नोबेल शांति पुरस्कार की होड़ में डोनाल्ड ट्रंप, रिपब्लिकन सांसदों ने किया नामित
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अमेरिका के 17 रिपब्लिकन सांसदों ने इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नामित किया है। उन्हें इस पुरस्कार के लिए नामजद कोरियाई युद्ध को समाप्त करने के लिए उनके योगदान की पहचान के फलस्वरूप किया गया है।
ट्रंप कोरियाई प्रायद्वीप का परमाणु मुक्त और इस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व के लिए प्रयासरत हैं।
ट्रंप ने हाल ही में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ बैठक को स्वीकार कर लिया है। यह अमेरिका और उत्तर कोरिया के नेताओं के बीच पहली बैठक होगी। उनके प्रशासन ने चीन समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सफलतापूर्वक एकजुट किया है।
20 अप्रैल को उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियार खत्म करने और अंतरराज्यीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के कार्यक्रम को रद्द कर देने का ऐलान किया है।
इससे पहले एक अज्ञात अमेरिकी ने राष्ट्रपति ट्रंप का नाम उनकी बलपूर्वक शांति की विचारधारा के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की वकालत की थी, जिसकी काफी आलोचना हुई थी।
इससे फर्जी करार दिया गया था क्योंकि पिछले साल भी इसी तरह के फर्जी नामांकन हुए थे। लेकिन अब अमेरिकी सांसदों द्वारा नामजद किए जाने के बाद ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार की होड़ में शामिल हो सकते हैं।
नोबेल शांति पुरस्कार का नामांकन हर साल 31 जनवरी तक दिए जाते हैं और विजेता का ऐलान अक्तूबर की शुरुआत में किया जाता है। सनद रहे कि 2009 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था।
उन्हें यह पुरस्कार लोगों के बीच अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सहयोग को मजबूत करने के उनके असाधारण प्रयासों के लिए दिया गया था।
2012 में नोबेल शांति पुरस्कार यूरोपीय संघ को स्वयं को युद्ध के महाद्वीप से शांति के महाद्वीप में बदलने के लिए दिया गया था। 2017 का नोबेल शांति पुरस्कार परमाणु हथियार विरोधी समूह इंटरनेशनल कैंपेन टू अबॉलिश न्यूक्लियर वेपन्स को दिया गया था।
उ. कोरिया में जल्द रिहा होंगे अमेरिकी नागरिक
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि उत्तर कोरिया द्वारा हिरासत में रखे गए तीन अमेरिकी नागरिक प्योंगयांग के साथ बर्फ पिघलने से पहले आजाद होने की कगार पर हैं।
इस बीच अमेरिकी सरकार ने कहा कि ट्रंप और किम जोंग-उन की शिखर वार्ता से पहले उत्तर कोरिया में गिरफ्तार तीन अमेरिकी श्रम शिविर से देश की राजधानी के पास एक होटल में भेज दिए गए हैं और जल्द ही उन्हें रिहा किया जाएगा।
अपनी पहचान उजागर नहीं होने की शर्त पर व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि मई के अंत या जून पहले सप्ताह में अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर सम्मेलन से पहले ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने सद्भावना के रूप में तीनों अमेरिकियों की रिहाई के लिए दबाव बनाया था।
कोरियाई कार्यकर्ता चोई सांग-योंग ने बताया कि कोरियाई मूल के अमेरिकी नागरिक किम हाक-सोंग, किम सेंग-डुक और किम डांग-चुल को प्योंगयांग में अप्रैल के प्रारंभ में ही उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद प्योंगयांग में स्थानांतरित किए जा चुके हैं।
चोई ने कहा कि अमेरिका और उत्तर कोरिया ने इन तीनों अमेरिकी नागरिकों को रिहा करने की तारीख पर फैसला किया है। हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि हम इन रिपोर्टों की वैधता की पुष्टि नहीं कर सकते हैं।
टोनी किम के परिजनों ने भी कहा है कि उन्हें फिलहाल रिहाई की कोई सूचना नहीं मिली है। इनमें से किम हाक-सोंग और किम सांग-डुक को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था जबकि किम डांग-चुल को 2015 में गिरफ्तार किया गया और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।