US: 'काबुल एयरपोर्ट रोड पर नजर रख रहा था आतंकी शरीफुल्ला ',अफगानिस्तान बम धमाके में FBI का बड़ा खुलासा
अगस्त 2021 में काबुल एयरपोर्ट के पास हुए बम धमाके के मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। आईएसएसआई के आतंकी मोहम्मद शरीफुल्ला ने एफबीआई को बताया कि धमाके से पहले वह काबुल एयरपोर्ट के पास रोड पर नजर रख रहा था।
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अगस्त 2021 में काबुल एयरपोर्ट के पास हुए बम धमाके के मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। आईएसएसआई के आतंकी मोहम्मद शरीफुल्ला ने एफबीआई को बताया कि धमाके से पहले वह काबुल एयरपोर्ट के पास रोड पर नजर रख रहा था। साथ ही उसने मॉस्को में एक हमले सहित कई घातक हमले समेत आतंकी संगठन की ओर से गतिविधियां संचालित की थीं।
आईएसआईएस के सदस्य शरीफुल्ला पर दो मार्च को वर्जीनिया में दर्ज एक शिकायत में एक विदेशी आतंकी संगठन को सामग्री सहायता प्रदान करने और साजिश रचने के चलते हत्या करने का आरोप लगाया गया है। शरीफुल्ला को अफगानिस्तान बम विस्फोट में उसकी भूमिका के लिए अमेरिका प्रत्यर्पित किया जा रहा है।
शरीफुल्ला से दो मार्च को एफबीआई एजेंटों ने पूछताछ की थी। अब उसे पहले वर्जीनिया के पूर्वी जिले में हिरासत में लाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शरीफुल्ला ने एफबीआई एजेंटों को बताया कि उसे 2016 या उसके आसपास आईएसआईएस में भर्ती किया गया था और तब से वह आतंकी समूह का सदस्य है। उसने कई घातक हमलों के लिए संगठन की गतिविधियों का समर्थन और संचालन करना स्वीकार किया था।
शिकायत में 26 अगस्त 2021 को हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (HKIA) पर हुए एबी गेट हमले का विवरण दिया गया है। एबी गेट हमले के लिए मुख्य प्रवेश नियंत्रण बिंदु था। 26 अगस्त को अफगानिस्तान से निकासी प्रक्रिया के लिए हजारों नागरिक एबी गेट पर या उसके आसपास थे। एबी गेट पर एक अकेले हमलावर अब्दुल रहमान अल-लोगारी नामक आईएसआईएस सदस्य ने हमला किया था।
शरीफुल्ला ने एफबीआई को बताया कि वह 2019 से अफगानिस्तान की जेल में था। काबुल एयरपोर्ट पर हमले से कुछ सप्ताह पहले भी वह जेल से बाहर आया था। इसके बाद आईएसआईएस के एक सदस्य ने हमले में सहयोग करने के लिए उससे संपर्क किया। आईएसआईएस ने उसे एक बाइक, एक सेल फोन और एक सिम कार्ड के लिए पैसे दिए। साथ ही उसे हमले के दौरान बात करने के लिए एक विशेष सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक खाता खोलने के लिए कहा गया। इसके बाद शरीफुल्ला को एक हमलवार के लिए एयरपोर्ट के पास मार्ग की तलाश करने का काम सौंपा गया था। शरीफुल्ला ने एक मार्ग पर निगरानी की। उसने यहां पुलिस, अमेरिकी और तालिबान चौकियों की जांच की।
अदालत में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक शरीफुल्ला ने अन्य आईएसआईएस सदस्यों को बताया कि रास्ता साफ है और उसे नहीं लगता कि उस रास्ते से आगे बढ़ने पर हमलावर का पता लगाया जाएगा। इसके बाद आईएसआईएस ने शरीफुल्ला को एयरपोर्ट रोड छोड़ने का आदेश दिया। तब उसे हमले की जानकारी मिली। साथ ही उसने हमलावर को आईएसआईएस का ऑपरेटिव माना। जिसे वह जेल में रहते हुए जानता था।
ट्रंप ने भी किया था अफगानिस्तान बम धमाके का जिक्र
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में संबोधन के दौरान अफगानिस्तान हमले का जिक्र किया था। ट्रंप ने कहा था कि 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के दौरान बम विस्फोट के लिए जिम्मेदार आतंकी की गिरफ्तारी में पाकिस्तान ने अमेरिका की मदद की। अमेरिका एक बार फिर से कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी ताकतों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। बाइडन प्रशासन के तहत अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी विनाशकारी और अक्षम थी। यह अमेरिकी इतिहास का सबसे शर्मनाक क्षण था। साढ़े तीन साल पहले आईएसआईएस के आतंकियों ने अफगानिस्तान से सेना की वापसी के दौरान बम विस्फोट करके 13 अमेरिकी सेवा सदस्यों और कई लोगों को मार डाला था। ट्रंप ने कहा कि मुझे खुशी है कि हमने उस विस्फोट के जिम्मेदार शीर्ष आतंकी को अभी-अभी पकड़ा है। वह अमेरिकी न्याय का सामना करने के लिए यहां पर आ रहा है।
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