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Trump-Zelenskyy Meeting: ट्रंप बोले- रूस-यूरोप शांति चाहते हैं; जेलेंस्की ने भी पुतिन से बातचीत के दिए संकेत
Mon, 18 Aug 2025 09:19 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Mon, 18 Aug 2025 09:19 PM IST
सार
Trump Zelenskyy Meet: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्धविराम पर चर्चा हुई। ट्रंप ने कहा कि वे शांति के लिए काम कर रहे हैं और जेलेंस्की पुतिन से त्रिपक्षीय बातचीत को तैयार हैं।
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ट्रंप और जेलेंस्की की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रूस-यूक्रेन युद्धविराम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच अहम बैठक हो चुकी है। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि वो शांति के लिए काम कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जेलेंस्की पुतिन के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने पुतिन की तारीफ करते हुए कहा कि उनके लिए अलास्का आना आसान नहीं था, फिर भी वो आए। पुतिन भी युद्ध नहीं चाहते हैं। ट्रंप ने इस दौरान ये भी कहा कि यूरोप के लोग शांति चाहते हैं। अगर हत्याएं रुक जाएं तो सीजफायर करना ठीक रहेगा। जंग समय आने पर खत्म होगी। त्रिपक्षीय बैठक में जंग खत्म होने की बेहतर संभावना है।
बाइडन पर भड़के ट्रंप
बातचीत के समय ट्रंप बाइडन पर भी भड़के और कहा कि इस जंग के लिए वही जिम्मेदार हैं, उनका कार्यकाल भ्रष्ट था। मैं अगर राष्ट्रपति होता तो ये जंग नहीं होती। वहीं, जेलेंस्की ने भी कहा कि वो अपने देश की सुरक्षा चाहते हैं और वो देश में चुनाव कराने के लिए और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप-पुतिन के साथ त्रिपक्षीय बैठक के लिए भी तैयार हैं।
इससे पहले जेलेंस्की ने नाटो महासचिव मार्क रुटे और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन साउथ पोर्टिको पर मुलाकात की। इसके अलावा जर्मनी, फिनलैंड, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन के शीर्ष नेता भी इसमें शामिल हुए। जेलेंस्की ने ट्रंप से मुलाकात से पहले कहा कि युद्ध रोकने के लिए रूस पर दबाव डालना होगा। साथ ही जेलेंस्की बोले कि इस मुद्दे पर हमारा मुख्य लक्ष्य स्थायी शांति है।
यूरोपीय देशों को ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की हालिया बैठक से बाहर रखा गया था। अब यूरोप चाहता है कि यूक्रेन और पूरे महाद्वीप को रूस की आक्रामकता से बचाने के लिए ठोस रणनीति बने। इन नेताओं का लक्ष्य यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दिलाना है ताकि भविष्य में शांति समझौता टिकाऊ हो सके।
ट्रंप की शर्तें और जेलेंस्की की प्रतिक्रिया
बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जेलेंस्की युद्ध तुरंत खत्म कर सकते हैं अगर वह समझौते के लिए तैयार हों। ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि यूक्रेन क्रीमिया वापस नहीं पा सकता और न ही नाटो में शामिल हो सकता। उन्होंने दावा किया कि कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं। इस पर जेलेंस्की ने जवाब दिया कि युद्ध को जल्दी और स्थायी रूप से खत्म करने की सभी की इच्छा है, लेकिन शांति अस्थायी नहीं बल्कि टिकाऊ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रीमिया और डोनबास की तरह रूस को फिर से हमला करने का मौका नहीं मिलना चाहिए।
सुरक्षा गारंटी और यूरोप की रणनीति
बैठक में चर्चा का केंद्र यूक्रेन को नाटो जैसी सुरक्षा गारंटी देना है। यूरोप चाहता है कि रूस पर दबाव बनाए रखा जाए और अमेरिका से ठोस आश्वासन मिले। ट्रंप के खास दूतों ने संकेत दिया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी यूक्रेन को यह भरोसा दिला सकते हैं कि भविष्य में उस पर हमला होने पर सब मिलकर उसकी रक्षा करेंगे। हालांकि, रूस और पुतिन का रुख साफ है कि वह डोनबास क्षेत्र पर नियंत्रण चाहते हैं। ज़ेलेंस्की बार-बार कह चुके हैं कि यह मांग असंवैधानिक है और इसे मानना रूस के लिए भविष्य में नए हमले का रास्ता खोल देगा।
ये भी पढ़ें- हिंदू कुश हिमालय पर मंडराया संकट, सम्मेलन में नेपाल के राष्ट्रपति ने मांगा सहयोग; जुटे 200 प्रतिनिधि
रूस का हमला जारी
जहां एक ओर वॉशिंगटन में शांति वार्ता की बात होने वाली है, वहीं मैदान पर रूस का हमला जारी है। रविवार रात रूस ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसमें सात नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा और 16 साल का किशोर शामिल है। 20 लोग घायल हुए, जिनमें छह बच्चे हैं। यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने कुल 140 ड्रोन और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से 88 को नष्ट कर दिया गया। ये हमले दिखाते हैं कि शांति वार्ता कितनी कठिन राह है और टिकाऊ समाधान खोजना कितना जरूरी है।
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बाइडन पर भड़के ट्रंप
बातचीत के समय ट्रंप बाइडन पर भी भड़के और कहा कि इस जंग के लिए वही जिम्मेदार हैं, उनका कार्यकाल भ्रष्ट था। मैं अगर राष्ट्रपति होता तो ये जंग नहीं होती। वहीं, जेलेंस्की ने भी कहा कि वो अपने देश की सुरक्षा चाहते हैं और वो देश में चुनाव कराने के लिए और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप-पुतिन के साथ त्रिपक्षीय बैठक के लिए भी तैयार हैं।
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#WATCH | Washington, DC | Ukrainian President Volodymyr Zelenskyy arrives at the White House to meet US President Donald Trump. A short while ago, European leaders too arrived here.
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This comes after the US President's meeting with Russian President Vladimir Putin in Alaska last… pic.twitter.com/Gp3G4LbdJd — ANI (@ANI) August 18, 2025
इससे पहले जेलेंस्की ने नाटो महासचिव मार्क रुटे और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन साउथ पोर्टिको पर मुलाकात की। इसके अलावा जर्मनी, फिनलैंड, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन के शीर्ष नेता भी इसमें शामिल हुए। जेलेंस्की ने ट्रंप से मुलाकात से पहले कहा कि युद्ध रोकने के लिए रूस पर दबाव डालना होगा। साथ ही जेलेंस्की बोले कि इस मुद्दे पर हमारा मुख्य लक्ष्य स्थायी शांति है।
यूरोपीय देशों को ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की हालिया बैठक से बाहर रखा गया था। अब यूरोप चाहता है कि यूक्रेन और पूरे महाद्वीप को रूस की आक्रामकता से बचाने के लिए ठोस रणनीति बने। इन नेताओं का लक्ष्य यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दिलाना है ताकि भविष्य में शांति समझौता टिकाऊ हो सके।
ट्रंप की शर्तें और जेलेंस्की की प्रतिक्रिया
बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जेलेंस्की युद्ध तुरंत खत्म कर सकते हैं अगर वह समझौते के लिए तैयार हों। ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि यूक्रेन क्रीमिया वापस नहीं पा सकता और न ही नाटो में शामिल हो सकता। उन्होंने दावा किया कि कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं। इस पर जेलेंस्की ने जवाब दिया कि युद्ध को जल्दी और स्थायी रूप से खत्म करने की सभी की इच्छा है, लेकिन शांति अस्थायी नहीं बल्कि टिकाऊ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रीमिया और डोनबास की तरह रूस को फिर से हमला करने का मौका नहीं मिलना चाहिए।
सुरक्षा गारंटी और यूरोप की रणनीति
बैठक में चर्चा का केंद्र यूक्रेन को नाटो जैसी सुरक्षा गारंटी देना है। यूरोप चाहता है कि रूस पर दबाव बनाए रखा जाए और अमेरिका से ठोस आश्वासन मिले। ट्रंप के खास दूतों ने संकेत दिया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी यूक्रेन को यह भरोसा दिला सकते हैं कि भविष्य में उस पर हमला होने पर सब मिलकर उसकी रक्षा करेंगे। हालांकि, रूस और पुतिन का रुख साफ है कि वह डोनबास क्षेत्र पर नियंत्रण चाहते हैं। ज़ेलेंस्की बार-बार कह चुके हैं कि यह मांग असंवैधानिक है और इसे मानना रूस के लिए भविष्य में नए हमले का रास्ता खोल देगा।
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रूस का हमला जारी
जहां एक ओर वॉशिंगटन में शांति वार्ता की बात होने वाली है, वहीं मैदान पर रूस का हमला जारी है। रविवार रात रूस ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसमें सात नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा और 16 साल का किशोर शामिल है। 20 लोग घायल हुए, जिनमें छह बच्चे हैं। यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने कुल 140 ड्रोन और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से 88 को नष्ट कर दिया गया। ये हमले दिखाते हैं कि शांति वार्ता कितनी कठिन राह है और टिकाऊ समाधान खोजना कितना जरूरी है।