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China-Taiwan: 'चीन हमें डराने के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर रहा है', ताइवान के विदेश मंत्री का बड़ा आरोप
Wed, 30 Aug 2023 08:14 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 30 Aug 2023 08:14 PM IST
सार
ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि चीन ताइवान को डराने के लिए तेजी से सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
चीन और ताइवान के बीच तनाव कितना व्यापक है, यह किसी से छिपा नहीं है। कभी भारत तो ताइवान तो कभी दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रों को लेकर बेतुके दावे करता रहता है। ताइवान के क्षेत्र में चीन ने अपने सैन्य विमानों को भी भेजा है, जिसका ताइवान ने कड़ाई से जबाव दिया है। वहीं, अब ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि चीन ताइवान को डराने के लिए तेजी से सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर रहा है।
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बीजिंग ताइवान को अपना अलग प्रांत मानता है और इस बात पर जोर देता है कि यदि आवश्यक हो तो बलपूर्वक इसे मुख्य भूमि के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए। हालाँकि, ताइवान खुद को चीन से पूरी तरह अलग मानता है और खुद को स्वतंत्र देश बताता है।
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ताइवान चीन की चुनौतियों का सामना लगातार कर रहा है
एक लेख में, ताइवान के विदेश मंत्री ने कहा कि यूक्रेन पर रूस का आक्रमण इस बात की याद दिलाता है कि कैसे निरंकुशताएं मौत और विनाश के बारे में बहुत कम परवाह करती हैं और वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए इसी तरह के खतरों को रोकना बहुत जरूरी है। उन्होंने लिखा कि ताइवान, एक लोकतंत्र है जो 23 मिलियन से अधिक लोगों का घर है और चीन की चुनौतियों का सामना लगातार कर रहा है।
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जैसे-जैसे चीन की आर्थिक ताकत मजबूत हुई है वह ताइवान को डरा रहा है
लेख में कहा गया है कि ताइवान के लोग दशकों से ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता की यथास्थिति की रक्षा करने में सफल रहे हैं, जिससे शांति बनी रही है। वू ने कहा कि हालांकि, जैसे-जैसे चीन की आर्थिक और सैन्य ताकत मजबूत हुई है, वह ताइवान को डराने के लिए अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने में तेजी से आक्रामक हो गया है, जिससे हमारी लोकतांत्रिक जीवन शैली को खतरा हो रहा है।
उन्होंने लिखा है कि चीन ताइवान के जलक्षेत्र की रेखा के पार युद्धक विमान और जहाज भेजता है साथ ही हमारे वायु रक्षा पहचान क्षेत्रों में अतिक्रमण कर रहा है। इसने लड़ने की हमारी इच्छाशक्ति को कम करने के प्रयास में दुष्प्रचार और आर्थिक जबरदस्ती जैसी ग्रे-जोन रणनीति को भी तेज कर दिया है। ताइवान के विदेश मंत्री ने कहा कि चीन का विस्तारवाद ताइवान तक नहीं रुकता। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा पूर्वी और दक्षिणी चीन सागर में ग्रे-जोन गतिविधियों का उपयोग अपनी शक्ति का विस्तार करने और अपने उग्र क्षेत्रीय दावों को साबित करने के लिए किया गया है।
ताइवान दुनिया के अधिकांश समीकंडक्टर का उत्पादन करता है
उन्होंने कहा कि ताइवान दुनिया के अधिकांश समीकंडक्टर का उत्पादन करता है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। क्षेत्र में किसी भी संघर्ष के वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी परिणाम होंगे। संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक विमर्श के लिए सबसे अच्छा मंच बताते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ताइवान को संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का हिस्सा बनने की अनुमति दी जाए।
ताइवान के विदेश मंत्री वू ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी अक्सर हमारे समय के महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने के लिए संयुक्त समाधान, एकजुटता और समावेशन की बात करते हैं। ताइवान इन प्रयासों में भाग लेने के लिए काफी इच्छुक और सक्षम है। वू ने कहा कि चीन ने अपने अधिकारों का उपयोग करके ताइवान को संयुक्त राष्ट्र से बाहर रखा है।