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Taiwan Controversy: नैंसी पेलोसी के आज ताइवान दौरे पर तनातनी बढ़ी, चीन ने अमेरिका को फिर दी धमकी

Tue, 02 Aug 2022 01:07 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 02 Aug 2022 01:07 PM IST
सार

चीन ताइवान को अपना स्वशासित क्षेत्र मानता है, इसलिए वह पेलोसी की यात्रा का कड़ा विरोध कर रहा है। पेलोसी बीते 25 सालों में ताइवान पहुंचने वाली पहली शीर्ष अमेरिकी अधिकारी होंगी। 

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tension between US-China on Nancy Pelosi Taiwan visit, know all about
Nancy Pelosi - फोटो : Social Media

विस्तार

अमेरिका और चीन के बीच ताइवान को लेकर एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है। मुद्दा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की आज से संभावित ताइवान यात्रा का है। इसे लेकर चीन ने अमेरिका को धमकी दी है तो यूएसए ने भी कमर कस ली है। 

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चीन ताइवान को अपना स्वशासित क्षेत्र मानता है, इसलिए वह पेलोसी की यात्रा का कड़ा विरोध कर रहा है। पेलोसी बीते 25 सालों में ताइवान पहुंचने वाली पहली शीर्ष अमेरिकी अधिकारी होंगी। उनकी यात्रा से चीन इतना ज्यादा खफा है कि खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपति बाइडन को फोन कर धमकी दे डाली। कहा जा रहा है कि जिनपिंग ने अमेरिका को इसके अप्रत्याशित अंजाम की चेतावनी दी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि वह अमेरिका को फिर चेतावनी देते हैं कि यदि पेलोसी ताइवान पहुंचीं तो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी चुपचाप नहीं बैठेगी। 
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चीन ने फिर दी धमकी, विरोध पत्र भेजा
चीनी विदेश मंत्रालय ने पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर आज फिर धमकी दी। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि हमारी स्थिति स्पष्ट है। हमने अमेरिका को कड़ा विरोध पत्र भेजा है। हम स्पीकर नैन्सी पेलोसी के यात्रा कार्यक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। अगर अमेरिका गलत रास्ते पर अड़िग रहा तो हम अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की खातिर कड़े कदम उठाएंगे।
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चीन की धमकियों की परवाह नहीं
उधर, अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स की मानें तो चीन की धमकियों के बावजूद पेलोसी अधिकारियों के साथ ताइवान यात्रा पर जाएंगी। पेलोसी चार एशियाई देशों की यात्रा कर रही हैं, सबसे पहले वह सिंगापुर पहुंची हैं। आज शाम तक वे ताइपे पहुंच सकती हैं। पेलोसी एक सैन्य विमान सी-40सी से वॉशिंगटन से रवाना हुई हैं। 31 जुलाई को जारी एक बयान में नैंसी पेलोसी के कार्यालय ने कहा कि अमेरिका की हाउस स्पीकर सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान की यात्राओं सहित हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कांग्रेस (अमेरिकी  संसद) के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं।  हालांकि, इस बयान में ताइवान का जिक्र नहीं था। 
पेलोसी की मंगलवार को ताइवान में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करने की उम्मीद है। वे दूसरे दिन ताइवान से रवाना होंगी। वह जिन लोगों से पेलोसी ताइवान में मिलने की योजना बना रही हैं, उन्होंने उनके आने की सूचना दी है। उन्होंने कहा कि वह निश्चित रूप से आ रही हैं। उधर, ताइवान के समीप तैनात एक अमेरिकी रक्षा पोत ने पेलोसी के विमान की ताइपे में सुरक्षित लैंडिंग की तैयारी कर ली है। उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 

पेलोसी को ताइवान जाने का अधिकार : जॉन किर्बी
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वयक जॉन किर्बी ने सोमवार को देश के निचले सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी की यात्रा को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब दिए। ताइवान यात्रा पर जाने का फैसला स्पीकर का है। हम उनकी यात्रा के ठहराव के बारे में कोई टिप्पणी या अटकलें नहीं लगाएंगे। उन्हें ताइवान जाने का अधिकार है। 

गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा : चीन
उधर, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने पिछले महीने भी एक प्रेस वार्ता में कहा था कि पेलोसी की ताइवान यात्रा का चीन-अमेरिकी संबंधों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। चीन ने पहले भी कई मौकों पर अमेरिका और ताइवान के बीच किसी भी प्रकार की आधिकारिक बातचीत पर कड़ा विरोध जताया है। 


जवाहिरी की मौत का पेलोसी की यात्रा पर पड़ेगा असर?
पेलोसी की एशियाई देशों की यात्रा के बीच अमेरिका ने ड्रोन हमला कर अलकायदा सरगना जवाहिरी को मार गिराया है। पश्चिमी देश इससे संतोष कर सकते हैं कि अमेरिका ने आतंक के खिलाफ फिर बड़ा प्रहार किया है, लेकिन इसका असर पेलोसी की इस यात्रा पर भी पड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। अमेरिकी हाउस की स्पीकर पेलोसी चीनी खतरों को धता बताते हुए आज ताइपे पहुंचने वाली हैं। जवाहिरी पर ड्रोन से निंजा मिसाइल हमला अमेरिकी सेना की सशक्त ड्रोन प्रौद्योगिकी और खुफिया तंत्र की क्षमता का भी  प्रदर्शन है। अमेरिका ने दिखा दिया है कि वह चीन सहित दुनिया के किसी भी देश से मीलों आगे है। 

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