फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Trump honours Microsoft's CEO after Vance drops H-1B visa hammer on company

ट्रंप ने सत्य नडेला को दिया सम्मान: कुछ घंटे पहले माइक्रोसॉफ्ट पर हुई थी कार्रवाई; क्या है पूरा मामला?

Fri, 09 Oct 2026 02:05 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 09 Oct 2026 02:05 AM IST
विज्ञापन
Trump honours Microsoft's CEO after Vance drops H-1B visa hammer on company
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला - फोटो : ANI
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला जैसे टेक अरबपतियों की तारीफ की। लेकिन इससे कुछ घंटे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ कार्रवाई का एलान किया था। कंपनी को एक ऐसे कार्यक्रम से निलंबित किया गया है, जिसके तहत कंपनियां एच-1बी वीजा वाले कुशल विदेशी कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड के आवेदन कर सकती हैं।
विज्ञापन


वेंस एक धोखाधड़ी रोकने वाली टास्क फोर्स के प्रमुख हैं। इसी के तहत माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ यह कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई से अमेरिका की आर्थिक वृद्धि में योगदान देने वाली कंपनियों और प्रशासन के बीच तनाव सामने आया है। प्रशासन आव्रजन कम करना चाहता है। उसका कहना है कि इससे अमेरिकी कामगारों को नुकसान हुआ है।
विज्ञापन


उपराष्ट्रपति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, माइक्रोसॉफ्ट के लिए हमारा संदेश है- आप एक महान अमेरिकी कंपनी हैं, लेकिन आपको महान अमेरिकी कामगारों को नौकरी देनी होगी। उन्होंने कहा कि कंपनी ने वीजा व्यवस्था का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, आप अमेरिकी कामगारों को नौकरी से निकालकर उनकी जगह विदेशी बंधुआ कर्मचारियों को नहीं रख सकते। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वेंस ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले साल अमेरिका में छह हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। लेकिन इसी दौरान कंपनी ने 6,300 एच-1बी वीजा और करीब 3,000 ग्रीन कार्ड हासिल किए। वाशिंगटन के रेडमंड में स्थित इस टेक कंपनी में दुनियाभर में 2,23,000 कर्मचारी हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

नडेला को ट्रंप ने किया सम्मानित
सत्य नडेला को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी और नवाचार पदक देते समय राष्ट्रपति ट्रंप ने अलग और प्रशंसा करने वाला रुख अपनाया। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में नडेला के काम की तारीफ की। उन्होंने कंपनी में विदेशी कामगारों की नियुक्ति को लेकर कोई बयान नहीं दिया।

ट्रंप ने कहा, तीन दशक से ज्यादा समय से सत्य नडेला माइक्रोसॉफ्ट के बदलाव में एक अहम व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने कंपनी में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने दुनियाभर के कारोबारों, छात्रों और उपभोक्ताओं को अब तक बनाए गए सबसे सक्षम सॉफ्टवेयर में से कुछ उपलब्ध कराए।

राष्ट्रपति से विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उपलब्धि के लिए सम्मान पाने वाले छह टेक दिग्गजों में से पांच प्रवासी हैं। राष्ट्रपति ने स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क, गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन, एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग और सेमीकंडक्टर कंपनी एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज की सीईओ लिसा सु को राष्ट्रीय विज्ञान पदक दिया। इन सभी का जन्म अमेरिका के बाहर हुआ है। मस्क का जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ। ब्रिन का जन्म रूस में हुआ। हुआंग और सु का जन्म ताइवान में हुआ।

नडेला के अलावा ट्रंप ने डेल टेक्नोलॉजीज के सीईओ माइकल डेल को भी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी और नवाचार पदक दिया। डेल ने बच्चों के लिए सरकार के खास निवेश खातों को बढ़ावा दिया है। इन खातों को ट्रंप अकाउंट्स कहा जाता है। डेल का जन्म टेक्सास में हुआ था। वहीं नडेला भारत से अमेरिका आए थे।

ट्रंप ने अरबपतियों के इस समूह को 'राष्ट्रीय धरोहर' बताया। उन्होंने इसकी तुलना अपने चाचा जॉन ट्रंप से की। जॉन ट्रंप इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर थे। उन्हें 1983 में राष्ट्रीय विज्ञान पदक मिला था।

ट्रंप ने कहा, विज्ञान की दुनिया और तकनीक की दुनिया के लिए यह बहुत बड़ा दिन है। इससे बड़ा दिन कोई नहीं है। उन्होंने कहा, आप इतिहास के पन्नों में महान लोगों के रूप में दर्ज होंगे।

एआई को लेकर ट्रंप का जोर
ये सम्मान विज्ञान के एक शिखर सम्मेलन का हिस्सा थे। इसमें विज्ञान के नए 'स्वर्ण युग' का जश्न मनाया गया। ट्रंप पहले भी इन कारोबारियों की जमकर तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक के विकास को तेज करने में उनके काम की तारीफ की है। ट्रंप एआई को 'सुपर इंटेलिजेंस' कहते हैं।


ट्रंप ने अपनी आर्थिक योजनाओं को पूरा करने के लिए इस तकनीक पर बढ़ता भरोसा जताया है। वह चाहते हैं कि एआई के विकास में अमेरिका दुनिया में सबसे आगे रहे। साथ ही वह ऐसे नियमों की मांग का विरोध कर रहे हैं, जिनसे उन्हें लगता है कि विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed