Tariff War: टैरिफ बढ़ाने के बाद यूएस विरोधी वैश्विक मोर्चा बनाने की तैयारी में चीन; कई देशों से संपर्क साधा
वैश्विक बाजारों में गिरावट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अधिकांश देशों पर लगाया गया टैरिफ 90 दिनों के लिए वापस ले लिया। यह कदम व्यापार युद्ध को पूरी तरह अमेरिका-चीन के बीच टकराव तक सीमित करने का एक प्रयास प्रतीत होता दिखने लगा है।
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अमेरिका द्वारा 125% टैरिफ लगाने के बाद चीन न सिर्फ भारत समेत अपने पड़ोसी देशों से संबंध बनाने को तत्पर हो गया है बल्कि उसने कई अन्य देशों से भी संपर्क किया है। चीन के उठाए जा रहे कदम बताते हैं कि वह अमेरिका को पीछे हटने के लिए मजबूर करने के वास्ते वैश्विक संयुक्त मोर्चा बनाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि कई देश अमेरिकी व्यापार युद्ध में उसके मुख्य लक्ष्य चीन के साथ गठबंधन को तैयार नहीं हैं लेकिन उसे आंशिक सफलता मिल रही है।
वैश्विक बाजारों में गिरावट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अधिकांश देशों पर लगाया गया टैरिफ 90 दिनों के लिए वापस ले लिया। यह कदम व्यापार युद्ध को पूरी तरह अमेरिका-चीन के बीच टकराव तक सीमित करने का एक प्रयास प्रतीत होता दिखने लगा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बृहस्पतिवार को कहा, उसे कई देशों का समर्थन मिल रहा है। अमेरिका उनका समर्थन नहीं जीत सकता, उसे नाकामी ही हाथ लगेगी। चीन ने अपनी मोर्चाबंदी की शुरुआत यूरोप पर ध्यान केंद्रित करके की है। चीनी पीएम ली कियांग ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से फोन पर बात करके विश्व को एक बड़ा संदेश भेजा है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया, चीन-ईयू नेताओं में आम सहमति के अलावा उसने रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों से भी संपर्क किया है। चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वेंताओ ने 10 सदस्यीय दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ से भी बात की है। पीएम ली ने व्यापारिक नेताओं से भी बात की है।
चीन ने ट्रंप को 1953 के कोरिया युद्ध की याद दिलाई
ट्रंप की ओर से व्यापार युद्ध में अलग-थलग किए गए चीनी नेताओं ने अमेरिका को 1953 के कोरिया युद्ध की याद दिलाई। पहले तो वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता हे यॉन्गकियान ने कहा, हम अंत तक संघर्ष करेंगे। फिर कहा, चीनी दरवाजे आपसी सम्मान आधारित चर्चा के लिए खुले हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने माओत्से तुंग के 1953 में कोरिया युद्ध के भाषण का वीडियो साझा किया जिसमें वह कह रहे हैं, हम पीछे नहीं हटेंगे।
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ट्रंप के विरुद्ध मेक्सिको-ब्राजील साथ आए, पलटवार की तैयारी
अमेरिकी टैरिफ ने भले ही 75 देशों में टैरिफ को 90 दिनों के लिए टाल दिया है, लेकिन कई देश ट्रंप के फैसले से नाखुश हैं। वे आपस में मिलकर ट्रंप को जवाब देने की रणनीति बना रहे हैं। अब मेक्सिको और ब्राजील ने भी टैरिफ मुद्दे पर अमेरिका पर पलटवार के लिए हाथ मिलाया है। लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी दोनों अर्थव्यवस्थाओं ने द्विपक्षीय व्यापार की मजबूती पर जोर दिया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम और ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा ने होंडुरास में एक क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन में ट्रंप के टैरिफ और बढ़ते निर्वासन का जवाब देने की रणनीति बनाई। दोनों ने साझा बयान में एकजुट होने की जरूरत पर बल दिया।
मुक्त व निष्पक्ष व्यापार के लिए कर रहे कई देशों से वार्ता : अल्बनीज
इस पूरे मामले पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा, हमारा रुख मुक्त व निष्पक्ष व्यापार है। हम उन सभी देशों से चर्चा कर रहे हैं, जो हमारे हित में खड़े हैं। अपनी तैयारी को लेकर चीनी प्रधानमंत्री (प्रीमियर) ली कियांग ने कहा, चीन ने पूरा मूल्यांकन कर लिया है और सभी तरह की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, चीन भी स्थिति के हिसाब से नीतियां पेश करेगा। देशों को लामबंद करने की चीन की कोशिशों के बीच ऐसा नहीं है कि सभी देश चीन के साथ जुड़ने में दिलचस्पी रखें। बहुत से ऐसे देश जिनका चीन के साथ विवाद रहा है वे इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।