भारतीय राजदूत टीएस संधू बोले- अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा मजबूत साझेदार कोई देश नहीं
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अमेरिका में भारतीय राजदूत टीएस संधू ने कहा है कि भारत ने साबित कर दिया है कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान पूरी दुनिया में अमेरिका के लिए भारत से मजबूत कोई साझेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट ने अमेरिका को दिखाया कि उसके लिए भारत से बड़ा साझेदार कोई नहीं है।
टीएस संधू ने रविवार को कहा कि अभी दोनों देश कम से कम तीन वैक्सीन पर साथ काम कर रहे हैं। संधू ने कहा कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और अमेरिका की सीडीसी और एनआईएच कई सालों से मिलकर काम कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि दो-तीन साल पहले दोनों देशों ने रोटावायरस नाम के अन्य वायरस की वैक्सीन भी विकसित की थी। इससे न केवल भारत और अमेरिका, बल्कि कई अन्य देशों को मदद मिली।
भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारत और अमेरिका सप्लाई चैन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भारत ने पिछले महीने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आग्रह के बाद मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की खेप वहां भेजी थी।
#WATCH Irrespective of China, India is an attractive destination. It's a little early but in the post-COVID time, India is going to be a significant part of the recovery process. I think American investors&companies are smart & they are moving to connect: India's Ambassador to US pic.twitter.com/kDIhTeCSq9
— ANI (@ANI) May 10, 2020
उन्होंने कहा कि चीन के बावजूद, भारत एक आकर्षक गंतव्य बना है। यह थोड़ा जल्दी है लेकिन कोरोना के बाद के समय में भारत रिकवरी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है। मुझे लगता है कि अमेरिकी निवेशक और कंपनियां समझदार हैं और वे हमसे जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं।