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Peru Protests: पेरू के राष्ट्रपति को पद से हटाने पर उग्र प्रदर्शन, लगाया गया एक सप्ताह का आपातकाल
Thu, 15 Dec 2022 04:03 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एएनआई, लीमा
एएनआई, लीमा
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 15 Dec 2022 04:03 AM IST
सार
पेरू कई वर्षों तक राजनीतिक उथल-पुथल से गुजरा है, जिसमें कई नेताओं पर भ्रष्टाचार, बार-बार महाभियोग के प्रयास और राष्ट्रपति पद के कार्यकाल में कटौती देखी गई है।
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राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो
- फोटो : Agency
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विस्तार
पेरू के रक्षा मंत्री ने महाभियोग लाकर सात दिसंबर को राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो को पद से हटा दिया। जिसको लेकर देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। उग्र प्रदर्शन और सड़क अवरोधों के बीच पेरू सरकार ने राष्ट्रव्यापी आपातकाल की घोषणा की है।
पैदा हो गया था राजनीतिक संकट
पेरू में राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो को पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक संकट की स्थिति पैदा हो गई थी। राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश में आम चुनाव कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी।
जांच में बाधा डालने का आरोप
पेरू कई वर्षों तक राजनीतिक उथल-पुथल से गुजरा है, जिसमें कई नेताओं पर भ्रष्टाचार, बार-बार महाभियोग के प्रयास और राष्ट्रपति पद के कार्यकाल में कटौती देखी गई है। यह नई कानूनी लड़ाई अक्तूबर में शुरू हुई, जब अभियोजक के कार्यालय ने कैस्टिलो के खिलाफ एक सांविधानिक शिकायत दायर की। उन पर आरोप था कि वह एक आपराधिक संगठन से पाए लाभ के लिए जांच में बाधा डाल रहे हैं। बुधवार को पेरू की संसद ने राष्ट्रपति को सत्ता से बेदखल करने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान किया था। 130 सदस्यीय संसद में प्रस्ताव के पक्ष में 101 वोट पड़े, जबकि राष्ट्रपति के समर्थन में मात्र छह। 10 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। सीएनएन के अनुसार पेरू की संवैधानिक अदालत के प्रमुख फ्रांसिस्को मोरालेस ने संसद में महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान से पहले एक भाषण में उपराष्ट्रपति डीना बोलुआर्टे को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने का आदेश दिया। इसके बाद बोलुआर्टे ने कैस्टिलो की संसद भंग करने की योजना को खारिज कर दिया।
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संसद भंग करने के पेड्रो के फैसले की आलोचना
सीएनएन की खबर के अनुसार राष्ट्रपति बोलुआर्टे ने अपने पहले ही भाषण में संसद भंग करने के पेड्रो के फैसले की आलोचना की। बोलुआर्टे ने सांसदों से देश में एक 'यूनिटी गवर्नमेंट (एकता सरकार) बनाने का आग्रह किया। राष्ट्रपति डीना ने सभी दलों से राजनीतिक संघर्ष विराम का आह्वान करते हुए कि वह एकता सरकार के लिए व्यापक बातचीत करेंगी।
अमेरिका संसद भंग करने के खिलाफ था
अमेरिका ने भी पूर्व राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो के संसद भंग करने के फैसले का विरोध किया था। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा था कि हम पेरू में संविधान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का विरोध करते हैं। ऐसा कोई भी कार्य जो पेरू में लोकतंत्र को कमजोर करेगा, हम उसके खिलाफ हैं।
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पैदा हो गया था राजनीतिक संकट
पेरू में राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो को पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक संकट की स्थिति पैदा हो गई थी। राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश में आम चुनाव कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी।
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जांच में बाधा डालने का आरोप
पेरू कई वर्षों तक राजनीतिक उथल-पुथल से गुजरा है, जिसमें कई नेताओं पर भ्रष्टाचार, बार-बार महाभियोग के प्रयास और राष्ट्रपति पद के कार्यकाल में कटौती देखी गई है। यह नई कानूनी लड़ाई अक्तूबर में शुरू हुई, जब अभियोजक के कार्यालय ने कैस्टिलो के खिलाफ एक सांविधानिक शिकायत दायर की। उन पर आरोप था कि वह एक आपराधिक संगठन से पाए लाभ के लिए जांच में बाधा डाल रहे हैं। बुधवार को पेरू की संसद ने राष्ट्रपति को सत्ता से बेदखल करने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान किया था। 130 सदस्यीय संसद में प्रस्ताव के पक्ष में 101 वोट पड़े, जबकि राष्ट्रपति के समर्थन में मात्र छह। 10 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। सीएनएन के अनुसार पेरू की संवैधानिक अदालत के प्रमुख फ्रांसिस्को मोरालेस ने संसद में महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान से पहले एक भाषण में उपराष्ट्रपति डीना बोलुआर्टे को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने का आदेश दिया। इसके बाद बोलुआर्टे ने कैस्टिलो की संसद भंग करने की योजना को खारिज कर दिया।
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संसद भंग करने के पेड्रो के फैसले की आलोचना
सीएनएन की खबर के अनुसार राष्ट्रपति बोलुआर्टे ने अपने पहले ही भाषण में संसद भंग करने के पेड्रो के फैसले की आलोचना की। बोलुआर्टे ने सांसदों से देश में एक 'यूनिटी गवर्नमेंट (एकता सरकार) बनाने का आग्रह किया। राष्ट्रपति डीना ने सभी दलों से राजनीतिक संघर्ष विराम का आह्वान करते हुए कि वह एकता सरकार के लिए व्यापक बातचीत करेंगी।
अमेरिका संसद भंग करने के खिलाफ था
अमेरिका ने भी पूर्व राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो के संसद भंग करने के फैसले का विरोध किया था। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा था कि हम पेरू में संविधान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का विरोध करते हैं। ऐसा कोई भी कार्य जो पेरू में लोकतंत्र को कमजोर करेगा, हम उसके खिलाफ हैं।