{"_id":"6a9bf1ba5f08ecdc2b0cceb6","slug":"russia-ukraine-attacks-us-envoys-peace-talks-volodymyr-zelenskyy-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूसी हमले में चार यूक्रेनी की मौत: अमेरिकी दूतों की मॉस्को में दस्तक से जगी शांति की आस, क्या थमेगा संग्राम?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
रूसी हमले में चार यूक्रेनी की मौत: अमेरिकी दूतों की मॉस्को में दस्तक से जगी शांति की आस, क्या थमेगा संग्राम?
Sat, 05 Sep 2026 04:11 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कीव।
पीटीआई, कीव।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 05 Sep 2026 04:11 PM IST
सार
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिकी दूतों की यात्रा से शांति वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद है। अमेरिकी दूत मॉस्को पहुंच गए हैं, लेकिन हमले जारी हैं। रूस के हमलों में यूक्रेन में चार लोगों की मौत हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिकी दूतों की कोशिश से दोनों देशों के बीच अस्थायी रूप से हमले रोकने और बातचीत आगे बढ़ाने की राह बनती है या नहीं।
विज्ञापन
वोलोदिमीर जेलेंस्की, यूक्रेनी राष्ट्रपति
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले पांच साल से युद्ध चल रहा है। इस जंग को खत्म कराने के लिए अमेरिका ने फिर से बड़ी पहल की है। अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर शनिवार को मॉस्को पहुंचे। रूसी दूत किरील दमित्रीव ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। दोनों अमेरिकी प्रतिनिधि मॉस्को में रूसी अधिकारियों से शांति प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। इसके बाद रविवार को वे यूक्रेन की राजधानी कीव जाएंगे। वहां वे राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों ओर से हवाई और ड्रोन हमले तेज हो गए हैं। पिछले छह महीनों से अमेरिकी ध्यान ईरान संघर्ष पर रहने के कारण यह बातचीत रुकी हुई थी। अब देखना होगा कि इस नई कोशिश से दोनों देशों के बीच शांति का रास्ता साफ होता है या नहीं। इसी बीच रूस के रातभर किए हमलों में यूक्रेन में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हमले रोकने की बात क्यों कही?
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान यूक्रेन हवाई हमले नहीं करेगा। उन्होंने रूस से भी इसी तरह हमले रोकने की अपील की। वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अमेरिकी वार्ताकारों की सुरक्षित यात्रा के लिए रूसी हवाई क्षेत्र सामान्य रूप से काम करता रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, 'हमारी तरफ से कोई हवाई हमला नहीं होगा और रूस को भी ऐसा ही करना चाहिए, ताकि इन वार्ताओं और अमेरिकी यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए जरूरी समय मिल सके।'
रूस के हमले में कहां-कहां नुकसान हुआ?
दक्षिणी निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में एक औद्योगिक प्रतिष्ठान पर रूसी हमले में चार लोगों की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए। निकोपोल जिले में हुए एक अलग हमले में 62 साल का एक व्यक्ति घायल हुआ। कई निजी मकानों और एक अपार्टमेंट इमारत को भी नुकसान पहुंचा।
रूस ने कितने ड्रोन और मिसाइलें दागीं?
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रात में रोस्तोव और वोरोनेझ क्षेत्रों से बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही 167 हमलावर ड्रोन भेजे गए। इनमें शाहेद ड्रोन भी शामिल थे और करीब आधे ड्रोन जेट इंजन से चलने वाले थे। यूक्रेन की वायु रक्षा ने 128 ड्रोन को मार गिराया या दबा दिया।
क्या रूस में भी यूक्रेन के हमले हुए?
रूस के सीमावर्ती बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेन के हमलों में तीन लोग घायल हुए। इनमें 14 साल की एक लड़की भी शामिल है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने रात में 53 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
यह भी पढ़ें: नेपाल त्रासदी के बीच चमत्कार: 10 दिन से मलबे में फंसी 60 साल की महिला निकली जिंदा, चीनी नागरिक भी मिला जीवित
कब से चल रहा है रूस-यूक्रेन युद्ध?
रूस-यूक्रेन युद्ध को सिर्फ 24 फरवरी 2022 से शुरू हुआ मानना पूरी तस्वीर नहीं बताता। इसकी जड़ 2014 में है, जब यूक्रेन में राजनीतिक संकट के बाद रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर उसे अपने में मिला लिया। इसके बाद पूर्वी यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुहांस्क में रूस समर्थित अलगाववादियों और यूक्रेनी सेना के बीच लड़ाई शुरू हुई। यह संघर्ष वर्षों तक चलता रहा।
2021 के अंत तक तनाव और बढ़ गया। रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास बड़ी संख्या में सैनिक तैनात किए। रूस ने साफ-साफ कहा था कि नाटो में यूक्रेन को शामिल नहीं होना चाहिए। बातचीत से समाधान नहीं निकला। इसके बाद 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य हमला शुरू कर दिया। रूस ने इसे यूक्रेन को 'निरस्त्रीकरण' और 'नाजीवाद से मुक्ति' दिलाने की कार्रवाई बताया, जबकि यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने इसे आक्रमण माना।
आज भी विवाद के केंद्र में यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता, कब्जाए गए इलाकों पर नियंत्रण, सुरक्षा और नाटो से जुड़ा सवाल है। रूस जिन इलाकों पर अपना दावा करता है, यूक्रेन उन्हें अपनी जमीन मानता है और उन्हें रूस को सौंपने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि युद्ध खत्म करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाना बेहद मुश्किल बना हुआ है।
विज्ञापन
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों ओर से हवाई और ड्रोन हमले तेज हो गए हैं। पिछले छह महीनों से अमेरिकी ध्यान ईरान संघर्ष पर रहने के कारण यह बातचीत रुकी हुई थी। अब देखना होगा कि इस नई कोशिश से दोनों देशों के बीच शांति का रास्ता साफ होता है या नहीं। इसी बीच रूस के रातभर किए हमलों में यूक्रेन में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।
विज्ञापन
- रूस और यूक्रेन के बीच हवाई हमले लगातार तेज हुए हैं। करीब 1,250 किलोमीटर लंबे मोर्चे पर जमीनी लड़ाई में खास प्रगति नहीं हुई है।
- रूस अब तेज रफ्तार वाले जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रहा है। कीव में एयर-रेड सायरन रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।
विज्ञापन
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हमले रोकने की बात क्यों कही?
