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Tunisian: ट्यूनीशिया के सियासी गलियारे में हलचल तेज, राष्ट्रपति ने बिना किसी स्पष्टीकरण के PM को किया बर्खास्त
Thu, 08 Aug 2024 07:45 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ट्यूनिश
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ट्यूनिश
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 08 Aug 2024 07:45 AM IST
सार
यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रधानमंत्री को बिना किसी आधिकारिक कारण के बर्खास्त किया गया है। इससे पहले नजला बूडन को भी पिछले साल पद से हटा दिया गया था।
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ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सैयद
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
उत्तरी अफ्रीका के ट्यूनीशिया में सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। यहां के राष्ट्रपति कैस सैयद ने बुधवार को बिना कोई स्पष्टीकरण दिए प्रधानमंत्री अहमद हचानी को बर्खास्त कर दिया। इतना ही नहीं, हचानी की जगह सामाजिक मामलों के मंत्री केमल मदौरी को नियुक्त किया गया है। यह जानकारी राष्ट्रपति कार्यालय ने दी है।
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पिछले साल भी हटाया था पीएम को पद से
बता दें, यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रधानमंत्री को बिना किसी आधिकारिक कारण के बर्खास्त किया गया है। इससे पहले नजला बूडन को भी पिछले साल पद से हटा दिया गया था। तब हचानी ने उसी साल एक अगस्त को पदभार संभाला था।
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2021 में सत्ता हथियाने की कोशिश
राष्ट्रपति को 2019 में लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया था, लेकिन उन्होंने 2021 में व्यापक रूप से सत्ता हथियाने की कोशिश की और छह अक्तूबर को होने वाले चुनावों में एक और कार्यकाल की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रपति शासन बनाने के लिए 2022 में संविधान को फिर से लिखा गया था, जिसकी संसद के पास बेहद सीमित शक्तियां हैं।
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हचानी ने इससे पहले बुधवार को सार्वजनिक परिवहन को प्रभावित करने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए सरकारी बैठकों के बारे में एक बयान दिया था। मदौरी ने मई में ही सामाजिक मामलों का प्रभार संभाला था।
संसद की थी भंग
साल 2021 की जुलाई में ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ने देश के प्रधानमंत्री को बर्ख़ास्त कर दिया था और संसद भंग कर दी थी। ये सब इसलिए हुआ था क्योंकि ट्यूनीशिया में लोग कोरोना महामारी से निबटने में सरकार की नाकामी से ग़ुस्सा थे और पूरे देश में प्रदर्शन कर रहे थे। ये विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। ट्यूनीशिया के लगभग हर इलाके में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए थे और पुलिस के साथ उनकी हिंसक झड़प हुई थी।