{"_id":"5d37304a8ebc3e6cf13a298e","slug":"the-most-controversial-prime-minister-of-china-li-peng-dies","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन के सर्वाधिक विवादित और कुख्यात प्रधानमंत्री रहे ली पेंग का बीमारी से निधन","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
चीन के सर्वाधिक विवादित और कुख्यात प्रधानमंत्री रहे ली पेंग का बीमारी से निधन
Tue, 23 Jul 2019 09:35 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Tue, 23 Jul 2019 09:35 PM IST
विज्ञापन
चीन के पूर्व प्रधानमंत्री ली पेंग (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
चीन के थ्येनआनमन चौक पर साल 1989 में लोकतंत्र समर्थक छात्रों पर सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के दमन के पुरजोर समर्थक रहे चीन के पूर्व प्रधानमंत्री ली पेंग का बीजिंग में निधन हो गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक बीमारी के चलते सोमवार रात 91 वर्षीय ली का निधन हो गया।
विज्ञापन
उन्होंने कम्युनिस्ट राष्ट्र की संसद की एक स्थायी समिति के अध्यक्ष के तौर पर 2001 में भारत का दौरा किया था। ली को ‘बुचर ऑफ बीजिंग’ (बीजिंग का हत्यारा) के नाम से जाना जाता था। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि जब विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की अपार भीड़ बदलाव की मांग करते हुए हफ्तों तक थ्येनआनमन चौक पर डेरा डाले हुए थी तब ली ने 20 मई 1989 को मार्शल लॉ की घोषणा कर दी थी।
विज्ञापन
चार जून 1989 को राजधानी में लोकतंत्र समर्थक व्यापक प्रदर्शन पर नृशंस कार्रवाई को लेकर ली दुनियाभर में कुख्यात हो गए थे। वह एक दशक से अधिक समय तक कम्युनिस्ट शासन में शीर्ष पर रहे। उन्हें उनके जीवन के आखिरी क्षण तक लोगों ने दमन के प्रतीक के रूप में नफरत भरी नजरों से देखा।
विज्ञापन
कुछ अनुमानों के अनुसार इस कार्रवाई में एक हजार से अधिक लोग मारे गए। हालांकि, ली ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के फैसले को जरूरी कदम बताते हुए इस फैसले का बार-बार बचाव किया। उन्होंने साल 1994 में ऑस्ट्रिया की यात्रा के दौरान कहा था, ‘बिना इन कदमों के चीन के समक्ष सोवियत संघ (अब विघटित) या पूर्वी यूरोप से भी भयावह स्थिति खड़ी हो जाती।'