Donald Trump: सत्ता में आते ही ट्रंप ने पूरा किया वादा, 6 जनवरी हिंसा में दोषी अपने समर्थकों को दी माफी
सत्ता में आते ही डोनाल्ड ट्रंप ने अपना वादा पूरा किया। उन्होंने अपनी क्षमादान शक्ति का इस्तेमाल करते हुए 6 जनवरी 2020 को यूएस कैपिटल हिंसा के अपने समर्थक 1500 दोषियों को माफ करने का फैसला किया है।
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ट्रंप ने ये फैसला अपने कार्यालय में वापसी के पहले दिन अपनी क्षमादान देने वाली शक्तियों का इस्तमाल करते हुए किया। साथ ही उन्होंने न्याय विभाग द्वारा की गई सबसे बड़ी जांच और अभियोजन को समाप्त करने की भी कोशिश की।
बता दें कि ट्रंप के माफी देने का ये फैसला पहले से ही उम्मीद की जा रही थी, क्योंकि उन्होंने कई सालों तक 6 जनवरी के हमले के इतिहास को नया रूप देने की कोशिश की थी, जिसमें 100 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हुए थे। साथ ही बाइडन को सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण खतरे में पड़ गया था।
ये माफी न्याय विभाग को झटका, समझिए कैसे?
देखा जाए तो डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा दी गई ये माफी न्याय विभाग के लिए एक बड़ा झटका है, जो इन घटनाओं में शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहा था। जहां ट्रंप ने छह आरोपियों की सजा भी कम की, लेकिन व्हाइट हाउस ने अभी तक इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।
जेडी वेंस ने पूरी तरह से माफी से किया था मना
वहीं इस मामले में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपनी वापसी से पहले कुछ हफ्तों में यह कहा था कि वह 6 जनवरी के आरोपियों को केस-दर-केस आधार पर देखेंगे। वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में कहा था कि कैपिटल दंगे के दौरान हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को स्पष्ट रूप से माफ नहीं किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि इससे पहले, कैपिटल वन एरिना में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संबोधित करते हुए कहा कि क्या आप जानते हैं कि जब मैं अपना भाषण दे रहा था, तो बाइडन ने अपने पूरे परिवार को माफ़ कर दिया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने (बाइडन) कहा कि जनवरी छह के बंधकों के बारे में बात मत करो जिन्हें तुम आज रिहा करने जा रहे हो। हम ओवल ऑफिस जा रहे हैं। हम उन बंधकों को रिहा करने के लिए हस्ताक्षर करेंगे जिन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।
एक नजर यूएस कैपिटल हिंसा पर
अमेरिका में हुए साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप की हार के बाद उनके समर्थकों ने यूएस कांग्रेस पर धावा बोल दिया था। इस मामले में 1500 लोगों को आरोपी बनाया गया है। कैलिफोर्निया के सांता एना के 37 वर्षीय डेविड डेम्पसी, जिन्हें अभियोजकों ने भीड़ के 'सबसे हिंसक' सदस्यों में से एक बताया था, को इस महीने 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। यह सजा अब तक सुनाई गई दूसरी सबसे लंबी सजा थी।
वहीं संसद में घुसने वाले धुर दक्षिणपंथी समूह प्राउड बॉयज के पूर्व नेता एनरिक टैरियो को देशद्रोही साजिश का दोषी ठहराया गया और 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अमेरिकी संसद (यूएस कैपिटल) पर हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए और 140 पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे।