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Sudan: सूडान सेना को मिली बड़ी सफलता, रैपिड सपोर्ट फोर्सेज विद्रोहियों से वापस लिया रणनीतिक शहर; RSF को झटका
Sat, 11 Jan 2025 10:28 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, खार्तूम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, खार्तूम
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 11 Jan 2025 10:28 PM IST
सार
सूडान की सेना ने वड मदानी नाम के शहर, जो गजिरा प्रांत की राजधानी है, को एक साल से अधिक समय बाद आरएसएफ से छीन लिया है। यह शहर युद्ध के शुरुआती महीनों में विस्थापित परिवारों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल था। सूडान में संघर्ष अप्रैल 2023 में शुरू हुआ, जब सेना और आरएसएफ के नेताओं के बीच बढ़ते तनाव ने राजधानी खार्तूम और देश के अन्य शहरों में खुले युद्ध का रूप ले लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
सूडान की सेना और उसके सहयोगियों ने विद्रोही रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) से एक महत्वपूर्ण शहर को वापस ले लिया है। यह आरएसएफ के लिए बड़ा झटका है, जिसपर अमेरिका ने देश में चल रहे गृहयुद्ध के दौरान नरसंहार करने का आरोप लगाया है। इस युद्ध में 28,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, और कई परिवार भुखमरी के कारण घास खाकर जीवित रहने की कोशिश कर रहे हैं।
आरएसएफ पर नरसंहार करने का आरोप
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इस संघर्ष में जातीय हिंसा, हत्या और दुष्कर्म जैसे भयानक अत्याचार हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच शुरू की है। इस महीने की शुरुआत में बाइडेन प्रशासन ने आरएसएफ और इसके सहयोगियों पर नरसंहार करने का आरोप लगाते हुए आरएसएफ के नेता मोहम्मद हमदान दगालो और यूएई में मौजूद आरएसएफ की सात कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया। इनमें एक कंपनी सूडान से अवैध रूप से सोना तस्करी में शामिल है।
सेना ने एक बयान में कहा कि उसने शनिवार सुबह वड मदानी में प्रवेश किया और अब शहर में बचे विद्रोहियों को साफ करने का काम कर रही है। बयान में कहा गया, 'सशस्त्र बलों और उनके सहयोगियों को बधाई, जिन्होंने हमारी जनता की गरिमा, सुरक्षा और स्थिरता को फिर से हासिल किया'। हालांकि इस मामले में आरएसएफ की तरफ से अभी कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
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आरएसएफ के चंगुल से वड मदानी मुक्त
संस्कृति और सूचना मंत्री और सरकारी प्रवक्ता खालिद अलेइसर ने कहा कि सेना और उसके सहयोगियों ने वड मदानी को 'मुक्त' कर लिया है। यह शहर खार्तूम से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। सेना के सैनिकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए, जिनमें लोग शहर के केंद्र में जश्न मनाते और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगाते दिखे। दिसंबर 2023 में आरएसएफ की तरफ से वड मदानी पर कब्जे के बाद, हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए थे। हाल के महीनों में आरएसएफ को युद्ध के मैदान में लगातार झटके लगे हैं, जिससे सेना को बढ़त मिल गई है। आरएसएफ ने खार्तूम, ओमदुरमन और पूर्वी और केंद्रीय प्रांतों के कई इलाकों पर अपना नियंत्रण खो दिया है।
सूडान से लगभग 1.4 करोड़ लोग घर छोड़ने को मजबूर
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह युद्ध दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन संकट बन गया है। लगभग 1.4 करोड़ लोग, यानी देश की 30% आबादी, अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। इनमें से 32 लाख लोग पड़ोसी देशों जैसे चाड, मिस्र और दक्षिण सूडान में शरण ले चुके हैं। कम से कम पांच क्षेत्रों में भुखमरी की स्थिति पाई गई है, जिनमें पश्चिमी सूडान के दारफुर में विस्थापित लोगों के तीन शिविर भी शामिल हैं। एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी प्रोजेक्ट, इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी क्लासिफिकेशन (आईपीसी) के अनुसार, अगले छह महीनों में पांच और क्षेत्रों में भुखमरी की संभावना है। अन्य कई क्षेत्र भी इस खतरे में हैं।
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आरएसएफ पर नरसंहार करने का आरोप
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इस संघर्ष में जातीय हिंसा, हत्या और दुष्कर्म जैसे भयानक अत्याचार हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच शुरू की है। इस महीने की शुरुआत में बाइडेन प्रशासन ने आरएसएफ और इसके सहयोगियों पर नरसंहार करने का आरोप लगाते हुए आरएसएफ के नेता मोहम्मद हमदान दगालो और यूएई में मौजूद आरएसएफ की सात कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया। इनमें एक कंपनी सूडान से अवैध रूप से सोना तस्करी में शामिल है।
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सेना ने एक बयान में कहा कि उसने शनिवार सुबह वड मदानी में प्रवेश किया और अब शहर में बचे विद्रोहियों को साफ करने का काम कर रही है। बयान में कहा गया, 'सशस्त्र बलों और उनके सहयोगियों को बधाई, जिन्होंने हमारी जनता की गरिमा, सुरक्षा और स्थिरता को फिर से हासिल किया'। हालांकि इस मामले में आरएसएफ की तरफ से अभी कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
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आरएसएफ के चंगुल से वड मदानी मुक्त
संस्कृति और सूचना मंत्री और सरकारी प्रवक्ता खालिद अलेइसर ने कहा कि सेना और उसके सहयोगियों ने वड मदानी को 'मुक्त' कर लिया है। यह शहर खार्तूम से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। सेना के सैनिकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए, जिनमें लोग शहर के केंद्र में जश्न मनाते और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगाते दिखे। दिसंबर 2023 में आरएसएफ की तरफ से वड मदानी पर कब्जे के बाद, हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए थे। हाल के महीनों में आरएसएफ को युद्ध के मैदान में लगातार झटके लगे हैं, जिससे सेना को बढ़त मिल गई है। आरएसएफ ने खार्तूम, ओमदुरमन और पूर्वी और केंद्रीय प्रांतों के कई इलाकों पर अपना नियंत्रण खो दिया है।
सूडान से लगभग 1.4 करोड़ लोग घर छोड़ने को मजबूर
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह युद्ध दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन संकट बन गया है। लगभग 1.4 करोड़ लोग, यानी देश की 30% आबादी, अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। इनमें से 32 लाख लोग पड़ोसी देशों जैसे चाड, मिस्र और दक्षिण सूडान में शरण ले चुके हैं। कम से कम पांच क्षेत्रों में भुखमरी की स्थिति पाई गई है, जिनमें पश्चिमी सूडान के दारफुर में विस्थापित लोगों के तीन शिविर भी शामिल हैं। एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी प्रोजेक्ट, इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी क्लासिफिकेशन (आईपीसी) के अनुसार, अगले छह महीनों में पांच और क्षेत्रों में भुखमरी की संभावना है। अन्य कई क्षेत्र भी इस खतरे में हैं।