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान यूक्रेन हवाई हमले नहीं करेगा। उन्होंने रूस से भी इसी तरह हमले रोकने की अपील की। वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अमेरिकी वार्ताकारों की सुरक्षित यात्रा के लिए रूसी हवाई क्षेत्र सामान्य रूप से काम करता रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, 'हमारी तरफ से कोई हवाई हमला नहीं होगा और रूस को भी ऐसा ही करना चाहिए, ताकि इन वार्ताओं और अमेरिकी यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए जरूरी समय मिल सके।'
रूस के हमले में कहां-कहां नुकसान हुआ?
दक्षिणी निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में एक औद्योगिक प्रतिष्ठान पर रूसी हमले में चार लोगों की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए। निकोपोल जिले में हुए एक अलग हमले में 62 साल का एक व्यक्ति घायल हुआ। कई निजी मकानों और एक अपार्टमेंट इमारत को भी नुकसान पहुंचा।
- रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र के दो धातु संयंत्रों पर हमला किया। उसके मुताबिक, ये संयंत्र यूक्रेन के सैन्य उत्पादन के लिए धातु उत्पादों के बड़े सप्लायर हैं।
- कीव क्षेत्र में भी दो लोग घायल हुए। बोरिस्पिल जिले में हमले से लगी आग ने नौ मंजिला आवासीय इमारत को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया।
- मिकोलाइव क्षेत्र में एक शॉपिंग सेंटर को रातभर ड्रोन से कई बार निशाना बनाया गया। दुकानों को नुकसान पहुंचा और आग लग गई।
- इस हमले में 72 साल का एक व्यक्ति और 17 साल की लड़की घायल हुई। राहतकर्मियों को दोबारा हमले के खतरे के कारण कई बार सुरक्षित जगह लौटना पड़ा।
रूस ने कितने ड्रोन और मिसाइलें दागीं?
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रात में रोस्तोव और वोरोनेझ क्षेत्रों से बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही 167 हमलावर ड्रोन भेजे गए। इनमें शाहेद ड्रोन भी शामिल थे और करीब आधे ड्रोन जेट इंजन से चलने वाले थे। यूक्रेन की वायु रक्षा ने 128 ड्रोन को मार गिराया या दबा दिया।
क्या रूस में भी यूक्रेन के हमले हुए?
रूस के सीमावर्ती बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेन के हमलों में तीन लोग घायल हुए। इनमें 14 साल की एक लड़की भी शामिल है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने रात में 53 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
यह भी पढ़ें: नेपाल त्रासदी के बीच चमत्कार: 10 दिन से मलबे में फंसी 60 साल की महिला निकली जिंदा, चीनी नागरिक भी मिला जीवित
कब से चल रहा है रूस-यूक्रेन युद्ध?
रूस-यूक्रेन युद्ध को सिर्फ 24 फरवरी 2022 से शुरू हुआ मानना पूरी तस्वीर नहीं बताता। इसकी जड़ 2014 में है, जब यूक्रेन में राजनीतिक संकट के बाद रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर उसे अपने में मिला लिया। इसके बाद पूर्वी यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुहांस्क में रूस समर्थित अलगाववादियों और यूक्रेनी सेना के बीच लड़ाई शुरू हुई। यह संघर्ष वर्षों तक चलता रहा।
2021 के अंत तक तनाव और बढ़ गया। रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास बड़ी संख्या में सैनिक तैनात किए। रूस ने साफ-साफ कहा था कि नाटो में यूक्रेन को शामिल नहीं होना चाहिए। बातचीत से समाधान नहीं निकला। इसके बाद 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य हमला शुरू कर दिया। रूस ने इसे यूक्रेन को 'निरस्त्रीकरण' और 'नाजीवाद से मुक्ति' दिलाने की कार्रवाई बताया, जबकि यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने इसे आक्रमण माना।
आज भी विवाद के केंद्र में यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता, कब्जाए गए इलाकों पर नियंत्रण, सुरक्षा और नाटो से जुड़ा सवाल है। रूस जिन इलाकों पर अपना दावा करता है, यूक्रेन उन्हें अपनी जमीन मानता है और उन्हें रूस को सौंपने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि युद्ध खत्म करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाना बेहद मुश्किल बना हुआ है।