फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   TTP exposed Pakistan security system many terrorists killed in Khyber Pakhtunkhwa.

Pakistan: टीटीपी के बढ़ते आतंक ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की खोली पोल, खैबर पख्तूनख्वा में 17 आतंकी ढेर

Sat, 22 Nov 2025 01:05 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sat, 22 Nov 2025 01:05 PM IST
सार

TTP terrorism in Pakistan: खैबर पख्तूनख्वा में 17 टीटीपी आतंकियों के मारे जाने से पाकिस्तान की सुरक्षा विफलताएं फिर उजागर हुईं। बन्नू जिले में दो अलग-अलग अभियानों ने दिखाया कि आतंकी नेटवर्क कितना मजबूत है और सरकार उन्हें रोकने में लगातार असफल हो रही है।

विज्ञापन
TTP exposed Pakistan security system many terrorists killed in Khyber Pakhtunkhwa.
पाकिस्तानी सेना - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक बार फिर आतंकी गतिविधियों का जाल सामने आया है, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता उजागर हो गई है। बन्नू जिले में टीटीपी आतंकियों की मजबूत मौजूदगी और लगातार हो रही मुठभेड़ों ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान अपनी ही जमीन पर फैल रहे आतंक के खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में नाकाम है। 17 टीटीपी आतंकियों का मारा जाना इसी गहरी जड़ें जमा चुके आतंकी नेटवर्क का संकेत है।

विज्ञापन


शेरी खैल और पक्का पहाड़ खैल में आतंकियों की सक्रिय मौजूदगी की पुष्टि के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान चलाया। लेकिन यह खुद इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तानी एजेंसियां पहले आतंकियों को बढ़ने देती हैं और बाद में कार्रवाई का दिखावा करती हैं। वर्षों से टीटीपी खुलकर पाकिस्तान में हथियारों और विस्फोटकों के साथ सक्रिय है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है।
विज्ञापन


पाकिस्तान की नापाक ‘निगरानी’ उजागर 
आईजीपी जुल्फिकार हमीद के अनुसार पहले अभियान में 10 आतंकी मारे गए और एक फसिलिटेटर गिरफ्तार हुआ। लेकिन सवाल यह है कि इतने बड़े आतंकी नेटवर्क की जानकारी पाकिस्तान को पहले क्यों नहीं मिली। सात शव बरामद हुए जबकि तीन दुर्गम इलाके में रहे यह भी पाकिस्तान की कमजोरी है कि आतंकवादी पहाड़ी क्षेत्रों में पूरे सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं और सरकार वर्षों से हालात काबू नहीं कर पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- न्यूयॉर्क की गवर्नर ने की सराहना, समर्थकों की भाषा पर भड़ास भी निकाली, कहा- सहन नहीं...

आठ घंटे की मुठभेड़
दूसरे पूरे आठ घंटे चले अभियान में सात और आतंकी मारे गए। पाकिस्तान दावा करता है कि सुरक्षा बलों को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन असलियत यह है कि टीटीपी की बढ़ती शक्ति और लगातार जारी हमलों ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैला दी है। स्थानीय लोग भी अब पाकिस्तान सरकार की नाकामी से परेशान हैं और सुरक्षा एजेंसियों पर भरोसा खोते जा रहे हैं।


पाकिस्तान की ढुलमुल नीति का नतीजा
मारे गए आतंकियों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए। यह पाकिस्तान की उस ढुलमुल नीति का नतीजा है जिसने दशकों तक आतंकी संगठनों को पनाह दी और उनका इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ किया। अब वही संगठन पाकिस्तान में ही सिर उठा रहे हैं और सुरक्षा तंत्र को चुनौती दे रहे हैं।

एक और बड़ी नाकामी बेनकाब
अब्शार चौक बन्नू में 10 किलो का बम मिलने और उसे निष्क्रिय करने की घटना यह साफ दिखाती है कि पाकिस्तान आतंकियों के जाल को खत्म नहीं कर पा रहा। घी के डिब्बे में छिपाया गया बम एक बड़े हमले की साजिश का हिस्सा था, जिसे समय रहते रोका गया। लेकिन यह खतरा हर बार टलना पाकिस्तान की असफलता का प्रमाण है, सफलता का नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed