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तालिबान का आतंक: बदघिस प्रांत के शीर्ष पुलिस अधिकारी को बेरहमी से गोलियों से भूना
Mon, 23 Aug 2021 08:04 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, काबुल
एजेंसी, काबुल
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 23 Aug 2021 08:04 AM IST
सार
- अफगानिस्तान में अपने हित बढ़ाने के लिए तालिबान शासन को वैश्विक मान्यता दिलाने की संयुक्त रणनीति अपना रहे चीन-पाकिस्तान
- तालिबान को मान्यता दिलाने निकले चीन और पाकिस्तान को विश्लेषकों ने किया आगाह
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तालिबान आंतकी
- फोटो : social media
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विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान ने वापसी के साथ ही खून खराबा बढ़ा दिया है। बदघिस प्रांत के पुलिस प्रमुख हाजी मुल्लाह अचाकाजी को तालिबान ने मौत के घाट उतार दिया है। एक वायरल वीडियो में दिख रहा है कि आतंकियों ने पुलिस अधिकारी की आंखों पर पट्टी बांधने के बाद गोलियों से उन्हें छलनी कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि तालिबान कब्जे के साथ इस तरह की क्रूरता के जरिए लोगों में दहशत कायम करना चाहता है।
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तालिबान को मान्यता दिलाने निकले चीन और पाकिस्तान को विश्लेषकों ने किया आगाह
अफगानिस्तान में अपने हित बढ़ाने के लिए तालिबान शासन को वैश्विक मान्यता दिलाने की संयुक्त रणनीति अपना रहे चीन और पाकिस्तान को विशेषज्ञों ने इस के दीर्घकालिक नुकसान की चेतावनी दी है। उनका कहना है इससे नाराज अमेरिका दोनों को तगड़ा झटका दे सकता है।
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हांगकांग से प्रकाशित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने पाकिस्तानी विश्लेषकों के हवाले से लिखा, अमेरिका की हार से खुश दोनों मुल्कों ने तालिबान से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान सरकार तालिबान की वापसी से काफी सहज नजर आ रही है। पाकिस्तान पीएम इमरान खान ने तालिबान की वापसी को पश्चिमी गुलामी की बेड़ियां तोड़ने वाला करार दिया।
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लॉबिंग कर रहे चीन-पाकिस्तान
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक समुदाय से तालिबान के साथ सामूहिक कूटनीतिक जुड़ाव बनाने के लिए पाकिस्तान लॉबिंग कर रहा है अमेरिका, ब्रिटेन व संयुक्त राष्ट्र में पाक राजदूत रही मलीहा लोधी का कहना है अगर तालिबान प्रभावी और स्थिर ढंग से शासन करता है तो इसका सबसे ज्यादा लाभ पाकिस्तान को ही होगा। वहीं अगर सिरदला ही तो उतना ही नुकसान भी भुगतना पड़ेगा।