees Swedish journalist who was convicted for insulting President Erdogan News In Hindi
जेल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

तुर्किये में मार्च में गिरफ्तार किए गए स्वीडिश पत्रकार जोआकिम मेदिन को रिहा कर दिया गया है और वह शनिवार को अपने देश स्वीडन लौट आए। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने सोशल मीडिया पर उनकी रिहाई की पुष्टि करते हुए लिखा कि शांत तरीके से की गई कड़ी मेहनत रंग लाई। उन्होंने बताया कि मेदिन की रिहाई स्वीडिश विदेश मंत्रालय और यूरोपीय सहयोगियों के प्रयासों से संभव हुई। बता दें कि मेदिन को इस्तांबुल एयरपोर्ट पर उस समय हिरासत में लिया गया था जब वे तुर्किये में प्रदर्शनों की कवरेज करने पहुंचे थे।

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पत्रकार पर कौन-कौन से आरोप लगे है?
मेदिन पर तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन का अपमान करने और प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) से जुड़े होने का आरोप लगाया गया था। उन्हें अदालत ने 11 महीने की सस्पेंडेड सजा दी थी यानी जेल की सजा को फिलहाल लागू नहीं किया गया। हालांकि, उन पर लगे आतंकवाद के आरोपों की सुनवाई अब भी जारी रहेगी, लेकिन उन्हें अब शारीरिक रूप से कोर्ट में पेश होने की जरूरत नहीं है।
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रिहा होकर क्या बोले मेदिन

स्वीडन लौटने के बाद मेदिन ने कहा कि मैं मानसिक और शारीरिक रूप से थका हुआ हूं, लेकिन अब बेहतर महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि जैसे ही विमान ने उड़ान भरी, मेरे सीने से बोझ हट गया।  मैं शुरू से ही इस पल का इंतजार कर रहा था। मेदिन ने बताया कि उन्होंने जेल में समय एकांतवास में राजनीतिक कैदियों के वार्ड में बिताया, जहां उन पर कोई शारीरिक हिंसा तो नहीं हुई, लेकिन मानसिक दबाव काफी था।

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क्या बोले स्वीडिश प्रधानमंत्री?
मेदिन की रिहाई पर स्वीडिश प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन ने कहा कि स्वीडन और तुर्किये के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन अब हमारे बीच ऐसा सहयोग बना है, जिससे कठिन मुद्दों पर भी बातचीत संभव हो पाई है।

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