फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sudan: Bloody struggle for power in Sudan not new, civil war killed 2.8 million, here is civil war history

Sudan: सत्ता के लिए सूडान में खूनी संघर्ष नया नहीं, गृहयुद्धों ने ली 28 लाख की जान, 68 साल में कब क्या हुआ?

Fri, 28 Apr 2023 04:30 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 28 Apr 2023 04:30 PM IST
विज्ञापन
सार
पूर्वोत्तर अफ्रीका में स्थित देश सूडान 1 जनवरी, 1956 को स्वतंत्रत हुआ था। हालांकि, स्वतंत्रता से कई महीने पहले देश का पहला गृहयुद्ध छिड़ गया। यह संघर्ष देश के उत्तर-दक्षिण भागों के बीच हुआ जो 1972 तक चला।
loader
Sudan: Bloody struggle for power in Sudan not new, civil war killed 2.8 million, here is civil war history
सूडान हिंसा का इतिहास - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सूडान में सेना और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेस के बीच लड़ाई जारी है। फिलहाल दोनों बल 72 घंटे का सीजफायर बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सूडान में लड़ाई में कम से कम 512 लोग मारे गए हैं और 4,193 घायल हुए हैं। अफ्रीकी देश के लिए गृहयुद्ध और संघर्ष कोई नया नहीं है। 1956 में ब्रिटेन और मिस्र से आजाद होने के बाद से यह कई गृहयुद्धों से गुजरा है।

1955-1972: सूडान गृहयुद्ध
1955-1972: सूडान गृहयुद्ध - फोटो : SOCIAL MEDIA
आइये जानते हैं सूडान में संघर्ष की टाइमलाइन... 
1955-1972: गृहयुद्ध के बीच मिली आजादी 
पूर्वोत्तर अफ्रीका में स्थित देश सूडान 1 जनवरी, 1956 को स्वतंत्रत हुआ था। हालांकि, स्वतंत्रता से कई महीने पहले देश का पहला गृहयुद्ध छिड़ गया। यह संघर्ष देश के उत्तर-दक्षिण भागों के बीच हुआ जो 1972 तक चला। 17 साल का संघर्ष पड़ोसी इथियोपिया में हस्ताक्षरित एक संधि के साथ समाप्त हुआ, जिसके तहत दक्षिण को स्वायत्तता प्रदान की गई।

 11 साल बाद 1983 में देश फिर गृहयुद्ध की आग में झोंका गया जब राष्ट्रपति जाफर निमिरी ने दक्षिण की स्वायत्तता को रद्द करने, शरिया कानून लागू करने और दक्षिणी सैनिकों को कुचलने का फैसला किया। निमिरी ने कहा कि दक्षिणी सैनिक विद्रोह कर रहे थे। पहले संघर्ष में लगभग 5 लाख लोग मारे गए।

1983-2005: दूसरा सूडान गृहयुद्ध
1983-2005: दूसरा सूडान गृहयुद्ध - फोटो : SOCIAL MEDIA
1983-2005: दूसरे गृहयुद्ध के बीच सत्ता में आए उमर अल-बशीर
सूडान का दूसरा गृहयुद्ध 1983 में शुरू हुआ जब जॉन गारंग के नेतृत्व में सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट के सैनिकों ने विद्रोह किया। यह विद्रोह खार्तूम में इस्लामवादी सत्ता को एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक 'न्यू सूडान' में बदलने के लिए किया गया। 

1989 में देश में एक तख्तापलट होता है। इसके जरिए इस्लामवादी उमर अल-बशीर सत्ता में काबिज हुए और दक्षिणी विद्रोह पर नकेल कस दी। उधर दक्षिणी गुरिल्ला भी आपस में भिड़े, जिसमें एक गुट दक्षिण को अलग करने की लड़ाई लड़ रहा था। 

वहीं, उत्तरी विद्रोहियों ने पूर्वी सूडान, ब्लू नाइल और नुबा पर्वत में सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोला। अनुमान है कि 22 साल के युद्ध में 20 लाख लोग मारे गए थे और अन्य 40 लाख लोग विस्थापित हुए थे। युद्ध 9 जनवरी, 2005 को समाप्त हुआ, जब गारंग ने बशीर की सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।

उमर अल-बशीर
उमर अल-बशीर - फोटो : SOCIAL MEDIA
2003-2020: दारफुर युद्ध से प्रभावित हुए लाखों लोग 
सूडान का बड़ा पश्चिमी क्षेत्र दारफुर 2003 में युद्ध से घिर गया जब गैर-अरब सशस्त्र गुटों ने नस्लीय भेदभाव, हाशिए और बहिष्कार का आरोप लगाते हुए खार्तूम में सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। इसका जवाब खार्तूम ने खानाबदोश अरब हमलावरों के एक लुटेरा समूह जंजावीद को खदेड़ कर दिया।

इस गुट ने ऊंट और घोड़े पर सवार होकर दारफुरी के गांवों पर हमला किया था। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, पहले पांच वर्षों में संघर्ष की वजह से युद्ध के साथ-साथ बीमारी और कुपोषण से तीन लाख लोगों की जान चली गई। वहीं, लगभग 25 लाख लोग विस्थापित हुए।

2009 और 2010 में अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और दारफुर में किए गए नरसंहार के लिए राष्ट्रपति बशीर के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया। बशीर को 2019 में सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। 31 अगस्त, 2020 को, सरकार और अधिकांश विद्रोही समूहों ने एक ऐतिहासिक शांति समझौता किया, लेकिन छिटपुट झड़पें जारी रहीं।

सूडान में गृहयुद्ध
सूडान में गृहयुद्ध - फोटो : सोशल मीडिया
2023: सेना और अर्धसैनिकों के बीच संघर्ष
सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच 15 अप्रैल से हिंसा की घटनाएं शुरू हो गईं। राजधानी खार्तूम समेत देश के कई हिस्सों में विस्फोट और गोलाबारी की घटनाएं हो रही हैं। सूडानी राजधानी से हजारों निवासी अपनी जान बचाकर भाग गए हैं। विदेशी राजनयिकों पर हमला किया गया है और संयुक्त राष्ट्र के सहायता कर्मियों के खिलाफ यौन हिंसा की खबरें हैं।  

अर्धसैनिक बलों और सेना एक-दूसरे के ठिकानों पर हमला करने के आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस लड़ाई में 500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, 4000 से ज्यादा घायल हुए हैं और कई विस्थापित हुए। लड़ाइयों के कारण आवासीय और व्यावसायिक इमारतों नष्ट हो गए हैं। अपने घरों में रुके नागरिक, खाद्य आपूर्ति में कमी, बिजली कटौती और पानी की कमी के कारण परेशान हो रहे हैं।

सूडान
सूडान - फोटो : SOCIAL MEDIA
सूडान में जारी हिंसा की वजह क्या है?
हालिया हिंसक घटनाओं की जड़ें तीन साल पहले हुआ तख्तापलट से जुड़ी हैं। दरअसल, अप्रैल 2019 में एक विद्रोह के बीच सैन्य जनरलों द्वारा लंबे समय से शासन कर रहे निरंकुश शासक उमर अल-बशीर को सत्ता से बेदखल कर दिया था। तब से सेना एक संप्रभु परिषद के माध्यम से देश चला रही है।

सेना और आरएसएफ प्रतिद्वंद्विता राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के शासन के समय से चली आ रही है। ताजा झड़प की वजह ये है कि सूडान की सेना का मानना है कि आरएसएफ, अर्द्धसैनिकल बल के तहत आती है और उसे सेना में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed