US-Israel: गाजा के अस्पताल में धमाके ने मुश्किल किया बाइडन का इस्राइल दौरा, संघर्ष पर कितना बदलेगा रुख, जानें
व्हाइट हाउस ने एक बार फिर कहा कि अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की कोई योजना नहीं है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि इस्राइल जाने से बाइडन को अपने समकक्ष के सामने विचारों को व्यक्त करने का एक अच्छा मौका मिलेगा।
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इस्राइल-हमास युद्ध के बीच गाजा के एक अस्पताल पर हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इस हमले के कारण 'इस्राइल को अपनी रक्षा के अधिकार' के लिए समर्थन जुटाने के अमेरिका के राजनयिक प्रयासों को पटरी से उतार दिया है। जॉर्डन के अम्मान में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ अरब नेताओं के शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया गया है।
खुफिया जानकारी अमेरिका के पास
एक इस्राइली अधिकारी और मामले से परिचित एक सूत्र का कहना है कि इस्राइल ने घातक हमले से संबंधित खुफिया जानकारी अमेरिका को दे दी है। सूत्र ने बताया कि अमेरिका इसकी जांच कर रहा है। इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ सांसदों को यह जानकारी दी है।
सम्मेलन रद्द होने से बढ़ी चिंता
हालांकि, इस बीच कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि अरब नेताओं का शिखर सम्मेलन अंतिम समय में रद्द होना बाइडन की राजनयिक चिंताओं को बढ़ा सकता है। इस्राइल की यात्रा करने पर अमेरिकियों सहित लाखों नागरिकों का जीवन दांव पर है, जो वर्तमान में फलस्तीन में फंसे हुए हैं। यहां मानवीय संकट चल रहा है क्योंकि इस्राइली सैनिक जमीनी आक्रमण से पहले सीमाओं पर एकत्र हो रहे हैं।
इस्राइल हमला करेगा या नहीं?
इस मामले की जानकारी रखने वाले कई लोगों के अनुसार, अमेरिका की ओर से कोई शर्त नहीं रखी गई है कि जब तक बाइडन रहेंगे तब तक इस्राइल हमला नहीं करेगा। हालांकि, राष्ट्रपति की यात्रा पर बहस और योजना बनाने वाले अमेरिकी अधिकारियों का यही मानना है कि हमला नहीं करेगा।
अमेरिका की यह मांग
जानकारों ने बुधवार को तेल अवीव की यात्रा के दौरान बाइडन के मुख्य उद्देश्यों में से एक बताते हुए कहा कि अमेरिकी अधिकारी चाहते हैं कि गाजा के लिए मानवीय योजनाओं पर हस्ताक्षर किए जाएं और आक्रमण शुरू होने से पहले उन्हें लागू किया जाए।
वैसे, बाइडन ने अभी तक एक बार भी युद्ध को रोकने के लिए नहीं कहा है। हालांकि, उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान लोगों के जीवन की रक्षा के बारे में लगातार चेतावनियां दी हैं।
यात्रा का मकसद होगा कमजोर!
वहीं, गाजा के अस्पताल पर हुए हमले को लेकर गुस्सा बाइडन की यात्रा के व्यापक उद्देश्य को कमजोर कर सकता है। फिलहाल, बाइडन ने ईरान और हिजबुल्ला को इसमें शामिल नहीं होने की चेतावनी दी है और उन्हें रोकने के लिए पूर्वी भूमध्य सागर में दो विमानवाहक पोत भेजे हैं।
व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने एक बार फिर कहा कि अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिका की सेना अपनी सुरक्षा के लिए तैयार है।
नेतन्याहू के साथ आमने सामने बैठक जरूरी
सूत्रों का कहना है कि इस्राइल जाने से बाइडन की मामले को लेकर समझ गहरी होगी। उन्हें अपने इस्राइली समकक्ष के सामने अपने विचारों को व्यक्त करने का एक बेहतर मौका मिल सकता है। जानकारों ने कहा कि बाइडन और उनके वरिष्ठ सहयोगियों का मानना है कि उन्हें खुद की रक्षा करने और हमास को खत्म करने के इस्राइल के अधिकार के लिए स्पष्ट समर्थन की आवश्यकता है। इसके लिए उन्हें नेतन्याहू के साथ आमने सामने बैठक करनी होगी। हालांकि, वे इस बात से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं कि इस्राइल के लिए सार्वजनिक समर्थन हमेशा के लिए नहीं रहेगा, खासकर तब जब हमास की गलतियों का खामियाजा गाजा के लोग भुगतें।
जॉर्डन ने अस्पाल पर हमला होने के बाद रद्द किया कार्यक्रम
बता दें, जॉर्डन ने घोषणा की थी कि फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ प्रस्तावित शिखर वार्ता रद्द हो गई है। अम्मान में होने वाले अरब नेताओं के शिखर सम्मेलन को रद्द करने पर विदेश मंत्री अयमान सफादी ने कहा कि यह तब आयोजित किया जाएगा जब युद्ध को रोकने और इन नरसंहारों को समाप्त करने का निर्णय लिया जाएगा।
बाइडन ने बाद में कहा कि वह अस्पताल में हुए विस्फोट से 'नाराज' हैं और उन्होंने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से कहा है कि जो कुछ हुआ है उसके बारे में और जानकारी हासिल करें।