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कैद में रखी गई 19 माह की शरणार्थी बच्ची की मौत, मां बोली- दुनिया देखे अमेरिका की निर्ममता
Thu, 11 Jul 2019 07:07 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Thu, 11 Jul 2019 07:07 PM IST
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याजमिन जुआरेज
- फोटो : सोशल मीडिया
अमेरिका में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां शरणार्थी हिरासत केंद्र में एक 19 माह की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मां का कहना है कि मैं चाहती हूं कि पूरी दुनिया अमेरिका की निर्ममता देखे। दरअसल, ग्वाटेमाला की रहने वाली यजमिन जुआरेज को उसकी 19 महीने की बच्ची के साथ अमेरिकी प्रवासन अधिकारियों ने पकड़ा था। शरणार्थी केंद्र में बच्ची की मौत हो गई थी।
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हिरासत में लिए गए शरणार्थियों की खराब स्थिति पर कांग्रेस सुनवाई कर रही है। इस दौरान जुआरेज ने कहा कि केंद्रों में बच्चों को पिंजरे में कैद कर रखा जाता है। मैं चाहती हूं कि दुनिया अमेरिका की निर्ममता देखे।
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सुनवाई शुरू होने से पहले जुआरेज आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग (आईसीई) के बारे में भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर आज मैं यह बताकर बदलाव ला सकती हूं कि आईसीई के कारावास में शरणार्थियों के साथ कितना खराब बर्ताव होता है, तो यह अनुचित होगा।
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जुआरेज ने बताया कि ग्वाटेमाला में जान का खतरा होने के चलते वह पिछले साल अपनी 19 महीने की बेटी के साथ अमेरिका भाग आई थीं। अमेरिका की सीमा पारकर उन्होंने शरण मांगी थी। लेकिन, आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें कैद कर लिया। इसके बाद उन्हें आईसीई के हिरासत केंद्र ले जाया गया, वहां उनकी बेटी बीमार पड़ गई थी।
जुआरेज ने बताया कि बेटी की देखरेख की गुहार लगाने के बावजूद चिकित्सकों या मेडिकल स्टाफ ने बच्ची की हालत पर कोई ध्यान नहीं दिया। जब आईसीई ने हमें छोड़ दिया तो मैं मैरी (बेटी) को लेकर डॉक्टर के पास ले गई। उसे इमरजेंसी रूम में भर्ती किया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
जुआरेज ने कहा, 'पूरी दुनिया को यह जानना चाहिए कि आईसीई में बच्चों के साथ क्या हो रहा है। मेरी बेटी तो चली गई लेकिन मुझे उम्मीद है कि मेरी कहानी सुनकर अमेरिका की सरकार इस बारे में कोई ठोस कदम उठाएगी।'